शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सशक्त, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज की नींव है: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
निपुण हरियाणा मिशन को नई गति, हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर प्रशासन का जोर
बुनियादी शिक्षा होगी और मजबूत, उपायुक्त ने तय किया व्यापक कार्ययोजना का रोड मैप
शिक्षा में गुणवत्ता, अनुशासन और नवाचार पर फोकस, जिला स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में बने अहम निर्णय
टीम वर्क, अभिभावक सहभागिता और सतत निगरानी से बनेगा हर विद्यार्थी निपुण
BOL PANIPAT , 22 जुलाई। निपुण हरियाणा मिशन के अंतर्गत जिला स्तरीय कमेटी की बैठक बुधवार को जिला सचिवालय सभागार में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सशक्त, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज की नींव है। हमारा लक्ष्य प्रत्येक बच्चे को मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता में दक्ष बनाना, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण विकसित करना तथा अभिभावकों, शिक्षकों और समाज की साझेदारी से निपुण हरियाणा मिशन को जन आंदोलन का स्वरूप देना है। कोई भी बच्चा सीखने से वंचित न रहे, यही हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। टीमवर्क, सतत निगरानी, नवाचार और सकारात्मक प्रयासों से हम शिक्षा के क्षेत्र में जिले को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
बैठक में जिले में मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) को मजबूत करने, विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त डॉ हरीश ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। बैठक में जिले के सरकारी विद्यालयों की वर्तमान शैक्षणिक स्थिति, वार्षिक आकलन, प्रवेश उत्सव एवं नामांकन अभियान, कक्षा तत्परता कार्यक्रम, मेंटर एवं मॉनिटर विजिट की समीक्षा, अभिभावकों की सहभागिता, निपुण पैरेंट ऐप एवं व्हाट्सएप के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया, दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के लाभार्थियों के सत्यापन, आगामी शैक्षणिक योजनाओं तथा जिला स्टीयरिंग कमेटी के सुझावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि प्रवेश अभियान को निरंतर प्रभावी बनाया जाए ताकि कोई भी पात्र बच्चा विद्यालय से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि कक्षा तत्परता कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों की आधारभूत दक्षताओं को मजबूत किया जाए और जिन विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग की आवश्यकता है, उनके लिए विशेष सुधारात्मक शिक्षण योजना तैयार की जाए। उपायुक्त ने मेंटर एवं मॉनिटर व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण, कक्षाओं का अवलोकन तथा विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति का सतत मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाए। अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए निपुण पैरेंट ऐप और व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग करने तथा विद्यालयों और परिवारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया गया।
बैठक में दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के लाभार्थियों के सत्यापन कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा करने, पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, विद्यालयों में आधुनिक शिक्षण संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा श्रेष्ठ शैक्षणिक नवाचारों को सभी विद्यालयों तक पहुंचाने पर भी चर्चा हुई। साथ ही संपर्क टीवी और डिजिटल शिक्षण संसाधनों के बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए ताकि विद्यार्थियों को तकनीक आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिले के सभी बच्चों का हीमोग्लोबिन कार्ड तैयार किया जाए, चाहे वे सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत हों या निजी विद्यालयों में। उन्होंने कहा कि स्वस्थ विद्यार्थी ही बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं, इसलिए स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों को समान प्राथमिकता दी जाए। उपायुक्त ने विद्यालयों में प्रतिदिन प्रार्थना सभा के दौरान आज की खबर, आज का विचार और संविधान की मूल भावना पर आधारित गतिविधियां आयोजित करने का निर्देश दिया। इसके लिए विद्यालय स्तर पर नियमित कार्यक्रम तैयार किया जाए, जिससे विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित हो।
उपायुक्त डॉ. हरीश ने सभी विद्यालयों में शौचालयों सहित मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने, सेवानिवृत्त शिक्षकों, पूर्व प्राचार्यों एवं समाज के जागरूक नागरिकों का सहयोग लेकर शिक्षा अभियान को जनभागीदारी से जोडऩे तथा कमजोर एवं असफल विद्यार्थियों को विशेष रूप से प्रेरित कर मुख्यधारा से जोडऩे के निर्देश दिए। उन्होंने नशा मुक्ति के प्रति विद्यार्थियों और समाज को जागरूक करने के लिए विद्यालय स्तर पर विशेष गतिविधियां एवं जागरूकता शिविर आयोजित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में जिला परिषद चेयरमैन ज्योति शर्मा, एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा, सिविल सर्जन डॉ. विजय मलिक, डीडीपीओ राजेश शर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नीलम कुंडू, मनीष गुप्ता, जिला एफएलएन समन्वयक अनिल मलिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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