एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस ट्रैफिक एंड हाइवेज हरियाणा द्वारा आयोजित रेंज लेवल ट्रैफिक क्विज प्रतियोगिता में पाया दूसरा स्थान
–हर युवा आने वाली पीढ़ी का मार्गदर्शक है: डॉ राकेश गर्ग
BOL PANIPAT , 23 दिसम्बर,
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस ट्रैफिक एंड हाइवेज हरियाणा द्वारा करनाल के टैगोर बाल निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित रेंज लेवल ट्रैफिक क्विज प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त कर कॉलेज का मान बढ़ाया । प्रतियोगिता आईजी करनाल की देखरेख में हुई । बीकॉम तृतीय वर्ष के सौरभ और दिया गाँधी तथा बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा इशू ने यह स्थान कॉलेज के लिए प्राप्त किया । कॉलेज की टीम ने अंत तक विरोधी टीमों को टक्कर दी जिसके कारण तीन बार टाईब्रेकर का इस्तेमाल करना पड़ा जिसमे अंततः कॉलेज को द्वितीय स्थान मिला । विजेताओं का कॉलेज प्रांगण में पहुँचने पर प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, एन.एस.एस. प्रोग्राम ऑफिसर डॉ राकेश गर्ग, डॉ मुकेश पुनिया, डॉ एसके वर्मा और प्रो मनोज कुमार ने स्वागत किया । विदित रहे कि प्रतियोगिता में ट्रैफिक नियमों पर आधारित प्रश्न पूछे गये और जिन विद्यार्थियों ने सबसे अधिक सही जवाब दिए उन्हें विजेता घोषित किया गया । ट्रैफिक चिन्हों को पहचानना, विभिन्न विकट परिस्थितियों में क्या करना चाहिए, ट्रेफिक नियम आदि पर आधारित सवाल विद्यार्थियों से पूछे गए । क्विज प्रतियोगिता के इस अभियान की शुरुआत उस समय के पुलिस महानिरीक्षक शत्रुजीत कपूर आईपीएस की प्रेरणा से 2013 में शुरू हुई और आज यह अभियान रिकॉर्ड भागीदारी का अनूठा उदाहरण बन गया है और इसे लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में भी स्थान मिला है । पुलिस विभाग के समस्त अधिकारियों और शिक्षा विभाग के सांझा प्रयासों से इस प्रतियोगिता में अब तक रिकॉर्ड संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया है ।
डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि दुनिया भर में सड़क दुर्घटनाओं का बढ़ना चिंता की बात है । दुनिया भर में सड़क दुर्घटनाओं से 13 लाख से अधिक लोग प्रतिवर्ष मृत्यु को प्राप्त हो जाते है जिसमे से डेढ़ लाख से अधिक मौते तो सिर्फ अपने देश में होती है । हरियाणा में यह संख्या 52 हजार के लगभग है और पानीपत जिला इससे बिल्कुल भी अछूता नहीं है । जैसा युवा होगा वैसा ही राष्ट्र होगा और हर युवा आने वाली पीढ़ी का मार्गदर्शक होता है । नियमों पर चलना बहुत बड़ी बात है और इतिहास गवाह है की जो मुल्क नियमों पर चले उन्होनें तरक्की के नए आयाम स्थापित किये है । समय आ गया है कि युवा न सिर्फ खुद सड़क पर संभलकर चले बल्कि अपने आस-पड़ोस में रहने वालों को भी ऐसा करने के लिए मजबूर करे । इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस ट्रैफिक एंड हाइवेज हरियाणा सरकार के प्रयासों और दूरदर्शिता की सराहना करते हुए उन्होनें कहा कि दुर्घटना के ग्राफ को कम करने की जिम्मेवारी अब युवाओं को पूरा करनी है । सरकार केवल कानून बना सकती है परन्तु धरातल पर कार्य तो युवाओं को ही करना होगा । इसी उद्देश्य से इस क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ।
डॉ राकेश गर्ग ने कहा कि किसी भी अधिकारी को किसी का भी चालान काटने में कोई आनंद नहीं आता है । किन्तु जब अधिकारी लोगों को अपनी जान की परवाह न करते देखते है तो उन्हें ऐसा करना पड़ता है । हेलमेट न पहनना, वाहनों को ओवरलोड करना, गलत दिशा में चलना, नशे में वाहन चलाना, तेज गति से वाहन दौड़ाना आदि से न सिर्फ हम खुद की जान को जोखिम में डालते है बल्कि इससे दूसरों के प्राण भी जा सकते है । सड़क सुरक्षा एक जवलंत मुद्दा है जिसको संवेदनशीलता के साथ एन.एस.एस. यूनिट्स के हर स्वयंसेवक ने बार-बार उठाया है और समाज को नई दिशा दिखाई है ।
डॉ एसके वर्मा ने कहा कि निस्वार्थ भाव से दूसरों की मदद करने का गुण हर युवा में होना चाहिए क्यूंकि जैसे हम खुद है वैसा ही तो समाज बनेगा । सड़क पर सुरक्षा वर्तमान का सबसे ज्वलंत मुद्दा है और सड़क पर हर इंसान की जान को बचाना और संजोना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए । यातायात संबन्धित ज्यादातर समस्याएँ युवाओं से जुड़ी है । ऐसे में हर युवा का दावित्व है कि वह आने वाली पीढ़ियों को निराश न करे और सड़क सुरक्षा को मन से अपनाए और सड़क सुरक्षा के नियमों को पढ़े और समझे ।
इस अवसर पर डॉ मुकेश पुनिया, डॉ एसके वर्मा, डॉ राकेश गर्ग, दीपक मित्तल, चिराग सिंगला उपस्थित रहे ।

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