जीव विज्ञान विभाग और इको क्लब द्वारा विश्व वेटलैंड दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय लाइव प्रश्नोत्तरी एवं फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया
BOL PANIPAT : आई. बी. महाविद्यालय में जीव विज्ञान विभाग और इको क्लब द्वारा विश्व वेटलैंड दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय लाइव प्रश्नोत्तरी एवं फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । इस प्रतियोगिता में हरियाणा के अतिरिक्त देश के विभिन्न राज्यों के स्नातक एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। प्राचार्य डॉ अजय कुमार गर्ग ने कहा की विज्ञान के इस युग में विद्यार्थियों को अपने ज्ञान को व्यवहारिक रखना चाहिए ताकि विद्यार्थी अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त कर सके। संयोजक डॉक्टर निधान सिंह एवं सह संयोजक प्रोफेसर पवन कुमार ने विश्व वेटलैंड दिवस की जानकारी देते हुए कहा कि हर साल 2 फरवरी को विश्व वेटलैंड दिवस मनाया जाता है। भारत में वर्तमान में 1,090,230 हेक्टेयर के सतह क्षेत्र के साथ 47 साइटों को अंतर्राष्ट्रीय महत्व के वेटलैंड (रामसर साइट) के रूप में नामित किया गया है। इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों में पृथ्वी के लिए वेटलैंड द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाना है । वेटलैंड दुनिया के सबसे अधिक उत्पादक पारिस्थितिक तंत्रों में से हैं, जो वर्षा वनों और प्रवाल भित्तियों की तुलना में हैं। वेटलैंड को “जैविक सुपरमार्केट” के रूप में माना जा सकता है। वे बड़ी मात्रा में भोजन प्रदान करते हैं जो कई जानवरों की प्रजातियों को आकर्षित करते हैं। ये जानवर अपने पूरे जीवन-चक्र के हिस्से के लिए वेटलैंड का उपयोग करते हैंI प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में लगभग 130 विद्यार्थियों ने भाग लिया और फोटोग्राफी प्रतियोगिता में 40 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
फोटोग्राफी प्रतियोगिता के परिणाम इस तरह रहे
शालिनी दास प्रथम स्थान (जस्टिस बशीर अहमद सईद कॉलेज फॉर वुमन, चेन्नई)
द्वितीय स्थान मनप्रीत कौर ( राजीव गांधी गवर्नमेंट कॉलेज साहा,अंबाला)
तृतीय स्थान स्वाति त्यागी( आईबी महाविद्यालय, पानीपत)
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के परिणाम
प्रथम स्थान वीरेंद्र (आई.बी. महाविद्यालय, पानीपत)
द्वितीय स्थान शालिनी दास (जस्टिस बशीर अहमद सईद कॉलेज फॉर वुमन, चेन्नई)
तृतीय स्थान काजोल तुरन (पंडित चिरंजीलाल गवर्नमेंट कॉलेज, करनाल)इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन में प्रो. अंजूश्री, प्रो. रजनी, प्रो. मोनिका, प्रो. भावना, प्रोफेसर किरण का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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