खसरा/ रूबेला के टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगाएगा जागरूकता शिविर
बैठक में गैरहाजिर अधिकारियों के खिलाफ होगी सख्त कार्यवाही
BOL PANIPAT , 2 मई। जिला सचिवालय में मंगलवार को खसरा, रूबेला व गर्भावस्था में होने वाली मृत्यु को लेकर उपायुक्त वीरेन्द्र कुमार दहिया ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की व आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए उसकी गहराई तक जाना आवश्यक है। कई बीमारियां ऐसी है जिनके निदान के लिए विभाग द्वारा किए गए प्रयास उतने कारगर साबित नही हो रहे जितने होने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को एक मुहिम चलाकर मन से कार्य करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से पल्स पोलियो कार्यक्रम को सफल बनाया गया, उसी प्रकार गर्भावस्था में होने वाली मृत्यु को लेकर एक रणनीति के तहत कार्य करने व टीकाकरण के लिए शिविर लगाकर कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बगैर जागरूकता के सफलता प्राप्त नही की जा सकती। शिक्षा विभाग, आंगनबाड़ी विभाग व एनजीओ को साथ लेकर इस अभियान को सफल बनाने के लिए उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों व महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को अभियान में सहयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी से भागने की बजाय अगर चार घण्टे भी ईमानदारी से कार्य करें तो उसके परिणाम सार्थक दिखाई देंगे। उन्होंने टीकाकरण के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए शिविर लगाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जिले में दस हजार के करीब फैक्ट्रीयां हैं जिनमें करीब पांच लाख श्रमिक कार्य करते हैं। अगर इन्हें जागरूक किया जाए तो यह अभियान सफल हो सकता है। इस कार्य के लिए उन्होंने डीएफएससी को शामिल करने के भी निर्देश दिए।
उपायुक्त ने गर्भावस्था में होने वाली मृत्यु को लेकर स्वास्थ्य विभाग से जानकारी मांगी तो अधिकारियों ने बताया कि अब तक 31 महिलाओं की मृत्यु हुई है। उन्होंने तीन अस्पतालों में गर्भावस्था के दौरान हुई मृत्यु के सन्दर्भ में नोटिस भेजने की भी बात कही। उपायुक्त ने बच्चों में टीकाकरण व महिलाओं में गर्भावस्था में होने वाली मृत्यु के प्रति जागरूकता के लिए केबल नेटवर्क पर पट्टी चलवाने के लिए भी सीएमओ को निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में सीएमओ जयंत आहुजा ने बताया कि खसरा, रूबेला खतरनाक बीमारी हैं। इसका संक्रमण शहरी क्षेत्र में ज्यादा होने का बड़ा कारण यह है कि यहां पर दूसरे प्रांतों के श्रमिकों की संख्या ज्यादा है। इसको लेकर लगातार उन्हें जागरूक करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी कुलदीप दहिया और स्वास्थ्य विभाग के अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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