Thursday, July 30, 2026
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पेड़ बचेंगे तो भविष्य बचेगा, हरित हरियाणा से ही विकसित भारत का सपना होगा साकार: शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at July 30, 2026 Tags: , , , , ,

पर्यावरण संरक्षण अब विकल्प नहीं, राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा संकल्प है

हर व्यक्ति लगाए 10 से 15 पौधे, एक लाख पौधारोपण का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ा पानीपत: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ

वन महोत्सव में गूंजा हरियाली का संदेश

गीता यूनिवर्सिटी में 100 से अधिक पौधे रोपकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

BOL PANIPAT : 30 जुलाई। हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल पर्यावरण बचाने का अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यदि पेड़ सुरक्षित रहेंगे तो जीवन सुरक्षित रहेगा और यदि प्रकृति का संतुलन बिगड़ा तो मानव अस्तित्व भी गंभीर संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और प्राकृतिक असंतुलन जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक को पौधारोपण को जन आंदोलन बनाकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। शिक्षा मंत्री  महिपाल ढांडा वीरवार को गीता यूनिवर्सिटी, नौल्था में आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ उन्होंने पौधारोपण कर किया और सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल का संकल्प लेने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भारत विश्व का एकमात्र ऐसा देश है जो हमेशा समस्त मानवता के कल्याण की बात करता है। आज विश्व के अनेक देशों में युद्ध जैसे हालात हैं, जबकि दूसरी ओर जलवायु परिवर्तन पूरी मानव सभ्यता के लिए गंभीर चुनौती बनकर सामने खड़ा है। इन चुनौतियों से लडऩे का सबसे प्रभावी माध्यम वृक्षारोपण है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1950 में शुरू हुआ वन महोत्सव आज जनभागीदारी का विशाल अभियान बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया एक पेड़ मां के नाम अभियान का दूसरा चरण भी पूरे देश में व्यापक जनसमर्थन प्राप्त कर रहा है। जन-जन की भागीदारी से हरित हरियाणा और विकसित भारत का सपना निश्चित रूप से साकार होगा।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि पौधारोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है। प्रत्येक नागरिक को इसे अपने जीवन का संकल्प बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में पर्यावरण संरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी और इसके लिए सभी को जिम्मेदारी के साथ आगे आना होगा।

    इस अवसर पर उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं होगा, बल्कि हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम 10 से 15 पौधे लगाकर उनकी देखभाल करे तो हरियाणा को हराभरा बनाने का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। उपायुक्त ने कहा कि वे स्वयं इस अभियान से निरंतर जुड़े हुए हैं और अब तक 25 हजार से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि जिले में बड़े स्तर पर पौधारोपण की तैयारी की जा रही है। इसके लिए संबंधित संस्थाओं से समन्वय स्थापित किया जा रहा है तथा लगभग 10 हजार अतिरिक्त आई ओ सी एल द्वारा पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पूरे जिले में एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और प्रशासन इसे जनसहभागिता के माध्यम से सफल बनाएगा। उन्होंने सभी सामाजिक संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, पंचायतों और युवाओं से इस अभियान का हिस्सा बनने का आह्वान किया।

पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। जिस प्रकार पुलिस समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखने का कार्य करती है, उसी प्रकार प्रकृति की रक्षा करना भी हम सभी का साझा दायित्व है। एक पौधा लगाना केवल हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों को स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और सुरक्षित भविष्य का उपहार देना है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति पौधा लगाने के साथ उसकी देखभाल का भी संकल्प ले, तभी वन महोत्सव जैसे अभियान अपने वास्तविक उद्देश्य को प्राप्त कर सकेंगे।

कार्यक्रम के दौरान जिला वन अधिकारी दीपक प्रभाकर पाटिल ने वन महोत्सव अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण तथा पौधों के संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता और स्वस्थ जीवन के भी आधार हैं। कार्यक्रम में गीता यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ओर से शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह सहित अन्य अतिथियों एवं अधिकारियों को स्मृति चिन्ह तथा पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। वन महोत्सव के तहत गीता यूनिवर्सिटी परिसर में 100 से अधिक पौधे लगाए गए। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के चांसलर एस.पी. बंसल, हर्षित बंसल, एएससपी हर्षित गोयल, जिला परिषद अध्यक्ष ज्योति शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता कुमारी रंजीता कौशिक, लोकेश नागरू, एडवोकेट संदीप जिंदल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, गणमान्य नागरिक, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।

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