मॉक ड्रिल केवल एक अभ्यास नहीं बल्कि वास्तविक परिस्थितियों में काम आने वाली तैयारियों की है परीक्षा: उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया
आपदा के समय त्वरित कार्रवाई, बेहतर तालमेल और संसाधनों का सही उपयोग ही जनहानि को कर सकता है कम
आज बाढ़ आपदा पर होगा मेगा मॉक ड्रिल, प्रशासन ने कसी कमर
आपदा से निपटने के लिए हर विभाग रहे पूरी तरह तैयार
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कहा – सुरक्षा, रेस्क्यू और कानून व्यवस्था की रहेगी मजबूत व्यवस्था
गांवों में मुनादी कर लोगों को किया जाएगा जागरूक, सभी अधिकारियों को समय पर पहुंचने के निर्देश
BOL PANIPAT , 13 मई। जिले में बाढ़ आपदा को लेकर जिला प्रशासन द्वारा 14 मई (गुरुवार) को मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसको लेकर बुधवार को उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने जिला सचिवालय स्थित सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
यह मॉक ड्रिल जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रशासनिक तैयारियों, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, राहत एवं बचाव कार्यों की क्षमता और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली का परीक्षण करना है। उपायुक्त डॉ. दहिया ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा के समय त्वरित कार्रवाई, बेहतर तालमेल और संसाधनों का सही उपयोग ही जनहानि को कम कर सकता है। उपायुक्त ने कहा कि यह मॉक ड्रिल केवल एक अभ्यास नहीं बल्कि वास्तविक परिस्थितियों में काम आने वाली तैयारियों की परीक्षा है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे निर्धारित समय पर अपने संसाधनों, मशीनरी और टीमों सहित स्टेजिंग एरिया में पहुंचना सुनिश्चित करें ताकि मॉक ड्रिल का सफल संचालन हो सके।
उपायुक्त ने कहा कि इस अभ्यास के माध्यम से यह परखा जाएगा कि किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन कितनी तेजी और प्रभावशीलता से कार्य करता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव कार्यों से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं पहले से पूरी कर ली जाएं और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी मानकों और एसओपी का पालन सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त डॉ. दहिया ने कहा कि आमजन को जागरूक करना भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके लिए गांवों में मुनादी करवाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लोगों को मॉक ड्रिल की जानकारी मिल सके और वे प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों से अवगत हो सकें। उपायुक्त ने कहा कि आपदा प्रबंधन में जनता की जागरूकता और सहभागिता बेहद जरूरी है।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस विभाग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहेगी। पुलिस विभाग द्वारा घटनास्थलों की घेराबंदी कर कानून व्यवस्था बनाए रखी जाएगी तथा राहत एवं बचाव दलों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला पुलिस की ओर से वायरलेस संचार व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और डायल-112 की आपातकालीन गाडिय़ों को डीईओसी, स्टेजिंग एरिया और घटनास्थलों के बीच समन्वय के लिए तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस बल पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करेगा और किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। इस प्रकार की मॉक ड्रिल से पुलिस विभाग की आपदा प्रबंधन क्षमता और बेहतर होगी तथा विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय मजबूत होगा।
उपायुक्त डॉ दहिया ने बताया कि मॉक ड्रिल सुबह 9 बजे शुरू होगी। समालखा के गांव बेहोली स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को पहला इंसिडेंट साइट बनाया गया है। इसके लिए सब डिविजनल कॉम्प्लेक्स समालखा को स्टेजिंग एरिया तथा पंचायत भवन बेहोली को राहत शिविर एवं मेडिकल सहायता केंद्र बनाया गया है। वहीं दूसरी इंसिडेंट साइट आईओसीएल रिफाइनरी में बनाई गई है, जहां सीआईएसएफ कॉलोनी को स्टेजिंग एरिया और राहत शिविर के रूप में उपयोग किया जाएगा। मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ आने, सायरन बजने, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, भवन गिरने की स्थिति, घायलों को निकालने, राहत शिविर स्थापित करने, मेडिकल सहायता उपलब्ध करवाने तथा बचाव कार्यों का अभ्यास किया जाएगा। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (डीईओसी) को जिला सचिवालय के प्रथम तल स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में स्थापित किया जाएगा, जहां से पूरे अभियान की निगरानी की जाएगी।
मॉक ड्रिल में पुलिस विभाग, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, सिविल डिफेंस एवं होमगार्ड, हरियाणा रोडवेज, पीडब्ल्यूडी, बिजली विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, रेडक्रॉस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिंचाई विभाग सहित विभिन्न विभाग भाग लेंगे। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एंबुलेंस, फायर टेंडर, जेसीबी, क्रेन, नाव, रेस्क्यू टीम, मेडिकल टीमें, पेयजल टैंकर, जनरेटर सेट और अन्य आवश्यक संसाधन तैनात किए जाएंगे। इस मॉक ड्रिल को उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया ने विभिन्न विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पुलिस विभाग को कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल टीमों और एंबुलेंस की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। अग्निशमन विभाग को फायर टेंडर और रेस्क्यू उपकरणों सहित मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सिविल डिफेंस एवं होमगार्ड विभाग को सर्च एंड रेस्क्यू टीमों की तैनाती करने को कहा गया है।
इसके अलावा जन स्वास्थ्य विभाग को राहत शिविरों और स्टेजिंग एरिया में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने, नगर निगम को अस्थायी शौचालय और सफाई व्यवस्था करने तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को राहत शिविरों में भोजन पैकेट उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी दी गई है। इस अवसर पर एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप, सीईओ डॉ. किरण, डीआरओ कलब लाकड़ा, डीडीपीओ राजेश शर्मा, डीईओ राकेश बूरा, हरियाणा परिवहन विभाग के जीएम विक्रम कंबोज, एसडीओ पशुपालन विभाग डॉ. श्री भगवान, सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट मुकेश कुमार, बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता आदित्य कुंडू, आरओ भूपेंद्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Comments