Thursday, June 4, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में हरियाणा कला परिषद के सौजन्य से 20 दिवसीय ‘हरियाणवी लोक कला नृत्य कार्यशाला’ का शुभारंभ


-छिपी युवा प्रतिभा को पहचान कर कला के माध्यम से व्यक्तित्व व समाज का विकास कला का उद्देश्य – डॉ. संजय भसीन, निदेशक, हरियाणा कला परिषद

-कला व संस्कृति के व्यापक प्रयोगों द्वारा व्यक्ति व समाज का कायाकल्प संभव :डॉ. संजय भसीन

BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में दिनांक 19 मई 2022 को हरियाणा कला परिषद, रोहतक मंडल के सौजन्य से 20 दिवसीय हरियाणवी लोक कला नृत्य कार्यशाला का शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम का उद्घाटन हरियाणा कला परिषद के निदेशक डॉ संजय भसीन द्वारा किया गया. डॉ. संजय भसीन ने कहा कि आजादी के 75 में वर्ष जिसे अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है इस अवसर पर प्रधानमंत्री भारत की
पहल पर व हरियाणा के मुख्यमंत्री माननीय मनोहर लाल के कुशल नेतृत्व में कला- संस्कृति के क्षेत्र में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. अनेक वीर शहीद जिनकी शहादत गुमनाम है किस प्रकार वीरों के प्राणों की आहुतियों के लंबे स्वतंत्रता संग्राम के पश्चात हमारा देश आजाद हुआ. उस वीरता का इतिहास, वीर गाथाएं, युवा पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति की भावना स्थापित करेंगे. कला व संस्कृति के माध्यम से यह सब प्रयास किया जाएगा. कार्यशाला के उद्घाटन के अवसर पर डॉ संजय भसीन ने कहा कि भारत में युवा भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में प्रतिभा संपन्न है. परंतु अवसर प्राप्त न होने के कारण निराशा के शिकार होते हैं और प्रतिभा लुप्त हो जाती है. कला व

संस्कृति व्यक्तित्व में सद्गुणों, पवित्रता व सामाजिक एकता का भाव स्थापित करते हैं. हरियाणा कला परिषद कला व लोक संस्कृति को पूर्ण व्यापक विस्तार व लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से समय-समय पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करती है. स्थान-स्थान पर आयोजित अनेक कार्यशालाओं के माध्यम से प्रतिभाशाली युवाओं को प्रशिक्षित किया जाता है. उनकी प्रतिभा को तराशा जाता है उन्हें प्रस्तुति हेतु मंच प्रदान किया जाता है. इस प्रकार की कार्यशाला में आने वाले समय में श्रेष्ठ कलाकारों की नई पीढ़ी का निर्माण होता है. संजय भसीन ने युवाओं को आह्वान किया की वर्तमान के युवा का दायित्व है कि अपनी लोक संस्कृति व लोक परंपरा को लुप्त न होने दें. अपनी आधुनिकता बोध में उनका महत्व कम ने आंके. संस्कृति-कला पीढ़ी दर
पीढ़ी के सामाजिक जीवन का आधार है.
इस अवसर पर हरियाणा कला परिषद रोहतक मंडल से कोऑर्डिनेटर रजनी बेनीवाल ने कहा कि 20 दिन की हरियाणवी लोक कला नृत्य कार्यशाला एक बड़ा प्रयास है. कुशल प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि संस्कृति कला के माध्यम से व्यक्तित्व विकास की अपार संभावना है. इस कार्यशाला के कोऑर्डिनेटर के रूप में उन्होंने विश्वास दिलाया कि कार्यशाला को उच्च गुणवत्ता पूर्ण संपन्न किया जाएगा.

कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने डॉ. संजय भसीन तथा रजनी बेनीवाल का स्वागत किया व श्रोताओं को मुख्य अतिथि का परिचय दिया. प्राचार्य ने कहा कि जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव, संघर्ष, कठिनाई से समय-समय पर उत्तेजना व निराशा होती रहती है. प्रत्येक व्यक्ति को संस्कृति कला की किसी न किसी विधा को
अवश्य अपनाना चाहिए. कला का उद्देश्य मात्र कलाकार बनकर लोकप्रिय व धनवान बनना नहीं है. कला द्वारा व्यक्तित्व की सभी विकृतियों – ईर्ष्या, द्वेष, क्रोध, लोभ, भ्रष्ट आचरण, निराशा, उत्तेजना से मुक्ति व निदान संभव है. स्वयं व स्वयं के माध्यम से समाज निर्माण में संस्कृति एवं कला एक अचूक उपाय हैं. संस्कृति कला
जीवन को अच्छी तरह जीने में सर्वाधिक प्रभावशाली है.

इस अवसर पर महाविद्यालय प्रधान पवन गोयल ने कहा कि प्रबंधन महाविद्यालय में संस्कृति-कला व अन्य क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समुचित सुविधा प्रदान करने को प्रतिबद्ध है. मंच संचालन महाविद्यालय की अंग्रेजी विभाग की प्राध्यापिका डॉ संतोष तृप्ता ने किया. महाविद्यालय की ओर से इस 20 दिवसीय हरियाणवी लोक कला नृत्य कार्यशाला में संतोष तृप्ता समन्वय की भूमिका निभाएंगी. उन्होंने कहा कि covid के कारण विद्यार्थियों को गत 2 वर्ष में अच्छे अवसर प्राप्त नहीं हुए. इसलिए महाविद्यालय के विद्यार्थी इस कार्यशाला को लेकर अति उत्साहित है.

इस अवसर पर कार्यक्रम में महाविद्यालय के 250 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया इस अवसर पर डॉ. संतोष कुमारी. प्रो. इंदु पुनिया, प्रो. मंजीत, प्रो. अंजलि, प्रो. नम्रता अरोड़ा, दीपक मित्तल आदि उपस्थित रहे

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