दूरस्थ शिक्षा द्वारा उच्च शिक्षा का बेहतर विकल्प इग्नू: डा. धर्मपाल
-इग्नू ने दाखिलों की अंतिम तिथि 30 सितम्बर तक फिर बढ़ाई: डा धर्मपाल
-रेगुलर दाखिले से चुके छात्र ले इग्नू में दाखिला: डा धर्मपाल
BOL PANIPAT , 21 सितंबर। इग्नू क्षेत्रीय केंद्र करनाल के क्षेत्रीय निदेशक प्रभारी डा धर्मपाल इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की स्थापना देश की बदलते जरूरतों व एक विकल्प के रूप में उच्च शिक्षा प्रदान करने की मांग की उपज के फलस्वरूप हुई।1985 में इसके लिये जब संसदीय अधिनियम पारित हुआ तब उसका मकसद था कि उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने तथा तकनीकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना।
उन्होंने बताया कि शिक्षार्थी केन्द्रित तथा तकनीकी व्यवस्था होना इसकी मुख्य खासियत बनी और यही कारण है कि कुछ ही दशकों में इसने विश्व-स्तरीय दर्जा हासिल कर लिया है। इग्नू मात्र दो कार्यक्रमों मैनेजमेंट तथा दूरस्थ शिक्षा में डिप्लोमा से 1987 में शुरू कर आज लगभग 228 से अधिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर रही है। संप्रति करीब 3000 अध्ययन केन्द्रों के जाल के द्वारा 2.8 लाख लोगों को उच्च शिक्षा का लाभ पहुँचा रही है।
उन्होंने बताया कि उत्कृष्टता इग्नू की खास पहचान बनी है जिसमें स्वनिर्मित अध्ययन सामग्री को गुणवत्ता के आधार पर 2013 में कॉमनवेल्थ ऑफ लर्निंग के द्वार एक्सीलेंस अवार्ड मिला है। उसी तरह व्यापकता तथा इसकी गुणवत्ता के आधार पर इसे मेगा यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त है। इसकी क्षेत्रीय केन्द्र की संख्या 67 है तथा कई केन्द्र विदेशों में भी है। इग्नू के सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों को छोडक़र बाकि सभी पाठ्यक्रमों में दाखिलों की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 सितंबर 2023 कर दी गयी है।

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