Saturday, April 18, 2026
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फसल अवशेष प्रबंधन अपना कर प्राप्त करें प्रोत्साहन राशि : डीसी डा. वीरेद्र दहिया

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at November 4, 2024 Tags: , , , , ,

-वायु प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करें किसान

BOL PANIPAT , 4 नवंबर।  धान उत्पादक किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए हरियाणा सरकार एक हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगी।
  उपायुक्त डाक्टर वीरेद्र कुमार दहिया ने यह जानकारी देते हुए बताया कि किसान धान की कटाई के बाद अपने खेत में आग ना लगाएं। आग लगाने से वायु प्रदूषण होता है और मिट्टी के पोषक तत्व भी नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने  कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन योजना एसबी-82, 2024-25 के तहत अवशेषों को मशीनों की सहायता से मिट्टी में मिलाने पर किसानों को प्रति एकड़ एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है।
उपायुक्त ने कहा कि धान अवशेषों को मिट्टी में मिलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढेगी तथा वातावरण को स्वच्छ रखने में सहायता मिलेगी। जिला के किसान हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, रिवर्सेबल एमबी प्लॉव व जीरो टिल सीड ड्रील की सहायता से धान अवशेषों को मिट्टी में मिलाकर प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आवेदक किसान को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है ।
उपायुक्त ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसान को विभागीय पोर्टल एग्रीहरियाणा.जीओवी.इन पर  आवेदन करना होगा। ग्राम स्तरीय कमेटी (वीएलसी) से सत्यापन करवाना होगा तथा जीपीएस लोकेशन के साथ फसल प्रबंधन की फोटो अपलोड करनी होगी। उसके बाद पात्र किसानों को प्रोत्साहन राशि का लाभ दे दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जो किसान पराली को जलाएंगे, उन पर 2500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। एफआईआर दर्ज होगी व मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर एंट्री दर्ज कर दी जाएगी।  

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