एस.डी.पीजी कॉलेज पानीपत में 56वां राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस का भव्य आयोजन
–42 एनएसएस स्वयसेवकों को वर्ष 2023-24 की उपलब्धियों और योगदान के लिए किया गया सम्मानित
BOL PANIPAT , 24 सितम्बर,
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में 56वां राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस धूम-धाम से मनाया गया. कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ एनएसएस स्वयंसेवकों को वर्ष 2023-24 में हासिल की गई उपलब्धियों और योगदान के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविधालय मेरिट सर्टिफिकेट्स और अवार्ड से सम्मानित किया गया. इस अवसर पर ISKCON (इस्कॉन) हरियाणा मुख्यालय, कुरुक्षेत्र एवं एस.डी. (पीजी) कॉलेज, पानीपत में MOU Sign किया गया. इसका उद्देश्य है कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवा को समाज निर्माण व राष्ट्र निर्माण में योगदान प्रदान करने का अवसर एवं सहयोग देना है. युवा समाज व राष्ट्र की और जागरूक हो इस हेतु युवा का राष्ट्रीय संस्कृति से जुड़ना अति आवश्यक है. भारत की राष्ट्रीय संस्कृति हमारी आध्यात्मिक संस्कृति है जो वसुधैव कुटुंबकम पर आधारित है एन.एस.एस. Motto भी यही है की NOT BE BUT YOU अर्थात ‘मैं नहीं परंतु आप’. आध्यात्मिक चेतना व प्रेरणा से हमारे युवा राष्ट्रीय कार्य को अपनी भूमिका के प्रति जागरूक हों, हमारे युवा का संस्कार शुद्ध हो, उसे अपने सभी प्रकार के दायित्वों का बोध हो, इन उद्देश्यों से महाविद्यालय समान दृष्टिकोण वाले आध्यात्मिक संगठनों के सहयोग को लेने को तत्पर है. इस हेतु ISKCON (इस्कॉन) संगठन जो अनेक दशकों से अति सुंदर सेवा भाव से समाज को भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं से सिंचित कर रहा है. उनके साथ MOU Sign किया गया है. इसके अंतर्गत गीता ओलंपियाड व अनेक श्रीमद् भागवत गीता पर आधारित कार्यक्रमों का आयोजन महाविद्यालय में किया जाएगा. इस अवसर पर विशेष रूप से हरियाणा मुख्यालय, कुरुक्षेत्र, उप प्रधान मोहन प्रभु का इस्कॉन से ही प्रहलाद , चंद्र चारू , मोहन , सुंदरलाल चुघ व अशोक गोयल का भी महाविद्यालय में आगमन हुआ. मोहन प्रभु ने लगभग 400 विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत गीता में जीवन का सार भी है, जीवन शैली भी है, जीवन का उद्देश्य भी है और उद्देश्य साधन की पद्धति भी है. श्रीमद् भागवत गीता एक संपूर्ण ग्रंथ है. यह परमात्मा की वाणी है. इसमें प्रत्येक समय प्रत्येक समस्या का समाधान अंतर्निहित है. उन्होंने एस.डी. (पीजी) कॉलेज पानीपत की इस सोच को कि युवा को आध्यात्मिक मूल्यों के साथ जोड़ा जाए इसकी सराहना भी की. उन्होंने कहा कि इस्कॉन और कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में हम एक आदर्श समाज निष्ठ व राष्ट्र निष्ठ युवा पीढ़ी का विकास कर पाएंगे.
डॉ. संगीता गुप्ता, विभागाध्यक्ष, इतिहास को इस्कॉन व कॉलेज के बीच MOU का कार्यक्रम अधिकारी नियुक्त किया गया. संगीता गुप्ता ने कहा कि यह अति हर्ष का विषय है कि इस्कॉन के माध्यम से हमारे विद्यार्थी आध्यात्मिक संस्कार से जुड़ पाएंगे. हमारे विद्यार्थी आध्यात्मिक प्रेरणा व संस्कारों से समाज के राष्ट्रीय कार्यों में संलग्न हो. आधुनिक युवा पीढ़ी पर इस प्रयोग की अति आवश्यकता है.
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कॉलेज गवर्निंग बॉडी के प्रधान दिनेश कुमार और कोषाध्यक्ष विशाल गोयल रहे. माननीय मेहमानों का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, एनएसएस प्रभारी डॉ राकेश गर्ग और डॉ संतोष कुमारी ने किया. एनएसएस सांस्कृतिक स्टार का पुरस्कार गोल्डी को, सर्वश्रेष्ठ फोटोग्राफर का अवार्ड सूरज को सक्रीय स्वयसेवक एवं लेखनी का पुरस्कार मोहम्मद जाहिद और सर्वश्रेष्ठ एनएसएस स्वयसेवक का अवार्ड सौरभ ने हासिल किया. इनके साथ ललित, अभिषेक, सौरभ पाण्डेय, विशाल मित्तल, नेहा और सरबजीत को भी उनकी उत्कृष्ठ सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया. मनाली (हिमाचल प्रदेश) में आयोजित एडवेंचर कैंप के लिए अभिषेक, मनीषा व गगन को, नासिक महाराष्ट्र में आयोजित 27वां युवा महोत्सव में भाग लेने के लिए दीपक, एन.एस.एस. नेशनल अवार्डी व सौरभ और स्वतंत्रता दिवस समारोह, लाल किला, नई दिल्ली में भाग लेने पर सौरभ व नेहा को सम्मानित किया गया. आज आयोजित समारोह में कुल 42 एनएसएस स्वयंसेवकों को केयूके मेरिट सर्टिफिकेट्स भेंटकर सम्मानित किया गया. ज्ञात रहे की एसडी पीजी कॉलेज एनएसएस यूनिटस ने 2023-24 के सत्र में सामाजिक और मानव हित के कई क्षत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया. समाज और देश हित के कितने ही कार्यक्रम और गतिविधियाँ कॉलेज की दोनों यूनिट्स ने किये जिनमे गोद लिए गाँव में जाकर स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण अभियान, साक्षरता अभियान, स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रम, नशा मुक्ति के अभियान आदि शामिल रहे. वृक्षारोपण करना तथा युवाओं को ट्रेफिक के नियमों के प्रति जागरूक बनाना जैसे कार्यों को भी एनएसएस यूनिटस ने कुशलता के साथ किया. कॉलेज एनएसएस यूनिट्स रक्तदान शिविर और स्वास्थ्य जांच कैम्पस के आयोजनों का हिस्सा रही है. गरीब और झुग्गी-झोपडी में रहने वाले बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा एनएसएस कार्यकर्ताओं ने कुशलता के साथ निभाया है. कुरुक्षेत्रविश्व विधालय द्वारा जारी इन सर्टिफिकेट्स को हासिल करने वाले एनएसएस कार्यकर्ताओं को भविष्य में दाखिलों और नौकरी पाने में विशेष लाभ मिलेगा. सांस्कृतिक गतिविधियों ने आज के कार्यक्रम में समां बाँधा.
दिनेश कुमार, प्रधान ने एनएसएस स्वयंसेवकों की उपलब्धियों पर ख़ुशी व्यक्त करते हुए कहा कि कॉलेज एनएसएस यूनिटस ने नियमित और विशेष कैंपिंग कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को सामूहिक रूप से समस्याओं का सामना करना सिखाया है. पर्यावरण संवर्धन एवं संरक्षण, स्वास्थ्य, गांवों की तस्वीर बदलनी हो या फिर सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाना हो हर कार्य में कॉलेज एनएसएस स्वयसेवकों ने बेमिसाल भूमिका निभाई है. समस्त एनएसएस स्वयंसेवक बधाई के पात्र है. कुरुक्षेत्रविश्व विधालय द्वारा जारी इन सर्टिफिकेट्स को हासिल करने वाले एनएसएस कार्यकर्ताओं को भविष्य में दाखिलों और नौकरी पाने में विशेष लाभ मिलेगा.
विशाल गोयल, कोषाध्यक्ष ने कहा कि एनएसएस के विद्यार्थीयों का कॉलेज में एक महत्वपूर्ण स्थान है. कार्यकर्ताओं को केवल मात्र सर्टिफिकेटस हासिल करने के लिए एनएसएस से नहीं जुड़ना चाहिए. विद्याथियों को चाहिए कि वे एनएसएस से जुड़कर इसके कैंपस और अन्य कार्यक्रमों में पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ भाग लें और समाज को बदलने में अपनी भूमिका का निर्वाह ईमानदारी के साथ करें. तभी उन्हें एनएसएस का लाभ सही अर्थों में मिल पायेगा.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि एनएसएस भारत सरकार द्वारा प्रायोजित सार्वजनिक सेवा कार्यक्रम है जो युवा मामलों के मंत्रालय और भारत सरकार के खेल मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है. एनएसएस में शामिल होकर विद्यार्थी समुदाय में काम करना, समुदाय की समस्याओं को जानना और उन्हें हल करना, सामाजिक और नागरिक जिम्मेदारी का बोध पाना, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को महसूस करना सीख पाता है. एनएसएस जहाँ व्यक्तित्व को निखरता है वहीँ यह भविष्य में हमें रोजगार दिलाने में भी मददगार साबित होती है. कॉलेज एनएसएस स्वयंसेवकों की उपलब्धि बहुत बड़ी और सुखद है.
डॉ राकेश गर्ग प्रोग्राम ऑफिसर ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना राष्ट्र की युवाशक्ति के व्यक्तित्व विकास हेतु युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित एक सक्रिय कार्यक्रम है और इसकी गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थी समाज के लोगों के साथ मिलकर समाज हित के कार्य करते है. एनएसएस कार्यकर्ताओं ने इसी दिशा में पूरे वर्ष कार्य किये है जिसका ईनाम उन्हें आज विश्वविधालय से मिला है.

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