पर्यावरण संरक्षण केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व: शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा
प्रकृति का संरक्षण ही मानव जीवन की सुरक्षा का सबसे मजबूत आधार: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
प्रकृति बचेगी तो भविष्य सुरक्षित रहेगा: पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह
साइकिल बनी हरित क्रांति की पहचान, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने दिया पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश
7 किलोमीटर की साइकिल यात्रा से गूंजा हरित हरियाणा का संकल्प, स्वच्छ पर्यावरण के लिए जनता को किया प्रेरित
पर्यावरण बचाने के लिए सडक़ पर उतरे मंत्री, अधिकारी और नागरिक, साइकिल यात्रा बनी जन जागरूकता का प्रेरक अभियान
BOL PANIPAT , 17 जुलाई। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए शुक्रवार का दिन पानीपत में प्रेरणादायक और उत्साह से भरपूर रहा। हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के नेतृत्व में उनके निवास एल्डिको से स्थानीय आर्य पीजी कॉलेज तक लगभग 7 किलोमीटर लंबी साइकिल रैली निकाली गई। सुबह करीब 9:30 बजे शुरू हुई यह साइकिल रैली जीटी रोड से होती हुई लगभग 10 बजे आर्य पीजी कॉलेज परिसर पहुंची। यात्रा में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, युवाओं, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों नागरिकों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संदेश दिया।
साइकिल रैली के दौरान पूरा मार्ग पर्यावरण बचाने और हरियाली बढ़ाने के संदेशों से गूंजता रहा। बड़ी संख्या में साइकिल सवारों के साथ कुछ प्रतिभागी स्कूटी और अन्य सहयोगी वाहनों के माध्यम से भी रैली का हिस्सा बने। लोगों ने रास्ते भर स्वच्छ वातावरण, प्रदूषण नियंत्रण और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का आह्वान किया। नागरिकों में विशेष उत्साह देखने को मिला और कई स्थानों पर लोगों ने हाथ हिला कर यात्रा का स्वागत भी किया।

शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। यदि हमें अपनी आने वाली पीढिय़ों को स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और हरियाली से भरपूर धरती देनी है तो आज ही अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना होगा। छोटी-छोटी आदतें, जैसे छोटी दूरी के लिए साइकिल का उपयोग, अधिक से अधिक पौधारोपण और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, भविष्य को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि साइकिल केवल एक साधन नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण का प्रतीक है। यदि समाज सामूहिक रूप से पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाए तो प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि बढ़ता प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन आज हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल हैं। इनका समाधान केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से संभव है। प्रत्येक नागरिक यदि एक पौधा लगाए, पानी की बचत करे, प्लास्टिक का उपयोग कम करे और छोटी दूरी के लिए साइकिल अपनाए तो पर्यावरण संरक्षण का अभियान जन आंदोलन बन सकता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण ही मानव जीवन की सुरक्षा का सबसे मजबूत आधार है।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि स्वस्थ समाज की नींव स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण पर टिकी होती है। साइकिल चलाने से न केवल प्रदूषण कम होता है, बल्कि लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक नागरिक ही एक मजबूत और जिम्मेदार समाज का निर्माण करते हैं। आज की यह साइकिल रैली लोगों को यह संदेश देती है कि हर व्यक्ति अपने स्तर पर छोटा-सा प्रयास करके भी प्रकृति की रक्षा में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
रैली के दौरान युवाओं और विद्यार्थियों का उत्साह विशेष रूप से देखने को मिला। प्रतिभागियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि जीवनभर निभाई जाने वाली जिम्मेदारी है। सभी ने अधिक से अधिक पौधे लगाने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, जल संरक्षण करने और दैनिक जीवन में साइकिल के प्रयोग को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
विदित रहे कि पर्यावरण का मानना है कि तेजी से बढ़ते प्रदूषण, घटते भूजल स्तर और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए समाज को प्रकृति के प्रति अधिक संवेदनशील बनने की आवश्यकता है। ऐसे जन जागरूकता अभियान लोगों में सकारात्मक सोच विकसित करते हैं और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का आंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यह साइकिल यात्रा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि स्वच्छ, हरित और स्वस्थ हरियाणा के निर्माण का सामूहिक संकल्प बनकर सामने आई। मंत्री, प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों की साझा भागीदारी ने यह संदेश दिया कि यदि समाज और सरकार मिलकर प्रयास करें तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य निश्चित रूप से हासिल किया जा सकता है।

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