सभी को मानक ब्यूरो से सम्बंधित वस्तुओं की खरीद ही करनी चाहिए : उपायुक्त
BOL PANIPAT, 28 जुलाई। उपायुक्त वीरेन्द्र कुमार दहिया ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में उपभोक्ता मामले खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय भारत सरकार के भारतीय मानक ब्यूरो से सम्बंधित बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि विकास के लिए मानकीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी को मानक ब्यूरो से सम्बंधित वस्तुओं की खरीद ही करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा प्रशिक्षण देने का भी प्रावधान भी किया गया है। आईटीआई के विद्यार्थियों के लिए भी प्रशिक्षण देने बारे संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
उन्होंने बीआईएस केयर ऐप और वस्तुओं के मानकीकरण, अंकन और गुणवत्ता प्रमाणन की गतिविधियों के विकास के लिए बीआईएस द्वारा की गई अन्य पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विभाग स्तर पर भी आयोजित किये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे देश को एक विकसित अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने के लिए खुद को नई प्रौद्योगिकियों से परिचित कराना समय की मांग है। उन्होंने अधिकारियों से सार्वजनिक आउटरीच कार्यक्रमों के दौरान जनता के बीच भारतीय मानक ब्यूरो को लेकर जागरूकता फैलाने का भी आग्रह किया।
बीआईएस-एचआरबीओ के संयुक्त निदेशक दीपक कुमार ने बैठक में बीआईएस के कामकाज की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बीआईएस देश के गुणवत्ता पारिस्थितिकी तंत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है और मानकों और विभिन्न अनुरूपता मूल्यांकन योजनाओं के निर्माण के माध्यम से उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है। बीआईएस प्रमाणीकरण का मतलब गुणवत्ता, सुरक्षा की तीसरे पक्ष की गारंटी प्रदान करना है। इससे उपभोक्ताओं के लिए उत्पादों की विश्वसनीयता बनती है।
बीआईएस के सहायक निदेशक निखिल एन चंद्रात्रे ने विभाग के विशिष्ट मानकों, मानक निर्माण, उत्पाद प्रमाणन, हॉलमार्किंग और अनिवार्य पंजीकरण योजना पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बीआईएस के नो योर स्टैंडर्ड पोर्टल का प्रदर्शन किया, जिसके माध्यम से मानकों को आसानी से खोजा और नि:शुल्क डाउनलोड किया जा सकता है। उन्होंने आईएसआई चिह्नित उत्पादों और हॉलमार्क वाले आभूषणों की प्रमाणिकता की जांच करने के लिए उदाहरणों के माध्यम से मैनकोनलाइन पोर्टल और बीआईएस केयर ऐप का भी प्रदर्शन किया। उन्होंने बीआईएस मानक चिह्न के दुरुपयोग और गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के उल्लंघन के लिए बीआईएस अधिनियम 2016 के तहत दंडात्मक प्रावधानों, बीआईएस प्रमाणित उत्पादों से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए तंत्र और उपभोक्ताओं को मुआवजे के प्रावधान के बारे में भी बताया।
उन्होंने ग्राहकों के लिए गुणवत्तापूर्ण उत्पाद लाने में बीआईएस की विभिन्न पहलों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का लक्ष्य और उद्देश्य जिला स्तर पर विभागाध्यक्षों को भारतीय मानकों, घटिया उत्पादों की जांच करने के लिए गुणवत्ता मापदंडों के बारे में जागरूक करना, बीआईएस प्रमाणित उत्पादों की खरीद की सुविधा प्रदान करना और गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों को अनिवार्य रूप से बीआईएस मानक का अनिवार्य उपयोग करना है। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग और सरकारी आईटीआई सहित विभिन्न विभागों के लगभग 30 अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सीटीएम राजेश कुमार सोनी भी उपस्थित रहे।

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