विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों व साइबर क्राइम की जानकारी देकर जागरूक किया.
BOL PANIPAT : 5 जुलाई 2024,पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत के मार्गदर्शन में जिला पुलिस ने वीरवार को गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल दीवाना में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों व साइबर क्राइम की जानकारी देकर जागरूक किया।
जागरूकता अभियान के जिला में कॉर्डिनेटर एएसआई जगपाल ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि नशा शरीर और मस्तिष्क पर बुहत ही गलत प्रभाव डालता है। नशे का आदी होना आसान है लेकिन इसकी लत से छुटकारा पाना बेहद मुश्किल है।
नशा व्यक्ति के शरीर के लिए तो हानिकारक है ही साथ में यह अपराध करने का मुख्य कारण भी बनता है। जो व्यक्ति नशा करने लग जाता है वह पैसे ना होने पर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने लग जाता है। विद्यार्थी नशे से दूर रहकर पढ़ाई के साथ साथ खेलों में हिस्सा लें। और समाज के अन्य लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
स्वयं को साइबर क्राइम के प्रति जागरूक कर साबइर ठगी से बच सकते है
उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर क्राइम बारे जानकारी देते हुए बताया कि तकनीक के इस युग में जितनी तेजी से डिजिटल लेन देन को बढ़ावा मिला है उतनी ही तेजी से ठगी के नए-नए तरिके सामने आ रहे हैं। आज के समय में साइबर अपराध चरम पर है। स्वयं को साइबर अपराध के प्रति जागरूक ठगी से बच सकते हैं।
फ्री गिफ्ट, लॉटरी लगना, बीमा पॉलिसी, वाउचर जीतने, लोन, क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने, डीलर शिप के लिए संपर्क करें जैसी कॉल और घर बैठे लाखों कमाए जैसे, कॉल और घर बैठे लाखों कमाए जैसे, KYC व अन्य बैंकिंग कार्यों के लिए आए कॉल से सावधान रहें। अगर आपके साथ किसी भी प्रकार का साइबर अपराध हो जाता है या आप किसी ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाते हैं तो बिना किसी देरी के जल्द से जल्द ’इसकी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://www.cybercrime.gov.in या साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर क्राइम थाना या नजदीकी थाना/चौकी में सूचना दें। 1930 पर तुरंत प्रभाव से शिकायत दे ट्रांजेक्शन फ्रीज करवाए और वित्तीय हानि से बचे।
इस दौरान तीन नए आपराधिक कानूनों के बारे भी विद्यार्थियों व स्कूल स्टाफ को जानकारी दी।

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