सामाजिक समावेशन की दिशा में हरियाणा सरकार का प्रभावी कदम : उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया
-अंत्योदय परिवारों के लिए संजीवनी बनी ‘हैप्पी’ योजना
-1000 किलोमीटर तक निःशुल्क यात्रा से बढ़ी राहत
-शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक आसान पहुंच का सशक्त माध्यम
BOL PANIPAT , 22 फरवरी। हरियाणा सरकार की अंत्योदय परिवार परिवहन योजना (हैप्पी) आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरतमंद परिवारों को न केवल राहत दे रहा है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक और सुलभ परिवहन सुविधा भी प्रदान कर रहा है।
उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार की यह पहल विशेष रूप से अंत्योदय परिवारों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है, ताकि आर्थिक तंगी के कारण उनकी दैनिक आवश्यकताएं प्रभावित न हों। उन्होंने कहा कि परिवहन किसी भी व्यक्ति के लिए मूलभूत आवश्यकता है और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को भी मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
डॉ. दहिया ने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को “हैप्पी कार्ड” जारी किए जाते हैं। इस कार्ड के माध्यम से लाभार्थी हरियाणा रोडवेज की बसों में निर्धारित सीमा तक निःशुल्क यात्रा कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष 1000 किलोमीटर तक मुफ्त बस यात्रा की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिल रही है।
उपायुक्त डॉ.विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि “सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिवार की शिक्षा, स्वास्थ्य या रोजगार संबंधी जरूरतें केवल आर्थिक अभाव के कारण बाधित न हों। जब एक गरीब परिवार का सदस्य बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के यात्रा कर सकता है, तो उसके लिए रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान होती है, बच्चे बेहतर शिक्षा संस्थानों तक पहुंच पाते हैं और जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य सेवाएं भी सहज रूप से उपलब्ध हो पाती हैं।”
उपायुक्त डॉ दहिया ने बताया कि जिले में पात्र लाभार्थियों की पहचान परिवार पहचान पत्र के आधार पर की जाती है। पात्रता की पुष्टि के बाद संबंधित परिवारों को हैप्पी कार्ड जारी किया जाता है, जिससे वे पूरे प्रदेश में हरियाणा रोडवेज की बसों में निःशुल्क यात्रा का लाभ उठा सकते हैं।
उपायुक्त डॉ. दहिया ने यह भी बताया कि योजना का लाभ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के पात्र परिवारों को समान रूप से मिल रहा है, जिससे सामाजिक संतुलन और समान अवसरों को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार इस महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित न रहे।
उपायुक्त ने दोहराया कि यह योजना केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समावेशन की दिशा में एक मजबूत और दूरदर्शी पहल है। “जब जरूरतमंद परिवारों को बिना आर्थिक चिंता के यात्रा की सुविधा मिलती है, तो उनके जीवन में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे विकास की मुख्यधारा से मजबूती से जुड़ पाते हैं। यही इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है।”

Comments