ग्रामीण विकास को नई गति देगा वीबी-ग्राम जी अधिनियम, हर पात्र परिवार तक पहुंचेगा रोजगार: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
पानीपत में वीबी-ग्रामग अधिनियम 2025 का शुभारंभ, 125 दिन रोजगार की गारंटी पर जोर
विकसित भारत-2047 के संकल्प को मजबूती देगा वीबी-ग्रामजी अभियान
गांवों के विकास और रोजगार सृजन की दिशा में बड़ा कदम, वीबी-ग्रामजी योजना लागू
BOL PANIPAT , 2 जुलाई। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को गति देने के उद्देश्य से लागू किए गए वीबी-ग्राम जी अधिनियम-2025 के तहत गुरुवार को खंड कार्यालय समालखा में जिला स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में योजना के उद्देश्यों, प्रावधानों और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों एवं संबंधित विभागों को विस्तार से जानकारी दी गई। सम्मेलन में जनप्रतिनिधियों, पंचायत विभाग के अधिकारियों तथा विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि भारत सरकार द्वारा एक जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू किया गया वीबी-ग्राम जी अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने तथा स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति देना है। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित अधिकारी योजना के प्रत्येक प्रावधान को गंभीरता से समझें और इसका लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत पात्र परिवारों को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। साथ ही दैनिक मजदूरी की निर्धारित दर के अनुसार भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। योजना के माध्यम से ग्रामीण आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता तथा सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
जिला परिषद चेयरम पर्सन ज्योति शर्मा ने कहा, वीबी-ग्राम जी अधिनियम केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित गांवों की मजबूत नींव है। सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ योजना का क्रियान्वयन करें ताकि प्रत्येक पात्र परिवार को इसका लाभ मिल सके। सरकार की मंशा के अनुरूप गांवों में विकास कार्यों को गति देना और लोगों की आजीविका को सशक्त बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रोग्राम अधिकारी रण सिंह वर्मा ने बताया कि विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में ग्रामीण क्षेत्रों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। सम्मेलन के दौरान अधिकारियों को योजना के प्रभावी संचालन, कार्यों की निगरानी, पारदर्शिता तथा समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में योजना से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। इस अवसर पर समाजसेवी प्रदीप शर्मा, बीडीपीओ समालखा शक्ति सिंह, एसडीओ कमल शर्मा, पीओ (वीबी-ग्रामग) रणसिंह, जिला परिषद एवं आजीविका मिशन के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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