डेंगू-मलेरिया पर जिला प्रशासन सख्त, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई: एडीसी अंकित चौकसे
हर घर, हर वार्ड और हर गांव में चलेगा मच्छरजनित रोगों के खिलाफ अभियान, विभागों को मिली जिम्मेदारी
जनित बीमारियों पर जीरो टॉलरेंस
बरसात के मौसम में सतर्कता बढ़ी, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने शुरू की संयुक्त रणनीति
BOL PANIPAT , 23 जुलाई। बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिला सचिवालय सभागार में वीरवार को अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे की अध्यक्षता में जिला स्तरीय मलेरिया वर्किंग कमेटी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग सहित नगर निगम, शिक्षा, पंचायत, सिंचाई, लोक निर्माण, परिवहन, उद्योग, महिला एवं बाल विकास तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से निर्वहन करें ताकि जिले में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के प्रसार पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि 22 जुलाई तक 8 लाख 54 हजार 763 घरों का सर्वे किया गया। इस दौरान 1 लाख 70 हजार 625 कूलर, 3 लाख 67 हजार 121 पानी की टंकियां, 1 लाख 8 हजार 330 हौदियां, 9 लाख 23 हजार 132 गमले एवं कंटेनरों, 3 लाख 8 हजार 965 टायर व फ्रिज ट्रे तथा 2 हजार 593 स्कूलों का निरीक्षण किया गया। जहां भी मच्छरों का लार्वा मिला, वहां तत्काल एंटी-लार्वा गतिविधियां कर स्रोतों को नष्ट किया गया तथा 529 नोटिस भी जारी किए गए। इसके अलावा 304 स्थानों पर गैम्बूसिया मछलियां छोड़ी गईं ताकि मच्छरों के लार्वा पर प्राकृतिक नियंत्रण रखा जा सके। बैठक में विभिन्न ब्लॉकों में उपलब्ध फॉगिंग मशीनों की समीक्षा की गई तथा निर्देश दिए गए कि डेंगू या मलेरिया का कोई भी मरीज मिलने पर 24 घंटे के भीतर उसके घर और आसपास के क्षेत्र में केस आधारित फॉगिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए। साथ ही अक्टूबर माह तक प्रत्येक वार्ड और गांव में नियमित अंतराल पर फॉगिंग अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
नगर निगम और पंचायत विभाग को जलभराव खत्म करने, नालों की नियमित सफाई, कचरे का समय पर उठान, लोगों को लंबे समय तक पानी जमा न करने के लिए जागरूक करने तथा मुनादी और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग को सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान डेंगू व मलेरिया से बचाव के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने, प्रत्येक रविवार को ड्राई डे मनाने तथा सोमवार को इसकी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक विद्यालय में एक नोडल शिक्षक नियुक्त करने को भी कहा गया। बैठक में निजी अस्पतालों और प्रयोगशालाओं को सभी संदिग्ध एवं पुष्ट डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया मामलों की नियमित सूचना स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। सिंचाई, लोक निर्माण, उद्योग, परिवहन, महिला एवं बाल विकास, ईएसआई अस्पताल तथा अन्य विभागों को भी अपने परिसरों और कार्यस्थलों पर जलभराव रोकने तथा स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने कहा कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव केवल स्वास्थ्य विभाग की नहीं, बल्कि पूरे समाज और सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण, फॉगिंग, एंटी-लार्वा गतिविधियां और जनजागरूकता अभियान पूरी गंभीरता से चलाएं। हमारा लक्ष्य है कि समय रहते मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त कर जिले को वेक्टर जनित बीमारियों से सुरक्षित रखा जाए।
सीएमओ डॉ. विजय मलिक ने कहा कि डेंगू और मलेरिया से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय मच्छरों को पनपने से रोकना है। प्रत्येक नागरिक सप्ताह में एक दिन ड्राई डे अवश्य मनाएं, कूलर, टंकियों, गमलों और अन्य पात्रों में जमा पानी नियमित रूप से बदलें तथा बुखार होने पर तुरंत सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में जांच कराएं। स्वास्थ्य विभाग पूरी मुस्तैदी के साथ सर्वे, एंटी-लार्वा गतिविधियां, फॉगिंग और जागरूकता अभियान चला रहा है तथा सभी विभागों के सहयोग से जिले को सुरक्षित रखने के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा। इस मौके पर सीईओ डॉ किरण, डीडीपीओ राजेश शर्मा, डिप्टी डीईओ सुमन कादयान,जिला प्रोग्राम अधिकारी जिला के अलावा शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

Comments