लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी केस में लोन की क़िस्त न दिए जाने की वजह हुआ डिफाल्ट. बैंक के द्वारा 22 दुकानों को सील किया गया.
BOL PANIPAT : पानीपत इंसार बाजार की 22 दुकानों को आज बैंक के द्वारा सील किया गया। लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी केस में ऋण की क़िस्त न दिए जाने की वजह हुए डिफाल्ट की वजह से दुकानों को बैंक के द्वारा सील किया गया है। ये सभी दुकाने बाबरपुर मंडी के रहने वाले अत्तर चंद्र मित्तल की हैं जिनके पेपर बैंक के पास रखकर ऋण करवाया गया था। बैंक अधिकारीयों का कहना है कि पिछले काफी समय से ऋण की क़िस्त जमा नहीं करवाई जा रही थी जिसके बाद पार्टी को लीगल नोटिस भेजा गया था। नोटिस देने के बाद आगामी कानूनी प्रक्रिया के तहत आज दुकानों को सील किया गया है। उन्होंने बताया कि ऋण व ब्याज को जोड़ कर कुल 6 करोड़ रूपये का बैंक कर्ज बकाया होने के चलते यह कार्रवाई की गई है।
सील की गयी सभी दुकानें अत्तर चंद्र मित्तल की संपत्ति हैं । दुकानों पर सील लगाने के बाद विभाग की ओर से नोटिस भी चस्पा किए गए। हालांकि बैंक अधिकारियों ने मौके पर सीलिंग कार्रवाई करने से पहले भी अत्तर चन्द्र मित्तल से संपर्क करने की कोशिश की थी, मगर उससे संपर्क नहीं हो पाया। भारी पुलिस दलबल, तहसीलदार, बैंक कर्मी की मौजूदगी में सभी 22 दुकानों को सील कर दिया गया।

दूसरी ओर अत्तर चंद्र मित्तल ने बताया कि यह ऋण उनके भतीजे प्रशांत मित्तल ने लिया था। हालांकि दुकानें उनकी ही प्रॉपर्टी हैं , मगर ऋण प्रशांत ने उनकी प्रॉपर्टी के दस्तावेजों पर लिया है। कुल 2 करोड़ का लोन था। जिसकी किस्त प्रशांत देता था। डेढ वर्ष पहले प्रशांत का निधन हो गया। जिसके बाद से किस्त रुक गईं। बैंक की ओर से कई बार नोटिस भी आया। बैंक जाकर अकाउंट को सेटल करने के लिए मीटिंग्स की गयी । बैंक कर्मियों को सभी हालातों से अवगत करवाया गया। मगर बैंक अधिकारियों ने कहा कि इसमें फर्स्ट पार्टी अत्तर चंद्र मित्तल ही है जिनकी प्रॉपर्टी मॉडगेज के आधार पर ऋण दिया गया था। बैंक ने प्रशांत को सेकेंड पार्टी माना और अत्तर चंद्र मित्तल को बकाया ऋण चुकाने के लिए कहा। अमाउंट बड़ा होने की वजह वह लोन नहीं चुका पाए और दुकानें सील हो गई।

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