Thursday, August 6, 2026
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सेवा नियमों और वित्तीय प्रबंधन की बारीकियों पर हुआ गहन मंथन, विशेषज्ञों ने दिए व्यावहारिक समाधान

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at August 6, 2026 Tags: , , ,

कार्यशाला के दूसरे दिन वेतन, एसीपी और अनुशासनात्मक नियमों की मिली विस्तृत जानकारी

प्रशासनिक दक्षता को मिली नई दिशा, सेवा नियमों एवं वित्तीय प्रबंधन पर विशेषज्ञों का मार्गदर्शन

नियमों की सही समझ से बेहतर प्रशासन संभव, कार्यशाला में विशेषज्ञों ने सांझा किया अनुभव

BOL PANIPAT , 6 अगस्त। देशबंधु गुप्ता राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय  में कार्यशाला के दूसरे दिन सेवा नियमों एवं वित्तीय प्रबंधन पर हुआ गहन मंथन हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा), गुरुग्राम की शाखा डीटीसी, रोहतक द्वारा दीनबंधु गुप्ता राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय  में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन प्रशासनिक एवं वित्तीय मामलों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। कार्यशाला के दौरान सेवा नियमों, वेतन निर्धारण, अनुशासनात्मक कार्यवाही तथा निलंबन संबंधी प्रावधानों पर गहन चर्चा हुई, जिससे प्रतिभागियों को व्यवहारिक एवं उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई।

दूसरे दिन के प्रथम सत्र में पीजीआई, रोहतक के मुख्य लेखाधिकारी राजेश कुमार ने पे एवं ए.सी.पी. नियम विषय पर व्याख्यान देते हुए वेतनमान, एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (एसीपी) से संबंधित नियमों, पात्रता, समय-सीमा तथा कर्मचारियों को मिलने वाले वित्तीय लाभों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सेवा नियमों की सही जानकारी कर्मचारियों को अपने अधिकारों एवं दायित्वों के प्रति जागरूक बनाती है तथा प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करती है। द्वितीय सत्र में वेतन निर्धारण विषय पर भी राजेश कुमार ने वेतन निर्धारण की प्रक्रिया, पदोन्नति, वार्षिक वेतनवृद्धि तथा विभिन्न परिस्थितियों में वेतन निर्धारण के नियमों को उदाहरणों सहित स्पष्ट किया।

उन्होंने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यवहारिक समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की, जिससे प्रतिभागियों को विषय की गहरी समझ प्राप्त हुई। अपराह्न सत्र में हरियाणा सरकार के सेवानिवृत्त उप सचिव श्री मेघ राज शर्मा ने हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने अनुशासनात्मक कार्यवाही, विभागीय जांच, कर्मचारी के अधिकार एवं दायित्व तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए सेवा में अनुशासन, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के महत्व को रेखांकित किया। दिन के अंतिम सत्र में निलंबन एवं संबंधित विषय पर श्री मेघ राज शर्मा ने निलंबन से संबंधित कानूनी एवं प्रशासनिक प्रावधानों, निलंबन की प्रक्रिया, निर्वाह भत्ता, पुनर्बहाली तथा संबंधित नियमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक निर्णय सदैव नियमों, पारदर्शिता और निष्पक्षता के आधार पर लिए जाने चाहिए, जिससे कर्मचारियों का विश्वास और संस्थागत व्यवस्था दोनों मजबूत होती हैं।

कार्यशाला में लगभग 50 प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विशेषज्ञों से सेवा संबंधी अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विस्तृत एवं व्यवहारिक समाधान प्रस्तुत किया गया। प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक तथा प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने में सहायक बताते हुए इसकी सराहना की।

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