सरकार मधुमक्खी पालकों की आय बढ़ाने के लिए लगातार कर रही नवाचार : उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया
-हरियाणा सरकार की अनूठी पहल: भावान्तर भरपाई योजना में शामिल हुआ शहद
-मधुमक्खी पालकों को मिलेगा आर्थिक संरक्षण, आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
-हर बॉक्स पर आईडी एनग्रेव अनिवार्य, पारदर्शिता और सत्यापन पर जोर
-उपायुक्त ने मधुमक्खी पालकों से योजना का लाभ उठाने की कि अपील
BOL PANIPAT , 8 फरवरी। हरियाणा सरकार ने मधुमक्खी पालकों के हित में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम उठाते हुए शहद को भावान्तर भरपाई योजना के अंतर्गत शामिल कर लिया है। इस पहल से न केवल शहद उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मधुमक्खी पालकों को बाजार में उचित मूल्य न मिलने की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा भी प्राप्त होगी।
योजना के सफल क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा यह अनिवार्य किया गया है कि प्रत्येक मधुमक्खी बॉक्स पर पालक अपनी पी.पी.पी. आईडी के अंतिम चार अंक तथा उसके बाद एक क्रम संख्या (सीरियल नंबर) को खोदकर (एनग्रेव) अंकित करवाएं। एनग्रेविंग के पश्चात मधुमक्खी पालक को जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में सत्यापन हेतु सूचित करना होगा। सूचना मिलने पर विभागीय टीम द्वारा मौके पर सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।
इस संबंध में उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों और पशुपालकों के साथ-साथ मधुमक्खी पालकों की आय बढ़ाने के लिए लगातार नवाचार कर रही है। शहद को भावान्तर भरपाई योजना में शामिल करना इसी सोच का परिणाम है।
उपायुक्त डॉ दहिया ने कहा कि उद्यान विभाग का यह प्रयास निश्चित रूप से मधुमक्खी पालन को एक सशक्त और लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।
डॉ दहिया ने कहा कि इस योजना से मधुमक्खी पालकों को न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसी सुरक्षा मिलेगी और उन्हें अपने उत्पाद के उचित दाम प्राप्त होंगे।
उपायुक्त डॉ. दहिया ने सभी पात्र पालकों से योजना में पंजीकरण कर लाभ उठाने की अपील की।
वहीं जिला बागवानी अधिकारी संदीप नागर ने बताया कि मधुमक्खी बॉक्स पर आईडी और सीरियल नंबर एनग्रेव करवाने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ वास्तविक और सक्रिय मधुमक्खी पालकों तक ही पहुंचे। उन्होंने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाया गया है ताकि पालकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। अधिक जानकारी के लिए पालक टोल फ्री नंबर 1800-180-2021 पर संपर्क कर सकते हैं या उद्यान विभाग, हरियाणा की वेबसाइट एवं क्यूआर कोड के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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