Tuesday, January 13, 2026
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जस्टिस प्रीतमपाल ने प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at June 7, 2022 Tags: , , ,

BOL PANIPAT , 7 जून। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज एवं राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा गठित मॉनीटरिंग कमेटी के चेयरमैन जस्टिस प्रीतमपाल ने मंगलवार को लघु सचिवालय में जिले के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील भी कि की सभी प्रण लें कि दिन में कोई एक काम पर्यावरण संरक्षण के लिए अवश्य करेंगे। डीसी सुशील सारवान ने उन्हें हरित प्राधिकरण के निदेशों का कड़ाई से पालन करवाने के लिए आश्वस्त किया।

जस्टिस प्रीतमपाल ने राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के निर्देशों के समूचित पालन के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों से विस्तृत कार्य योजना पर चर्चा की एवं कार्य योजना में आवश्यक सुधार करने के भी निर्देश दिए। उनके साथ तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. बाबूराम भी मौजूद रहे। इस दौरान बैठक में हरियाणा की पूर्व मुख्य सचिव एवं वर्तमान में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा गठित कमेटी की सदस्य श्रीमति उर्वशी गुलाटी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़ी।

जस्टिस प्रीतमपाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ना केवल भारत सरकार बल्कि हरियाणा सरकार भी बेहद गम्भीर है। अत: हम सभी का दायित्व बनता है कि पर्यावरण के लिए हर आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि चाहे जल प्रदूषण की बात हो, वायु प्रदूषण की बात हो, ध्वनि प्रदूषण की बात हो हर दिशा में कढ़ाई से हरित प्राधिकरण के निर्देशों का पालन करवाना सुनिश्चित करें।

जल संरक्षण और जल स्वच्छता पर दें विशेष ध्यान

जस्टिस प्रीतमपाल ने कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ व निर्मल बनाना है तो हमें ना केवल वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने पर ध्यान देना है बल्कि जल की स्वच्छता पर ध्यान देने की भी जरूरत है। उन्होंने जल गुणवत्ता प्रबंधन की योजना बनाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि गांवों में तालाबों के ओवरफ्लो की समस्या के लिए व्यापक काम किए जाने की आवश्यकता है। जल स्वच्छता के लिए उन्होंने बाबा सींचेवाल के प्रयोगों को अपनाने की सलाह दी ताकि पानी स्वच्छ और उसका अधिक से अधिक संरक्षण हो। उन्होंने कहा  कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अधिक से अधिक लगाए जाएं ताकि भूमिगत जल का स्तर बढ़े और भविष्य के लिए जल की बचत भी हो। उन्होनें शहरी क्षेत्रों में एसटीपी की व्यवस्थाओं के बारे में भी जाना और ट्रीटेड जल का उद्योगों में इस्तेमाल करवाना सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. बाबूराम ने बैठक में बिन्दूवार सभी अधिकारियों से प्लान की विस्तृत जानकारी ली और कहा कि प्लान में जिस प्रकार के सुधार की आवश्यकता हो वो करके मुख्यालय को सूचित करें।  उन्होंने ना केवल नगर निगम क्षेत्र एवं नगरपालिका क्षेत्र में होने वाले कूड़े की जानकारी ली बल्कि साथ ही कचरे के निपटान की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी ली। साथ ही कहा कि कचरा एक स्थान से दूसरे स्थान तक उठाकर डालने तक ही सीमित ना रहा जाए बल्कि कचरे का सही ढंग से निपटान करवाया जाए। बैठक के दौरान अधिकारियों को अनधिकृत कॉलोनियों के कचरा निपटान की भी व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

पोल्ट्री उद्योगों पर नजर रखने के निर्देश:

जस्टिस प्रीतमपाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित पोल्ट्री के कारण भी प्रदूषण बहुत अधिक फैलता है। उन्होंने कहा कि पोल्ट्री संचालक पोल्ट्री वेस्ट को खुले में फैंक देते हैं जिससे आसपास का वातावरण काफी प्रदूषित होता है। पोल्ट्री एरिया के आसपास मखियों की तादाद बहुत अधिक होने के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पोल्ट्री वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से निपटान हो, इस दिशा में कड़े कदम उठाए जाएं।

बायोमैडिकल एवं ई-वेस्ट प्रबंधन की योजना व्यापक हो:

जस्टिस प्रीतमपाल ने कहा कि बायोमैडिकल वेस्ट के निपटान के लिए व्यापक योजना बनाएं। तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. बाबूराम ने सम्बंधित अधिकारियों को अस्पतालों में इस दिशा में व्यापक काम करने की सलाह देते हुए बार कोडिंग की व्यवस्था बनाने के लिए कहा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित अस्पतालों के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की दिशा में काम करने के भी उन्होंने निर्देश दिए। उन्होंने ई-वेस्ट एकत्रीकरण केन्द्र बनाने का निर्देश देने के साथ ही इस बारे लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने को कहा। साथ ही गांवों में भी ई-वेस्ट के निपटान हेतु ब्लॉक स्तर पर ई-वेस्ट एकत्रीकरण केन्द्र बनाने के लिए कहा। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त वीना हुड्डा, सीईओ जिला परिषद विवेक चौधरी, एसडीएम वीरेन्द्र ढूल, सीटीएम राजेश सोनी, डीएसपी वीरेन्द्र सैनी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कमलजीत सिंह एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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