“यूथ फॉर डिजिटल लिटरेसी” विषय पर 7 दिवसीय कैंप का शुभारंभ किया
BOL PANIPAT : आई.बी.पी.जी. महाविद्यालय में एन.एस.एस यूनिट की तरफ से सात दिवसीय स्पेशल कैंप का शुभारंभ किया गया जिसका मुख्य विषय “यूथ फॉर डिजिटल लिटरेसी” रहा । प्रातः कालीन स्वयंसेवकों को योगा करवाया गया। तत्पश्चात मुख्य अतिथि, कॉलेज प्राचार्या डॉ शशि प्रभा मलिक, उप-प्राचार्या डॉ किरण मदान, शिक्षक-गण और स्वयंसेवकों द्वारा दीप प्रज्वलन करके कैंप का शुभारंभ किया गया । स्पेशल कैंप के पहले दिन के मुख्य अतिथि रेखा , SHO, महिला पुलिस थाना, पानीपत, विशिष्ट अतिथि रजनी गुप्ता , protection cum prohibition officer, Panipat, ASI रेणु रहे।
कॉलेज प्राचार्या डॉ शशि प्रभा मलिक ने स्वयंसेवकों को इस सात दिवसीय स्पेशल कैंप के शुभारंभ की बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का सिद्धांत “नोट मी बट यू”, इसका मतलब यह है कि हमें स्वयं से पहले दूसरों को महत्व देना है, दूसरों की परेशानियों को दूर करना है । फिर उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना एन एस एस की रंगोली के तीन रंगों के बारे में बताया उन्होंने यह कहा कि सफेद रंग शांति का, लाल रंग ऊर्जा और स्फूर्ति का और नीला रंग ब्रह्मांड का प्रतीक है । तत्पश्चात उन्होंने कुछ जागरूकता अभियान जैसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण डिजिटल साक्षरता के बारे में स्वयंसेवकों को समझाया । उन्होंने यह बताया कि पूरे देश में गांधी जयंती को स्वच्छता दिवस के रूप में मनाया जाता है । एस.एच.ओ. रेणु ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का समय डिजिटल समय है । सबके पास एंड्राइड मोबाइल है हमें उसे मोबाइल का बहुत सावधानी से प्रयोग करना चाहिए । तत्पश्चात उन्होंने साइबर क्राइम के बारे में समझाते हुए कहा कि किसी भी अनजाने कॉल को अटेंड ना करना या किसी अनजाने लिंक को नहीं दबाना है और इसके बारे में दूसरों को भी जागरूक करना है । विशिष्ट अतिथि रजनी ने कहा कि “तमसो मा ज्योतिर्गमय” का मतलब “अंधकार से प्रकाश की तरफ जाना है”। तो हमें स्वयंसेवक होने के नाते सबको बुराइयों के प्रति जागरूक करना है । तत्पश्चात उन्होंने “जेंडर बेस वायलेंस” के विषय को लेकर बाल विवाह के बारे में बताया । उन्होंने कहा कि जहां पर भी आपको बाल विवाह के बारे में पता चलता है तो आपको कॉल करके हमें बताना है । हमें बाल विवाह जैसी बुराई को जल्द से जल्द खत्म करना है । अंत में उन्होंने यह कहा कि ना किसी से ईर्ष्या, ना किसी से द्वेष । हमें अपने-अपने मकसद के लिए दौड़ना है और उसको पूरा करना है । कॉलेज उप-प्राचार्या डॉ किरण मदान ने स्वयंसेवकों को यह समझाया कि हमें कॉलेज में अपनी पढ़ाई के साथ-साथ समाज सेवा पर भी ध्यान देना है सभी लोगों को बुराइयों के प्रति जागरूक करना है । एन.एस.एस. कार्यक्रम अधिकारी खुशबू ने सात दिवसीय स्पेशल कैंप की रूपरेखा के बारे में समझाते हुए कहा इस कैंप के दौरान हम गांव खोतपुरा के वासियों को डिजिटल साक्षर बनाएंगे और साक्षरता अभियान चलाएंगें, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, पराली अवशेष प्रबंधन, हम ड्रग्स के उपयोग से बचें जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाएंगे योग खेल और विशेषज्ञों के साथ सत्रों द्वारा स्वयंसेवकों का सर्वांगीण विकास करेंगे । इस कैंप के अंत में 50 स्वयं सेवकों को 10 टीमों में बांट दिया जाएगा पूरे सप्ताह के प्रदर्शन के आधार पर सर्वश्रेष्ठ टीम और दो सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवकों को सम्मानित किया जाएगा । मुझे पूरी आशा है कि आप यहां से जीवन भर की सुनहरी यादें और एक नई ऊर्जावान आत्मा लेकर वापस लौटेंगे । तत्पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गई जिसमें पल्लवी, प्रेरणा और खुशी मिश्रा ने नृत्य प्रस्तुत किया । नितिन और वंशिका द्वारा कविता प्रस्तुत की गई । इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ नीतू ने अहम भूमिका निभाई । इस कार्यक्रम में डॉ सुनीता रानी, प्रो. संगीता, प्रो नीतू आदि उपस्थित रहे ।

Comments