जिले में अवैध कॉलोनियों को पनपने नहीं दिया जाएगा. खरीदारों को मिलेगी स्पष्ट जानकारी : उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया
-आम नागरिकों को धोखाधड़ी से बचाना, जिला प्रशासन की प्राथमिकता: उपायुक्त डॉक्टर विरेंदर कुमार दहिया
-कॉलोनाइजरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगा प्रशासन
-जिला टास्क फोर्स बैठक में उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश
-पुलिस दस्ते के साथ महिला कर्मचारी भी होगी घटनास्थल पर मौजूद
-अवैध कॉलोनी के बाहर लिखवाया जाएगा,यह अवैध कॉलोनी है यहां प्लॉट ना खरीदें
BOL PANIPAT , 3 अगस्त। जिला सचिवालय सभागार में बुधवार को जिला टास्क फोर्स बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि अवैध कॉलोनियों काटने वाले कॉलोनाइजरों के खिलाफ प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि जिला प्रशासन किसी भी कीमत पर अवैध कॉलोनियों को पनपने नहीं देगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि जो लोग अवैध रूप से कॉलोनियों का निर्माण कर रहे हैं, उनके खिलाफ प्रशासन पूरी सख्ती से पेश आएगा। उन्होंने बताया कि अब तक कई मामलों में कॉलोनाइजरों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई और तेज होगी।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता आम नागरिकों को धोखाधड़ी से बचाना है। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जब भी किसी अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई की जाए, उससे पहले उस उपमंडल के एसडीएम को सूचित करना अनिवार्य होगा। इससे प्रशासनिक पारदर्शिता बनी रहेगी और कार्रवाई की पूरी जवाब देही तय होगी। उपायुक्त डॉ. दहिया ने जिला टाउन प्लानर (डीटीपी) को विशेष निर्देश दिए कि वे इस कार्य में पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता से हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों की पहचान करने, उनकी रिपोर्ट तैयार करने और कार्रवाई की प्रक्रिया में कोई कोताही न बरती जाए। इसके साथ ही महिला पुलिस कांस्टेबल को भी इस कार्य में शामिल करने का निर्णय लिया गया है ताकि कार्रवाई के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में सहूलियत रहे और सभी पक्ष सुरक्षित रहें।
यह अवैध कॉलोनी है, यहां प्लॉट ना खरीदें
उपायुक्त ने कहा कि जहां भी अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही है, वहां बड़ा सूचना बोर्ड लगाया जाएगा। इस बोर्ड पर साफ-साफ अंकित होगा कि यह कॉलोनी अवैध है, यहां प्लॉट न खरीदें। इसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है ताकि वे अपने खून-पसीने की कमाई गलत जगह निवेश न करें। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का यह कदम जनता के हितों की रक्षा करने के लिए है। अक्सर देखा जाता है कि कॉलोनाइजर बिना किसी मान्यता या नियमों का पालन किए अवैध तरीके से कॉलोनियां काट देते हैं। बाद में खरीदार को बुनियादी सुविधाओं के नाम पर धोखा मिलता है। इन समस्याओं को रोकने के लिए प्रशासन का यह निर्णय ऐतिहासिक और दूरगामी साबित होगा।
उपायुक्त ने जिला टास्क फोर्स की बैठक में अब तक दर्ज किए गए मामलों की भी समीक्षा की और अधिकारियों से विस्तार से रिपोर्ट ली और कहा कि हर कार्रवाई का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी दोषी व्यक्ति कानून के दायरे से बाहर न रह पाए। उपायुक्त ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगर कहीं भी अवैध निर्माण की जानकारी मिलती है, तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें और कार्रवाई शुरू करें। प्रशासन की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए कि जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो।
उपायुक्त ने बैठक में यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन की सख्ती का उद्देश्य विकास कार्यों में अड़चन डालना नहीं है। वैध और अनुमोदित कॉलोनियों में विकास कार्य पहले की तरह जारी रहेंगे। सख्ती केवल उन्हीं पर होगी, जो नियमों को तोडक़र जनता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ-साथ जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। इसके तहत गांवों और शहरों में लोगों को बताया जाएगा कि प्लाट खरीदने से पहले कॉलोनी की वैधता अवश्य जांच लें।
उपायुक्त ने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि यदि किसी स्तर पर ढिलाई बरती गई तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन जनता के हितों के लिए हैं और इस मिशन में सभी को ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करना होगा। बैठक में अधिकारियों ने कहा कि इससे न केवल अवैध कॉलोनियों पर रोक लगेगी बल्कि जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास भी और मजबूत होगा।
खास बात यह है कि प्रशासन की यह बैठक और उसमें लिए गए निर्णय एक बड़ी सकारात्मक है। अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई करके जहां लोगों को धोखाधड़ी से बचाया जाएगा, वहीं विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने साफ कर दिया है कि अवैध काम करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस मौके पर एसडीएम मनदीप कुमार,एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप सिंह, डीएसपी ट्रैफिक सुरेश सैनी, तहसीलदार वीरेंद्र गिल, तहसीलदार सुमन लता, नायब तहसीलदार सौरभ शर्मा, पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता सावित पानू, उमेद, नायब तहसीलदार अमित कुमार, सौरभ शर्मा, अमित तहसीलदार विनती समालखा, नायब तहसीलदार अस्तित्व पाराशर आदि मौजूद रहे।

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