181 बेटियों को प्रमाण पत्र वितरित किए
BOL PANIPAT ,28 फरवरी, 2022 : चेतना परिवार ट्रस्ट द्वारा संचालित निशुल्क सिलाई सेंटर, ब्यूटी पार्लर सेंटर एवं कम्प्यूटर सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त बेटियों को प्रमाण पत्र वितरित करने कार्यक्रम का आयोजन श्री सोमभाई हाल, खादी आश्रम, जी.टी. रोड, पानीपत में किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संदीप गोयल, प्रधान, रोटरी पानीपत सैंट्रल, पानीपत द्वारा की गई। इस कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि रेटो मुंज, व्यवसायिक सलाहकार, स्विट्ज़रलैंड एवं स्योना सिंगला , समाज सेविका, स्विट्ज़रलैंड रहे। स्टेज संचालन आचार्य सुश्रुत द्वारा किया गया।
सर्वप्रथम कार्यक्रम के अध्यक्ष संदीप गोयल का सुखबीर शर्मा, विशिष्ट अतिथि रेटो मुंज का गुलशन बत्रा एवं स्योना सिंगला का कुमारी निकिता द्वारा पुष्प गुच्छों से स्वागत किया गया। इसके पश्चात चेतना स्कूल की बेटियों द्वारा अतिथियों के सम्मान में स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।
चेतना परिवार ट्रस्ट की प्रबंध-न्यासी निर्मल दत्त ने अपने स्वागत व्यक्तव्य में कहा कि रोटरी पानीपत सैंट्रल, पानीपत द्वारा चेतना परिवार के वार्षिक समारोह आयोजन करवाने के साथ-साथ समय-समय पर आर्थिक सहयोग किया जाता है। स्विट्ज़रलैंड के मुंज परिवार द्वारा चेतना परिवार ट्रस्ट को पुस्तकें एवं पाठय सामग्री उपलब्ध करवाई जाता है तथा भारत आने पर यह परिवार बच्चों से मिलना कभी नहीं भूलता। उन्होंने आगे बताया कि चेतना परिवार एक ऐसा ट्रस्ट है जो वंचित, अति-पिछड़े, आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों , बेटियों, महिलाओं की शिक्षा, व्यावसायिक प्रषिक्षण एवं सर्वांगीण विकास के लिए प्रयत्नषील रहता है। समाज के एक समान विचारों एवं समर्पित दृष्टिकोण वाले सहयोगियों की निरंतर एवं स्वेच्छा से दिए गए सहयोग से हम यह सब कर पाते हैं। सरकार से किसी प्रकार की ग्रांट या मदद नहीं ली जाती है। उन्होंने आगे बोलते हुए हुए कहा कि महिला शक्ति स्वरूपा हैं और गृहस्थ जीवन की धुरी हैं। वे अपने परिवार में बेटों और बेटियों को बराबर का अधिकार दें । बेटियों को अवश्य पढ़ायें ताकि वे आत्म निर्भर बन सकें। शिक्षा हमें जिंदगी जीने का सलीखा सिखाती है। पढ़ी लिखी बेटियां समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सकती हैं तथा व्यावसायिक प्रषिक्षण लेकर आत्मनिर्भरता के साथ-साथ अपने परिवार को भी आर्थिक सहयोग प्रदान कर सकती हैं। समाज की प्रगति में पूरा योगदान दे सकती हैं। बेटियों में किसी भी स्तर पर कार्यक्षमता बेटों से कम नहीं होती।
आचार्य सुश्रुत द्वारा चेतना परिवार ट्रस्ट की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि ट्रस्ट की स्थापना के पीछे श्रीमती कमला आर्य की सामाजिक सोच एवं प्रेरणा है। दीपचन्द्र निर्मोही इस ट्रस्ट के प्राण कहे जाते हैं। निरंतर अपनी साईकल पर ट्रस्ट के सुचारू रूप से प्रबंधन में लगे रहते हैं, सभी को जोड़कर रखते है। स्वयंसेविकाओं का भी इस कार्य में भरपूर सहयोग रहता है। उन्होंने आगे बताया कि ट्रस्ट द्वारा इस समय 100 चेतना स्कूल, 5 प्रौढ़ शिक्षा केन्द्र एवं 17 प्रशिक्षण केन्द्र चलाए जा रहे हैं, इन प्रशिक्षण केंद्रों में बेटियों को सिलाई, कढ़ाई कार्य के साथ-साथ ब्यूटी पार्लर एवं कम्प्यूटर का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अवसर पर प्रशिक्षित बेटियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
विषिष्ट अतिथि श्री रेटो मुंज ने अपने उद्बोधन में बताया कि लड़कियां निःसंदेह हमारे समाज का एक अनिवार्य हिस्सा है। बेटियों के सम्मान के बिना कोई भी समाज या संस्कृति आगे नहीं बढ़ सकती। कुछ साल पहले तक लोग सोचते थे कि लड़कियों का घर पर रहना चाहिए लेकिन अब मानसिकता बदल चुकी है। देश में अब लड़कियां अपने माता-पिता का नाम रोशन कर रही हैं और वे शिक्षा, खेल, राजनीति आदि जैसे हर क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।
वशिष्ठ अतिथि श्रीमती स्योना शिंगला ने अपने उद्बोधन में बताया कि यह केवल बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के माध्यम से ही सम्भव हो सकता है। चेतना परिवार ट्रस्ट द्वारा बेटियों का जीवन संवारने के लिए एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए जो कार्य किया जा रहा है, इसके लिए उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों को शुभकामनाएं भी दी गई। कुछ बेटियों को उन्होंने उपहार देकर प्रोत्साहित भी किया।
चेेतना परिवार के ट्रस्ट वरिष्ठ न्यासी दीपचन्द्र निर्मोही ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि हर एक बच्चे का यह अधिकार है कि उसे शिक्षा मिले। अगर उनके माता-पिता की स्थिति ऐसी नहीं है कि वे अपने बच्चों कोशिक्षा दिला सके तो ऐसे परिवारों के बच्चों की पढ़ाई में मदद करना हम सबका पुनीत कर्तव्य है। गरीब परिवार की बेटियों को शिक्षित कर उनको आत्मनिर्भर एवं चरित्रवान बनाना सही मायने में देश सेवा है।
अपने अध्यक्षीय उदबोधन में संदीप गोयल ने बताया कि मानव जीवन में कुछ ऐसी आवश्यकताएं हैं कि जिनके बिना वह जीवित नहीं रह सकता है। उन्हीं आवश्यकताओं में एक है ‘‘शिक्षा ’’। शिक्षा हर राष्ट्र के लिए विकास और सशक्तिकरण का आधार हैं। षिक्षा आज की दुनियां की दैनिक गतिविधियों को समझने और भाग लेने मे एक महत्वपूर्ण जरिया है। यह एक सुदृढ़ चरित्र का निर्माण करती है। शिक्षा का यदि सही ज्ञान हो तो समाज में व्यापक समस्यायें जैसे भ्रष्टचार, बेरोजगारी आदि दूर हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि चेतना परिवार ट्रस्ट द्वारा बेटियों को जो व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है उसके कारण वे अपने परिवार, समाज, प्रदेश , देश की प्रगति में अपनी प्रभावी भूमिका अदा कर सकती हैं।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा कुल 181 बेटियों को, जिसमें 111 सिलाई, 63 ब्यूटी पार्लर एवं 7 कम्प्यूटर के प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा सभी केन्द्रों से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली बेटियों एवं उनकी अध्यापिकाओं को पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सिलाई कोर्स में प्रथम शिवानी, ममता, द्वितीय भावना, मिनाक्षी, आरती तृतीया सोनम गिल रही। कम्प्यूटर कोर्स में प्रथम दीप्ति, द्वितीय सोनीया, तृतीय दीक्षा तथा ब्यूटी पार्लर में प्रथम कोमल, द्वितीय अलसिका, तृतीया खुशी रहीं। इस कार्यक्रम में चेतना परिवार ट्रस्ट के पदाधिकारियों, सहयोगी संस्थाओं एवं शहर के गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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