सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
सेवा सेतु शिविर जनसमस्याओं के समाधान और सरकारी सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम
BOL PANIPAT , 15 अक्टूबर। केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला प्रशासन द्वारा आमजन की समस्याओं का समाधान करने और पात्र नागरिकों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से गांवों में सेवा सेतु शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से प्रशासन स्वयं ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहा है और विभिन्न विभागों की सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवा रहा है।
इसी कड़ी में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ के दिशा-निर्देशानुसार वीरवार को बापौली खंड के गांव उझा में सेवा सेतु शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 47 लोगों ने विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें दर्ज कराईं। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई के लिए संज्ञान लिया।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र नागरिक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा, जब जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर सहायता पहुंचे और उसे सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। इसी सोच के साथ सेवा सेतु शिविरों के माध्यम से प्रशासन को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सेवा सेतु शिविर केवल शिकायतें सुनने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास, संवाद और जवाबदेही को मजबूत करने की महत्वपूर्ण पहल हैं। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध रहते हैं, जिससे ग्रामीणों को अपनी समस्याएं रखने, योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने और संबंधित सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा मिलती है। इससे लोगों का समय बचता है और सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत भी कम होती है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में प्राप्त प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए। शिकायतों के निपटारे में अनावश्यक देरी न हो और प्रत्येक मामले में निर्धारित नियमों के अनुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और तत्परता बेहद जरूरी है। प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनें और उनके समाधान के लिए पूरी गंभीरता से कार्य करें।
ध्यान रहे कि गांव उझा में आयोजित सेवा सेतु शिविर में समाज कल्याण एवं न्याय अधिकारिता विभाग, जिला समाज कल्याण विभाग, रेडक्रॉस, महिला एवं बाल विकास विभाग, अंत्योदय, स्वास्थ्य विभाग, क्रीड, बिजली विभाग, महिला विकास निगम, हरियाणा राज्य आजीविका मिशन, हरियाणा एग्रो इंडस्ट्री तथा उद्यान विभाग सहित विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए।
इन स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को संबंधित विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं और सुविधाओं की जानकारी दी गई। साथ ही, ग्रामीणों की शिकायतें सुनकर संबंधित विभागों के अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई के लिए संज्ञान लिया। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों से जुड़ी सेवाएं और जानकारी उपलब्ध करवाई गई, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं तक पहुंच बनाने में सुविधा मिली।

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