राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर गणित विभाग और आई.क्यू.ए.सी. प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्र स्तरीयऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया
BOL PANIPAT: आई.बी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर गणित विभाग और आई.क्यू.ए.सी. प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में एक राष्ट्र स्तरीय ऑनलाइन कार्यशाला का अयोजन किया गया। इस कार्यशाला में हरियाणा, दिल्ली, तमिलनाडु, मणिपुर, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि विभिन्न राज्यों के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के सांख्यिकी विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुरेश कुमार शर्मा रहे । उनके वक्तव्य का विषय आई बी एम एस पी एस एस पैकेज (IBM SPSS Package )रहा। कार्यशाला के प्रारंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार गर्ग ने मुख्य वक्ता और देश भर से जुड़े सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि 28 फरवरी का दिन भारत में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज ही के दिन भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक सी वी रमन जी ने रमन प्रभाव का आविष्कार किया था।उन्होंने कहा कि आज की कार्यशाला न केवल विज्ञान से जुड़े व्यक्तियों के लिए बल्कि हर विषय से जुड़े व्यक्ति के लिए कारगार सिद्ध होगी।
इन्हीं सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए गणित विभाग द्वारा आज इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। तत्पश्चात मंच संचालिका प्रो. दीपाली ने मुख्य वक्ता की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और उन्हें वक्तव्य के लिए आमंत्रित किया। मुख्य वक्ता डॉ सुरेश कुमार शर्मा जी ने बड़े ही सहज एवं सरल तरीके से एस पी एस एस पैकेज के विभिन्न विकल्पों को प्रतिभागियों से साझा किया। उन्होंने t-test, अन्नोवा आदि विकल्पों को इस्तेमाल करने की जानकारी दी और विस्तार से उन्हें समझाया।
कार्यशाला के अंत में आई. क्यू. ए. सी. प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ. मोहम्मद इशाक़ ने मुख्य वक्ता का धन्यवाद किया। उन्होंने देश भर से जुड़े सभी प्रतिभागियों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया की आई. बी. स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय समय समय पर ऐसे आयोजन करता रहता है जिस से की विद्यार्थियों में भी विज्ञान एवं विज्ञान से जुड़े विषयों के प्रति रूचि पैदा हो। कार्यशाला की संयोजिका एवं गणित विभागाध्यक्षा डॉ. अर्पणा गर्ग ने बताया कि इस विषय पर गणित विभाग द्वारा करवाई गई यह दूसरी कार्यशाला है।
हमें शोध कार्य करना हो या कहीं भी आंकड़ों का आंकलन करना हो यह सॉफ्टवेयर हमें ऐसे विकल्प प्रदान करता है कि हम अपना कार्य आसानी से कर सकें।निश्चित रूप से ही इस कार्यशाला से हम सब आज लाभान्वित हुये हैं। इस कार्यशाला को सफल बनाने में सह संयोजिका प्रो. कनक शर्मा, प्रो.मनीष, प्रो. मानसी, प्रो. कोमल, प्रो. सौरव, प्रो.दीपाली, प्रो. भावना, प्रो. कीर्ति, प्रो. साक्षी ने अहम् योगदान दिया। महाविद्यालय की प्रबंध समिति ने इस सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी ।

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