Saturday, April 18, 2026
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राष्ट्रीय सेवा योजना से पैदा होती है सामुदायिक समझ: पवन गोयल  

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at February 21, 2022 Tags: , , , ,

एसडी पीजी कॉलेज में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय सात दिवसीय एनएसएस विशेष कैंप 2022 का विधिवत समापन  सूरज, सुमित, नैंसी और काजल बने सर्वश्रेष्ठ एनएसएस कार्यकर्ता   

BOL PANIPAT :कुरुक्षेत्र विश्वविधालय के एनएसएस पाठ्यक्रम अनुसार एसडी पीजी कॉलेज द्वारा काबडी गाँव में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस विशेष कैंप 2022 का विधिवत समापन हो गया. समापन समारोह में बतौर विशिष्ट मेहमान एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी के प्रधान पवन गोयल ने शिरकत की और सभी सभी एनएसएस कार्यकर्ताओं को मेरिट सर्टिफिकेट वितरित किये. गेस्ट ऑफ़ ऑनर डॉ एसके वर्मा और मनीष गुप्ता रहे. प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ राकेश गर्ग और डॉ संतोष कुमारी ने मोमेंटो भेंट कर सभी का स्वागत किया. इस कैंप में 110 छात्र-छात्राओ ने भाग लिया और उन्होनें काबडी ग्राम में जाकर नशे के खिलाफ, स्वच्छता, कन्या भ्रूण हत्या, कुपोषण, अनिमिया, अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन, फर्स्ट ऐड देने जैसे विषयों पर एक सप्ताह तक जन-जागरण अभियान चलाये और ग्रामीणों के साथ संवाद एवं परिचर्चाएं की. सात दिवसीय कैंप में सूरज, सुमित, नैंसी और काजल बेस्ट एनएसएस कार्यकर्ता चुने गए. डॉ संतोष कुमारी ने सात दिन चले कैंप कि विस्तृत रिपोर्ट पढ़ कर सुनाई. कैंप की सफलता में प्रो कविता, प्रो जुगमती, प्रो मीतु सैनी, प्रो सन्नी, डेनसन डी पॉल, प्रो अनूप का भी सहयोग रहा.   

एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी के प्रधान पवन गोयल ने कहा की एनएसएस से स्टूडेंट्स को समाज सेवा करने की प्रेरणा और जज्बा मिलता है और साथ ही स्टूडेंट्स में बहुमुखी प्रतिभा का विकास होता है. इसलिए विद्यार्थी जीवन में हर स्टूडेंट्स को एनएसएस में शामिल होना चाहिए या किसी ना किसी रूप में जुड़ना चाहिए. सामुदायिक सेवा के माध्यम से ही छात्रों के व्यक्तित्व का विकास होता है. उनमें सामुदायिक समझ की भावना भी एनएसएस ही पैदा करती है. इसकी मदद से हम सामुदायिक नजरिये से खुद को समझने लगते है. हमें चाहिए कि युवा जीवन में ही हम समुदाय की समस्याओं को पहचानें और उन्हें सुलझाने में अपना योगदान करें. सामाजिक और नागरिक जिम्मेदारी की भावना का विकास एनएसएस से ही संभव है.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा की पढ़ाई के दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) में सेवा करके जो प्रमाण पत्र उन्हें प्राप्त होगा वह विश्वविद्यालय और अन्य महाविधालयो में प्रवेश लेते समय उनके कितना काम आएगा इसका उन्हें अभी आभास नहीं है. इसके अलावा भी एनएसएस  व्यक्ति और समुदाय की समस्याओं के लिए व्यावहारिक समाधान खोजने में उनकी मदद करेगा. सामूहिक जीवन और जिम्मेदारियों के बंटवारे के लिए आवश्यक क्षमता का विकास भी एनएसएस से विकसित होता है.   

डॉ एसके वर्मा ने स्वयंसेवियों से शिविर में सिखाई जाने वाली बातों को मनोयोग से ग्रहण करने को कहा. उन्होनें कहा कि समाज को सही दिशा दिखाने तथा बुराइयों के खिलाफ लड़ने के लिए लोगों को जागरुक करने में स्वयंसेवियों को अहम भूमिका निभानी होगी. शिविर से प्राप्त जानकारी का लाभ उठाकर वे समाज हित में कार्य आसानी के साथ कर सकते है. राष्ट्रीय सेवा योजना छात्र-छात्राओं को सृजनात्मक एवं रचनात्मक कार्यों के प्रति प्रेरित कर समाज सेवा का अवसर प्रदान करती है और उनके व्यक्तित्व को निखारने एवं भविष्य में उन्हें कर्त्तव्यनिष्ठ, संवेदनशील तथा उपयोगी नागरिक के रूप में संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

डॉ राकेश गर्ग, प्रोग्राम ऑफिसर ने कहा की राष्ट्रीय सेवा योजना से प्राप्त प्रमाण.पत्र स्वयं सेवकों के अच्छे भविष्य के निर्माण में सहायक हैं. छात्र शासकीय तथा गैर-शासकीय सेवाओं में इन प्रमाण.पत्रों का प्रयोग कर सकते हैं. उच्चतर कक्षाओं के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के समय राष्ट्रीय सेवा योजना प्रमाण पत्र धारक छात्रों को अतिरिक्त बोनस अंक भी दिये जाते हैं. राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्धेश्य विद्यार्थिओं की सामाजिक चेतना को जागृत करना और उन्हें विशेष  अवसर उपलब्ध करवाना है ताकि वे आगे चल कर लोगों के साथ मिलकर कार्य कर सके. एनएसएस जन सेवा करने का सशक्त माध्यम है. एनएसएस शिविर से युवाओं को समाज के प्रति अपने दायित्व का परिचय कराया जाता है जिससे वे आगे चलकर समाज हित में कार्य करने को प्रेरित होते है.

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