Thursday, July 2, 2026
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सुरक्षा मानकों की अनदेखी अथवा एक्शन प्लान के क्रियान्वयन में पाई गई लापरवाही तो संबंधित संस्थान या भवन संचालक के विरुद्ध नियमानुसार होगी सख्त कार्रवाई: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at June 26, 2026 Tags: , , , , ,

सुरक्षा में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, एक्शन प्लान और मॉक ड्रिल पर रहेगा विशेष जोर

लखनऊ हादसे से सबक: पानीपत में अग्नि सुरक्षा पर प्रशासन का सख्त अलर्ट

औचक निरीक्षण के लिए रहें तैयार, हर संस्थान को सुरक्षा मानकों का करना होगा पालन

जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, हर भवन में प्रभावी आपदा प्रबंधन व्यवस्था जरूरी

BOL PANIPAT , 26 जून। जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने सभी सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों, कोचिंग सेंटरों, बैंक्वेट हॉल, अस्पतालों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कार्यालयों तथा अन्य सार्वजनिक भवनों के संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकास, फायर फाइटिंग उपकरण तथा आपदा प्रबंधन संबंधी एक्शन प्लान को तत्काल प्रभाव से लागू करें और उसकी नियमित समीक्षा भी सुनिश्चित करें।

    उपायुक्त ने कहा कि जिन संस्थानों की इच्छा है कि उनके यहां अग्नि सुरक्षा को लेकर मॉक ड्रिल आयोजित की जाए, वे जिला प्रशासन को सूचित करें। प्रशासन की संबंधित टीम संस्थान में पहुंचकर मॉक ड्रिल करवाएगी, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को आपातकालीन स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण देगी तथा आवश्यक सुरक्षा संबंधी सुझाव भी प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि केवल कागजों पर योजना बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका प्रभावी क्रियान्वयन भी उतना ही आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आगामी दिनों में विभिन्न संस्थानों का किसी भी समय औचक निरीक्षण करेगा। निरीक्षण के दौरान यदि अग्निशमन उपकरणों की कमी, आपातकालीन निकास मार्गों में बाधा, सुरक्षा मानकों की अनदेखी अथवा एक्शन प्लान के क्रियान्वयन में लापरवाही पाई गई तो संबंधित संस्थान या भवन संचालक के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि कोई भी घटना हम सभी के लिए एक गंभीर चेतावनी है। हादसों के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि पहले से ऐसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में लोगों का जीवन सुरक्षित रखा जा सके। प्रत्येक संस्थान अपने अग्निशमन उपकरणों को पूरी तरह कार्यशील रखे, आपातकालीन निकास मार्ग हर समय खुले रहें और एक्शन प्लान केवल दस्तावेज बनकर न रहे, बल्कि उसकी नियमित मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रभावी तरीके से पालना भी सुनिश्चित हो। जो संस्थान प्रशासन के सहयोग से मॉक ड्रिल करवाना चाहते हैं, वे हमें सूचित करें, प्रशासन की टीम उनके परिसर में पहुंचकर प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल आयोजित करेगी। जन सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल स्वीकार नहीं की जाएगी।

उपायुक्त ने नागरिकों से भी अपील की कि वे सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें तथा किसी भी सार्वजनिक भवन या संस्थान में अग्नि सुरक्षा संबंधी कमी दिखाई देने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और आमजन के संयुक्त प्रयासों से ही संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

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