Monday, June 1, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में सात दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर (नेशनल इंटीग्रेशन कैंप) का शानदार आगाज़

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at October 21, 2024 Tags: , , , ,

21 से 27 अक्टूबर तक चलने वाले इस आवासीय कैंप में 17 राज्यों के 200 एनएसएस स्वयंसेवक लें रहे हिस्सा

उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार द्वारा प्रायोजित कैंप का शुभारम्भ मुख्य अतिथि राहुल हुड्डा आईएएस, निदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग ने किया  

विभिन्न राज्यों और वहां के लोगों की संस्कृति और रीती-रिवाज के मिश्रण से एक बहुआयामी राष्ट्रीय संस्कृति का निर्माण करना इस शिविर का मकसद: राहुल हुड्डा आईएएस  

BOL PANIPAT , 21 अक्टूबर,एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में सात दिवसीय आवासीय राष्ट्रीय एकता शिविर (नेशनल इंटीग्रेशन कैंप) का शानदार आगाज़ हवन-आहुतियों के साथ हो गया । उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय एकता कैंप का शुभारम्भ मुख्य अतिथि राहुल हुड्डा आईएएस, निदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार के करकमलों से हुआ । गेस्ट ऑफ़ ऑनर में देस राज फील्ड ऑफिसर क्षेत्रीय निदेशक एनएसएस दिल्ली ने कार्यक्रम की शोभा बढाई । उदघाटन सत्र में बतौर विशिष्ट मेहमान डॉ दिनेश कुमार स्टेट एनएसएस अधिकारी, डॉ आनंद कुमार जिला एनएसएस समन्वयक केयूके, डॉ नीरज बासित डिप्टी समन्वयक केयूके और राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित स्वयंसेवक दीपक कुमार ने शिरकत की । 21 से 27 अक्टूबर तक चलने वाले इस आवासीय कैंप में 17 राज्यों के महाविधालयों और विश्वविधालयों के 200 एनएसएस स्वयंसेवक लें रहे है जिसमें कर्नाटक, बिहार, झारखण्ड, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, सिक्किम, गुजरात, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल है । श्री एसडी एजुकेशन सोसाइटी (रजि.) पानीपत प्रधान अनूप कुमार, सेक्रेटरी नरेश गोयल, कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, उप-प्रधान राजीव गर्ग, जनरल सेक्रेटरी महेंद्र अग्रवाल और कोषाध्यक्ष विशाल गोयल और प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने प्रोग्राम ऑफिसर डॉ राकेश गर्ग और डॉ संतोष कुमारी के साथ मिलकर मेहमानों का स्वागत पौधा-रोपित गमला और अंग-वस्त्रं भेंट करके किया । कैंप पर आने वाले खर्च को उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार वहन कर रही है । कॉलेज ने सभी 200 स्वयंसेवकों के रहने, खाने-पीने, चिकित्सीय और अन्य सुविधाओं की व्यापक और आरामदायक व्यवस्था कर ली है और प्रत्येक दिन दूसरे राज्यों से आये स्वयंसेवकों के पसंद के भोजन को बनाया जाएगा और प्रथम दिन उत्तरी भारत का भोजन दिया गया । प्रत्येक दिन तीन राज्यों की टीमों को अपने राज्य का प्रतिनिधित्व और वहां की संस्कृति को पेश करने का मौका दिया गया । कैंप का थीम ‘यूथ फॉर माय भारत एंड डिजिटल लिटरेसी’ है ।

सात दिवसीय कैंप में प्रातः कालीन सत्रों में सेमीनार, विभिन्न सामाजिक सरोकार की गतिविधियों, कार्यशालाओं, संगोष्ठियों, मंथन शिविरों आदि का आयोजन होगा जबकि सांयकालीन सत्र सांस्कृतिक गतिविधियों से लबरेज रहेंगे जिसमें हर राज्य के एनएसएस स्वयंसेवक अपने-अपने राज्य की सांस्कृतिक और गौरवमयी विरासत का प्रदर्शन करेंगे । प्रथम दिन सभी राज्यों से आये स्वयंसेवकों ने एक-दूसरे से बातचीत की और प्रोग्राम ऑफिसर्स ने अपना परिचय दिया ।

राहुल हुड्डा आईएएस ने कहा कि सनातन धर्म पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी ने इस शिविर को आयोजित करने का जिम्मा लेकर एक गौरवपूर्ण कार्य किया है । एनएसएस स्वयंसेवक का अर्थ बिना किसी आर्थिक लाभ के समाज के हर वर्ग के व्यक्ति की मदद करना है । राष्ट्रीय एकता शिविर में भाग लेने के दो सीधे फायदे होते है । एक तो हर राज्य से आया प्रत्येक स्वयंसेवक अपने-अपने राज्य का ब्रांड एम्बेसडर है दूसरा वह ऐसा दूत है जो अपने राज्य में जाकर देश के अन्य राज्यों से आये युवाओं से मिलकर विभिन्न मिथकों और भ्रांतियों को दूर करेगा । इस कैंप में आकर सभी स्वयंसेवकों को विभिन्न लोगों और समाजों की रूढ़िबद्ध धारणाओं को खत्म करना होगा । यही इस शिविर को आयोजित करने का मूल प्रायोजन है । सभी स्वयंसेवक केवल अपने ग्रुप में न रहे बल्कि दूसरे राज्यों से आये प्रतिभागियों के साथ भी समय बिताएं । अगर हम खुद को एकीकृत करना सीख ले तो फिर हमें कोई ‘फूट डालो राज़ करो’ की निति से परास्त नहीं कर पायेगा । उन्होनें सभी से अपील की कि उत्तर भारत के भोजन का लुत्फ़ भी सभी खुले मन से उठाएंगे ।  

देस राज फील्ड ऑफिसर क्षेत्रीय निदेशक एनएसएस दिल्ली ने कहा कि केंद्र सरकार के बाद जिस प्रकार से हरियाणा सरकार ने एनआईसी कैंप को लगाने का जो सिलसिला शुरू किया है उससे स्वयंसेवकों को सबसे अधिक फायदा हुआ है ।

डॉ दिनेश कुमार ने कहा कि एनआईसी कैंप को आयोजित करना हर संस्थान का सपना होता है । एनएसएस की गतिविधियों और भागीदारी में हरियाणा देश का अग्रणी प्रदेश बन चुका है । 10 राष्ट्रीय स्तर के कैंप केवल हरियाणा ही आयोजित करता है जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है ।      

     दिनेश गोयल प्रधान ने कहा कि कॉलेज एनएसएस स्वयंसेवियों ने निरंतर श्रमदान, रक्त दान और पौधों का रोपण किया है । स्वयंसेवियों ने प्रदुषण नियंत्रण, स्वास्थ्य जांच, भ्रूण हत्या जैसे सामजिक सरोकार के मुद्दों पर शिविर आयोजित किए है और विभिन्न समस्याओं को रैलियों आदि के माध्यम से समाज को जगाया है । कॉलेज एनएसएस की गतिविधियाँ तारीफ़ के काबिल है । सात दिवसीय आयोजन कॉलेज के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा ऐसा उन्हें पूर्ण विश्वास है ।  

     डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि भारत के सभी राज्यों की परंपरा, रीति-रिवाज, संस्कृति, भाषा का एक मंच पर महसूस करना और सांझा करना इस प्रकार के कैंप को आयोजित करने का उद्देश्य है । एसएसएस स्वयंसेवकों के पूर्ण व्यक्तित्व को विकसित करने का मौका  इन शिविरों से मिलता है । देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और सांप्रदायिक सदभाव के बंधन का गठन इस कैंप का मूल उद्देश्य है ।

     डाईट गंतोक (सिक्किम) से प्रोग्राम ऑफिसर डॉ तेनजिन नोर्जोम भूटिया के साथ 16 एनएसएस स्वयंसेवक, वीएसकेसी राजकीय महाविधालय पत्थरगढ़ और डीबीएस कॉलेज देहरादून (उत्तराखंड) के 4 स्वयंसेवक, इंस्टिट्यूट ऑफ़ फाइन आर्ट झाँसी, शारदा देवी डिग्री कॉलेज झाँसी, इंस्टिट्यूट ऑफ़ एग्रीकल्चर साइंस झाँसी से प्रोग्राम ऑफिसर डॉ राम कुमार के साथ 6 स्वयंसेवक, प्रोग्राम ऑफिसर डॉ शशीकला कुमारी एसपी जैन कॉलेज सासाराम (बिहार) के साथ 6 स्वयंसेवक, प्रोग्राम ऑफिसर डॉ एन मंजू भार्गवी पल्लागटी अदावप्पा आर्ट एंड कॉमर्स फर्स्ट ग्रेड कॉलेज तिप्तुर (कर्नाटक) के साथ 8 स्वयंसेवक, प्रोग्राम ऑफिसर डॉ प्रद्यानंद घनश्याम मते राष्ट्रसंत तुकाडोजी महाराज नागपुर विश्वविधालय (महाराष्ट्र) के साथ 6 स्वयंसेवक, प्रोग्राम ऑफिसर डॉ परमिंदर कौर बेबे नानकी महिला खालसा कॉलेज गुरदासपुर (पंजाब) के साथ 4 स्वयंसेवक, पीओ डॉ युपेश कुमार डीपी विप्रा कॉलेज बिलासपुर (भोपाल) के साथ 8 स्वयंसेवक, राजकीय महाविधालय सेक्टर 26 एवं 42 चंडीगढ़ के साथ 2 स्वयंसेवक, डॉ वाईएसपी राजकीय महाविधालय सिरमौर (हिमाचल प्रदेश) से 4 स्वयंसेवक, पीओ डॉ आरती दुबे डीएवीवी इंदौर (मध्य प्रदेश) के साथ 8 स्वयंसेवक, पीओ डॉ जय प्रकाश रजक रांची विश्वविधालय रांची के साथ 8 स्वयंसेवक, पीओ डॉ गोपाल भाई लकुम गुजरात विश्वविधालय के साथ 7 स्वयंसेवक, डॉ राम कुमार वर्मा श्री गुरु हर किशन डिग्री कॉलेज झांसी (बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी) के साथ 10 स्वयंसेवक इस शिविर में हिस्सा ले रहे है ।  

     पंजीकरण का दायित्व प्रो मनोज कुमार, प्रो डेंनसन डी पॉल, प्रो भारती, प्रो जान्वी, और चिराग सिंगला ने निभाया । सजावट का जिम्मा प्रो तन्नु मेहता और प्रो निधि ने उठाया । मीडिया का कार्यभार डॉ एसके वर्मा और दीपक मित्तल के जिम्मे रहा ।                                         

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