1 करोड़ 10 लाख रूपए से ज्यादा की ठगी मामले में साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाला दूसरा आरोपी गिरफ्तार
20 हजार में खरीदा बैंक खाता, 50 हजार में साइबर ठगों को बेच दिया
BOL PANIPAT , 18 जुलाई: थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने 1 करोड़ 10 लाख रूपए से ज्यादा की ठगी मामले में साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले दूसरे आरोपी को शुक्रवार देर शाम पलवल से गिरफतार किया। आरोपी की पहचान पलवल जिले के होडल निवासी धर्मेंद्र के रूप में हुई है।
थाना साइबर क्राइम प्रभारी सब इंस्पेक्टर दीपक ने बताया कि थाना साइबर क्राइम में सेक्टर 11/12 निवासी वीरेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि फेसबुक पर विद्या पांडे नाम की एक युवती ने स्वयं को उसके मित्र महेश पांडे की पुत्री बताते हुए उससे बातचीत की। युवती ने बातचीत के दौरान उसको एक व्यापार के बारे में बताया। इसके बाद युवती ने व्हाट्सएप के माध्यम से बातचीत करते हुए बताया कि वह मानो मानो प्लेटफॉर्म ऐप के जरिए व्यापार कर रही है। विश्वास कर युवती के कहने पर उसने अपने मोबाइल फोन में उक्त ऐप इंस्टाल कर लिया। युवती ने ऑनलाइन व्यापार शुरू कराने के नाम पर सबसे पहले उससे 7287 रुपए जमा करवाए। इसके बाद 8 जनवरी 2026 तक करीब 45 ट्रांजेक्शनों के माध्यम से उससे कुल 1 करोड़ 10 लाख 88 हजार 194 रुपये दो अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। बाद में उसे अपने साथ साइबर ठगी होने का अहसास हुआ। इसके बाद उसने तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। थाना साइबर क्राइम में वीरेंद्र की शिकायत पर संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी।
प्रभारी सब इंस्पेक्टर दीपक ने बताया कि पुलिस टीम ने तकनीकी दक्षता का प्रयोग कर और विभिन्न पहलुओं की जांच करते हुए बीते मई माह में पलवल के होडल निवासी हन्नी को गिरफ्तार किया था। उसके बैंक खाते में ठगी की 22 लाख रुपए की राशि ट्रांसफर हुई थी। पूछताछ में आरोपी हन्नी ने पुलिस को बताया था कि उसने अपने पड़ोसी धर्मेंद्र को बैंक के अपने करंट अकाउंट की किट 20 हजार रुपए में बेची थी। उसने 20 हजार रूपए खाने पीने में खर्च कर दिए। पुलिस ने आरोपी हन्नी को माननीय न्यायालय में पेश कर जहा से उसे जेल भेजने के बाद आरोपी धर्मेंद्र की धरपकड़ शुरू कर दी थी।
थाना साइबर क्राइम पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी धर्मेंद्र को पलवल से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने हन्नी से बैंक का करंट अकाउंट 20 हजार रुपये में खरीदा था और बाद में वह खाता साइबर ठगों को 50 हजार रुपये में बेच दिया था।
पुलिस ने शनिवार को आरोपी धर्मेद्र को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उसे 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से गहनता से पूछताछ करने के साथ साइबर ठगों के ठीकानों का पता लगा काबू करने का प्रयास करेगी।

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