एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में एन.एस.एस. यूनिट्स द्वारा मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन
-मानव जीवन रक्षा हेतु रक्तदान परमात्मा के प्रति हमारी सर्वोत्तम अराधना है: अवनीत कौर मेयर पानीपत
-रक्त की न कोई जाति और न कोई धर्म, यह समाज सेवा का सर्वोत्तम साधन: दुष्यंत भट्ट डिप्टी मेयर पानीपत
BOL PANIPAT , 30 नवम्बर, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की एन.एस.एस. इकाइयों, रोटरी क्लब पानीपत रेनबो, जिला रेड क्रॉस सोसाइटी पानीपत और एच.डी.ऍफ़.सी. बैंक पानीपत के संयुक्त तत्वाधान में स्व. रमेशचन्द्र अग्रवाल के 79वें जन्मदिवस के अवसर पर मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमे कॉलेज के एनएसएस कार्यकर्ताओं, छात्र-छात्राओं, स्टाफ सदस्यों और पानीपत के नागरिकों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और 57 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया । रक्तदान शिविर की विधिवत शुरुआत मुख्य अतिथि अवनीत कौर मेयर पानीपत ने की । उनके साथ अतिविशिष्ट उपस्थिति में दुष्यंत भट्ट डिप्टी मेयर और प्रोटेक्शन ऑफिसर रजनी गुप्ता मौजूद रहे । इस पावन अवसर पर रोटरी क्लब पानीपत रेनबो के प्रेसिडेंट अमित भंडारी, प्रोजेक्ट निदेशक सुमित मित्तल, जनरल सेक्रेटरी सचिन, रेड क्रॉस ब्लड बैंक से डॉ पूजा सिंघल, सुनीता ए.एन.एम., रणबीर सिंह काउंसलर और अन्य मेडिकल अधिकारीयों ने रक्त को एकत्रित करने का दायित्व संभाला और रक्तदाताओं का हौंसला बढाया । सिविल हॉस्पिटल पानीपत से डॉ रजत गुप्ता ने रक्तदान शिविर में अपना दायित्व बखूभी अदा किया । माननीय मेहमानों का स्वागत कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, कॉलेज एनएसएस प्रभारी डॉ राकेश गर्ग और डॉ संतोष कुमारी ने किया । विदित रहे कि एसडी पीजी कॉलेज विगत कई वर्षों से रक्तदान शिविरों का नियमित आयोजन करता आ रहा है और इस एकत्रित रक्त का इस्तेमाल गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों तथा दुर्घटनाओं के शिकार लोगों को बचाने के लिए किया जाता है । मेगा-रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वाले छात्र-छात्राओं को रिफ्रेशमेंट, गिफ्ट्स और प्रमाण पत्र वितरित किये गए ।
अवनीत कौर मेयर पानीपत ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि एक वयस्क पुरुष एवं स्त्री में 5 से 6 लीटर तक रक्त होता है और कोई भी व्यक्ति हर तीन महीने में एक बार रक्तदान कर सकता है । उन्होनें कहा कि 450 मिली रक्त से तीन लोगों का जीवन बचाया जा सकता है । भारत में प्रत्येक दो सेकंड में किसी न किसी व्यक्ति को रक्त की आवश्यकता होती है परन्तु दुखद पहलु यह है कि भारत में रक्तदान योग्य व्यक्तियों में से सिर्फ चार प्रतिशत लोग ही रक्तदान करते हैं । उन्होनें इस कैंप में रक्तदान करने वाले हर युवा की प्रशंसा की और कहा कि रक्तदान करने के बाद किसी का जीवन बचने से हममे आत्मसंतोष की दैवीय भावना उत्पन्न होती है । मानव जीवन की रक्षा हेतू रक्तदान परमात्मा के प्रति हमारी सर्वोत्तम अराधना है ।
दुष्यंत भट्ट डिप्टी मेयर पानीपत ने रक्तदान के महत्त्व पर बोलते हुए कहा कि रक्त हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण तत्व है । रक्त का विकल्प केवल और केवल रक्त ही है । बढती दुर्घटनाओं के मद्देनजर आज रक्त की मांग में काफी वृद्धि हुई है । हस्पताल भी रक्त के बगैर कुछ नहीं कर सकते है । रक्तदान करके हम चिकित्सकों के काम में काफी मदद कर सकते है । उन्होनें कहा कि रक्तदान के हमारे शरीर को कई फायदे भी होते हैं । जब हम रक्तदान करते हैं तो हमारे खुद के शरीर में कैंसर जैसी कई बीमारियों के खतरे कम हो जाते है । रक्तदान से लिवर और पाचन ग्रंथि भी तंदुरस्त रहती है और दिल का स्वास्थ्य काफी अच्छा रहता है । रक्तदान से लाखों जानें बच सकती हैं और रक्त उपलब्ध रहे तो किसी का भी जीवन बचाया जा सकता है । रक्तदान करने से नयी रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में वृद्धि होती है । नियमित रक्तदान करने वाला व्यक्ति आवश्यकता पड़ने पर सहजता से रक्त पा भी सकता है । उन्होनें कहा कि रक्तदान के मिथकों और भ्रांतियों को तोड़ कर ही हम रक्तदान करने के भय से मुक्त हो सकते है । रक्त की न कोई जाति और न कोई धर्म होता है बल्कि यह समाज सेवा करने का सर्वश्रेष्ठ साधन है ।
डॉ अनुपम अरोड़ा प्राचार्य ने कहा कि ब्लड डोनेशन कैंप को आयोजित करने का मूल उद्देश्य सामान्य जन में असामान्य दैवीय भावों को उत्पन्न करना है । रक्तदान शिविर के माध्यम से छात्र-छात्राए खुद को देश और समाज से जुड़ा हुआ महसूस करते है । इसके साथ-साथ उनके द्वारा दिया गया रक्त किसी दुर्घटना के शिकार व्यक्ति की जान बचाने में तथा किसी बीमार की मदद में सहायक सिद्ध होता है । मानवता से भरे इस नेक कार्य जैसा पुनीत कार्य अन्यत्र कोई नहीं है ।
डॉ राकेश गर्ग एनएसएस अधिकारी ने कहा कि रक्तदान को लेकर आज भी लोगों के मन में कई सारी गलत धारणाएं मौजूद हैं । परन्तु इसके फायदों के बारे में आज भी सही बातें हमें पता ही नहीं है । नियमित रक्तदान वजन घटाने में हमारी मदद करता है । हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, हृदय रोग के खतरे को कम करता है । कैंसर की संभावना को घटाता करता है और मानसिक स्वास्थ्य को बढाने में भी अत्यधिक मददगार साबित होता है ।
रक्तदान शिविर में डॉ मुकेश पुनिया, डॉ एसके वर्मा, दीपक मित्तल, चिराग सिंगला तथा अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे ।

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