नवनिर्वाचित सरपंच और पंच इग्नू से करें पंचायत स्तरीय प्रशासन एवं विकास में डिप्लोमा : डा. धर्मपाल
BOL PANIPAT ,18 फ़रवरी : इग्नू क्षेत्रीय केंद्र करनाल के क्षेत्रीय निदेशक प्रभारी डा. धर्मपाल ने बताया कि भारत में पंचायती राज व्यवस्था बहुत पहले से विद्यमान थी। आजादी के बाद इसके पुनरुद्धार के लिए सिफारिशें करने के लिए कई समितियों का गठन किया गया था। विभिन्न स्तरों पर परस्पर विरोधी रुचियों ने अवधारणा के साथ-साथ इसके व्यवहार पर भी ग्रहण लगा दिया। उन्होंने बताया कि दशकों तक चली लंबी बहस के बाद ही संवैधानिक (73वां संशोधन) अधिनियम, 1992 ने भारत में पंचायत राज व्यवस्था को फिर से जीवंत करने के कार्य को रेखांकित किया। डा. धर्म पाल ने बताया कि ऐसी अनेक गतिविधियां हैं जो पंचायतों को सौंपी गई है जिन्हें विकास कार्यकर्ताओं द्वारा विशेषज्ञता और समिन्वत कार्यवाही की आवश्यकता है। इग्नू की दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से पंचायत स्तर के विकास और प्रशासन में पंचायत स्तरीय प्रशासन एवं विकास में डिप्लोमा का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। उन्होंने बताया कि इस डिप्लोमा का उद्देश्य पंचायत स्तर के पदाधिकारियों को आवश्यक ज्ञान, कौशल और स्थानीय लोकतंत्र को मजबूत करने और विकेंद्रीकृत योजना की प्रक्रिया के लिए आवश्यक प्रतिभाओं से लैस करना है।

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