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प्राकृतिक चिकित्सा से रहेंगे चुस्त-दुरुस्त

By LALIT SHARMA , in HEALTH , at November 20, 2024 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : 20 नवम्बर, 2024 – महानिदेशक आयुष हरियाणा, पंचकूला के दिशा निर्देशानुसार एवं हरियाणा योग आयोग के तत्वाधान में जिला आयुर्वेद अधिकारी डा. संजय राजपाल के नेतृत्व में 7वें राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के उपलक्ष्य में खादी आश्रम स्थित सोम वेलनेस सेंटर में दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मंगलवार प्रातः 10ः00 बजे मुख्य अतिथि खादी आश्रम, पानीपत की अध्यक्षा निर्मल दत्त एवं जिला आयुर्वेदीक अधिकारी पानीपत डा. संजय राजपाल तथा योग विशेषज्ञा निलिमा द्वारा दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया।
सोम वेलनेस सेंटर के प्राकृतिक चिकित्सक डा. राजन मोर्य ने बताया कि भारत में प्राकृतिक चिकित्सा का प्रचार-प्रसार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी द्वारा किया गया था और उन्होंने ही 18 नवम्बर, 1945 को ऑल इण्डिया नेचर क्योर फाउण्डेशन ट्रस्ट की स्थापना की और सन् 2018 से प्रत्येक वर्ष 18 नवम्बर को पूरा देश राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के रूप में मनाता है।
प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में गांधी जी का योगदान अविस्मर्णीय है, गांधी जी अपने पूरे जीवनकाल में अपना, अपने परिवार का एवं अन्य पिड़ितजन का प्राकृतिक चिकित्सा द्वारा उपचार करते रहे और इसके लिए उन्होंने पुने स्थित उरलीकांचन में प्राकृतिक चिकित्सा आश्रम की भी शुरूआत की।
योग विशेषज्ञा आयुष विभाग, पानीपत निलिमा ने विभिन्न बिमारियों में योग के लाभ को बताया एवं लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा के महत्व को समझाया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि निर्मल दत्त ने सामान्य जीवन में प्राकृतिक चिकित्सा के महत्व को बताते हुए जानकारी दी कि प्राकृतिक चिकित्सा किस प्रकार एक स्वस्थ राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक है।
वहीं डा. संजय राजपाल ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा में प्रकृति के पांच तत्वों द्वारा रोगों की चिकित्सा की जाती है। उन्होंने कहा कि संतुलित आहार और जीवनशैली शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बना सकती है। गलत दिनचर्या-खानपान से बिमारियां शरीर में अपना घर कर लेती है और प्राकृतिक चिकित्सा इन बिमारियों से लड़ने में हमारी मदद करता है।
सेमिनार के दूसरे दिन का आयोजन बुधवार प्रातः 10ः00 बजे खादी आश्रम की अध्यक्षा निर्मल दत्त के नेतृत्व में खादी आश्रम स्थित सोम वेलनेस सेंटर में किया गया।
डा. राजन और निलिमा ने प्राकृतिक चिकित्सा के विधा के बारे में बताते हुए जल चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा, सूर्य चिकित्सा, शिरोधारा, कटी-वस्ती, जलनेति, कुंजलनेती, स्टीमबाथ, कटी-स्नान, स्पाईनल स्प्रे एवं अन्य प्राकृतिक चिकित्सा के लाभ के बारे में बताया और लोगों को इन उपचार को प्रैक्टीकली रूप से करवाकर दिखाया गया। इस दौरान वहां पर खादी आश्रम के सचिव मुकेश कुमार शर्मा, जगदीप चन्द, अजीत पाल, शहर से अन्य गणमान्य व्यक्ति, अनेक संगठनों के पदाधिकारी, अनेक स्कूलों के प्रतिनिधि एवं अध्यापकगण तथा योग प्रशिक्षक राजेन्द्र कुमार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में जलपान की व्यवस्था की गई।

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