Thursday, August 20, 2026
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कृषि यंत्रों के अनुदान से किसानों को पराली प्रबंधन में मिलेगी बड़ी मदद: नगराधीश टीनू पोसवाल

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at August 20, 2026 Tags: , , , , , ,

सुपर सीडर के 74 और स्ट्रॉ बेलर के 19 लाभार्थियों का ऑनलाइन ड्रॉ निकाला

ड्रा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का रखा गया पूरा ध्यान

फसल अवशेष प्रबंधन को मिलेगा बल

BOL PANIPAT , 20 अगस्त। फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत जिला सचिवालय सभागार में गुरुवार को ऑनलाइन ड्रॉ निकाला गया। नगराधीश टीनू पोसवाल की मौजूदगी में जिला स्तरीय कार्यकारी समिति (डीएलईसी) तथा किसानों की उपस्थिति में ड्रॉ की प्रक्रिया पूरी की गई।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अनुसार, कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए विभागीय पोर्टल पर कुल 577 आवेदन प्राप्त हुए थे। फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत फसल अवशेष प्रबंधन के लिए निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार सामान्य श्रेणी में सुपर सीडर के 74 तथा स्ट्रॉ बेलर के 19 लाभार्थी किसानों का चयन किया जाना था। इन्हीं कृषि यंत्रों के लिए पात्र आवेदकों में से ऑनलाइन ड्रॉ के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया गया।

नगराधीश टीनू पोसवाल ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ड्रॉ की प्रक्रिया में सभी निर्धारित नियमों और पात्रता शर्तों का पालन सुनिश्चित किया गया है। किसानों को कृषि यंत्रों पर मिलने वाला अनुदान न केवल उनकी आर्थिक मदद करेगा, बल्कि फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से किसान फसल अवशेषों को खेत में जलाने के बजाय उनका उचित प्रबंधन कर सकेंगे। इससे मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि योजनाओं का लाभ वास्तविक और पात्र किसानों को समयबद्ध तरीके से मिले।

कृषि विभाग के सहायक अभियंता सुधीर ने बताया कि योजना के तहत आवेदक किसान अथवा उनके परिवार के किसी सदस्य ने पिछले तीन वर्षों के दौरान किसी भी योजना के तहत संबंधित कृषि यंत्र पर अनुदान न लिया हो।

नगराधीश ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली न जलाकर उपलब्ध कृषि तकनीकों का इस्तेमाल करें और पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

इस मौके पर एलडीएम जितेंद्र, कृषि विज्ञान केंद्र से डॉक्टर राजेश कुमार के अलावा किशन मौजूद रहे।

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