20 को देशभर के किसान करेंगे संसद कूच: रतनमान
किसान भवन में किया मासिक किसान पंचायत का आयोजन
केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करके अपनी आवाज को किया बुलंद.
BOL PANIPAT , 28 फरवरी: भारतीय किसान यूनियन(भाकियू) ने संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 20 मार्च को दिल्ली में संसद कूच करने की तैयारियां जोरशोर से शुरू कर दी है। सरकार की वादाखिलाफी एमएसपी पर खरीद गारंटी कानून न बनाने सहित अन्य मांगों को पूरा कराने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 20 मार्च को दिल्ली में संसद कूच करने का निर्णय लिया। जिसको कामयाब बनाने के लिए किसान भवन में भाकियू के तत्वाधान में मासिक किसान पंचायत का आयोजन किया गया। किसान पंचायत की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने की। इस दौरान उपस्थित किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करके अपनी आवाज को बुलंद्व किया। संसद कूच को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं को जिमेंदारी सौंपी गई। रतनमान ने कहा कि संसद कूच को लेकर किसानों में भारी उत्साह है। जिसके चलते किसानों से जनसंपर्क किया जा रहा है। भाकियू नेता लगातार लोगों को सरकार की किसान विरोधी नीतियों से अवगत करा रहे हैं। जगह-जगह किसान 20 मार्च को दिल्ली पहुंचने का आह्वान कर रहे है।
भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतनमान व पानीपत जिलाध्यक्ष सोनू मालपूरिया ने किसान पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों ने मांगों को लेकर करीब सवा साल पहले दिल्ली के बॉर्डर पर १३ महीने तक आंदोलन किया था। इस आंदोलन के दौरान किसानों को बदनाम करने के प्रयास किए गए। लेकिन किसान एकता के सामने सरकार में बैठे हुए भाजपा नेताओं की कूचालें कामयाब नहीं हुई। आखिरकार प्रधानमंत्री ने माफी मांग कर तीन कृषि कानूनों को वापिस लेने का ऐलान कर किसानों की अन्य मांगों को सरकार द्वारा मान लेने की घोषनाएं की थी। सरकार घोषणाएं आज तक पूरा नहीं किया गया। न तो एमएसपी पर खरीद गारंटी कानून बनाए गए और न ही बिजली बिल २०२० और पराली जलाने सहित अन्य किसान विरोधी कानूनों को वापस नहीं लिया गया। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार किसान हितेषी होने की झूठी एवं नकली बातें कर रही है। जमीनी हकीकत में सरकार के वायदे फ्लॉप साबित हो रहे हैं। किसान नेताओं ने जोर देकर कहा कि किसानों में सरकार की नीतियों को लेकर गहरा आक्रोश है।
भाकियू प्रदेशाध्य रतनमान ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की कुरुक्षेत्र में हुई बैठक में सरकार की वादाखिलाफी और अन्य मांगों को लेकर 20 मार्च को दिल्ली संसद घेराव करने का निर्णय लिया गया था। इसे सफल बनाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के सभी घटक दल जनसंपर्क अभियान में लग हुए है। जगह-जगह जाकर लोगों को सरकार की किसान एवं आम जन विरोधी नीतियों से अवगत करवा कर 20 मार्च को दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों एवं आम जनता में सरकार की नीतियों के खिलाफ ना केवल आक्रोश है, बल्कि सत्ता में बैठे हुए नेताओं को सबक सिखाने के लिए कठोर निर्णय लेने के लिए दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने इस बार किसानों की मांगें नहीं मानी तो 2024 के चुनाव में किसान संगठन भी बड़ा एवं कड़ा फैसला ले सकते हैं। सत्ता में बैठे हुए नेताओं ने किसानों के साथ विश्वासघात किया है। किसानों की आय दोगुनी करने के दावे भी हवा हवाई निकले है। किसानों को स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का प्रधानमंत्री का वायदा तो आज तक भी पूरा नहीं किया गया। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने जोर देकर कहा कि अब किसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के नेताओं के बहकावे में नहीं आएंगे। अब किसान अपना हक लेकर रहेंगे वरना लोकतंत्र में वोट की ताकत से झूठ बोलने वालों को बड़ा सबक सिखाएंगे। जिला जींद के अध्यक्ष बारूराम ने बताया कि आने वाली 10 मार्च को जींद की जाट धर्मशाला में दिली कूच को कामयाब बनाने के लिए किसान पंचायत का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रदेश संगठन मंत्री शाम सिंह मान, सतपाल दिलोंवाली, प्रवता रामराजी ढूल, किसान नेता कर्म सिंह, नरवैर सिंह, रूप सिंह, मदनलाल बपदा, धर्मबीर नेहरा, कृष्णदत शर्मा, प्रताप माजरा, सुरेंद्र सिंह घुममन, रामदुरेजा, रणधीर सिंह सहित काफी संख्या में किसान मौजूद थे।

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