Monday, June 1, 2026
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पानीपत के विभिन्न गांवों में किसान जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at May 12, 2023 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT , 12 मई। कृषि तथा किसान कल्याण विभाग की ओर से हरियाणा सरकार की जल संरक्षण एवं भुमिगत जल स्तर को सुधारने की दिशा में चलाई जा रही स्कीम के अंतर्गत धान की सीधी बिजाई डीएसार पर पानीपत के विभिन्न खण्डो के गाँव राकसेडा, कैत, बराना, रसलापुर, कवि में किसान जागरूकता शिविरो का आयोजन किया गया।
शिविर में कृषि विज्ञान केन्द्र, उझा के कृषि वैज्ञानिक डा0 राजबीर गर्ग, डा0 सतपाल, डा0 मोहित, डा0 राजेश, डा0 सुनील ने कृषि तथा किसान कल्याण विभाग के कृषि अधिकारियों के साथ मिलकर अपने-अपने अनुभव किसानों के साथ साझा किए। उन्होने बताया कि धान की सीधी बिजाई दो तरीको से होती हैं। पहली तो बिना पलेवा करे व दूसरी पलेवा करके, जब खेत बत्त्र आ जाये। धान के बीज को स्ट्रेप्टोसाइक्लिन एंवम ईमिशन दवाई से उपचारित करके डीएसआर मशीन द्वारा खेत में दो से तीन से0मी0 की गहराई पर बिजाई की जाती है। बिजाई के 72 घंटे के अंदर खरपतवार नाशी दवा पेंडीमिथालिन (स्टॉम्प) 1300 मि0ली0 प्रति एकड का प्रयोग किया जाता है। खेत में सिचाई 7-10 दिनो के बीच जरूरत पडने पर की जाती है। इस प्रकार से हम लगभग 20-25 प्रतिशत पानी की बचत कर सकते है। रोपित धान की बजाए, सीधी बिजाई से ज्यादा लाभ ले सकते है।
कृषि तथा किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि इस कडी में अब तक जिला पानीपत को वर्ष 2023-24 (खरीफ) में 15000 एकड धान लगाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके तहत अब तक जिले में तीन हजार एकड का पंजीकरण हो चूका हैं व जिले के विभिन्न खण्डो के 20 गाँवो में किसानों को धान की सीधी बिजाई के फायदे विस्तार पुर्वक बताए जा चूके है। किसानो को धान कि सीधी बिजाई कि तकनीक से धान लगाने पर विभाग द्वारा चार हजार रूपये प्रति एकड का लाभ दिया जाता है। डीएसआर मशीन की खरीद पर चालीस हजार रूपये अनुदान राशि किसानों को दी जा रही है। इसके अलावा धान की सीधी बिजाई, पानी की बचत के साथ-साथ कम लागत में ज्यादा मुनाफा और वातावरण को प्रदुषित होने से बचाती है।

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