Monday, June 1, 2026
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प्राकृतिक खेती केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकता: डीडीए प्रवीण गुलिया

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at March 19, 2026 Tags: , , , ,

हमें पर्यावरण संतुलन और आर्थिक मजबूती – दोनों को साथ लेकर चलना होगा

प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ते कदम

जिला स्तरीय शिविर में किसानों को मिला नया मार्गदर्शन

प्रगतिशील किसानों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया

BOL PANIPAT , 19 मार्च। जिला पानीपत के गाँव पावटी (ब्लॉक समालखा) में वीरवार को प्राकृतिक कृषि पर आधारित एक विशेष जिला स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना तथा कृषि विभाग की विभिन्न लाभकारी योजनाओं से अवगत कराना था, ताकि वे अपनी खेती को अधिक लाभकारी बनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें।

    शिविर में कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. प्रवीण गुलिया ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा, आज के समय में प्राकृतिक खेती केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकता बन चुकी है। रासायनिक खेती से बढ़ती लागत और घटती मिट्टी की उर्वरता के बीच प्राकृतिक कृषि किसानों के लिए स्थायी समाधान प्रस्तुत करती है। सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं और अनुदानों का सही उपयोग कर किसान अपनी आय को दोगुना ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित भी कर सकते हैं। हमें पर्यावरण संतुलन और आर्थिक मजबूती – दोनों को साथ लेकर चलना होगा।

डॉ  गुलिया ने बताया कि किस प्रकार किसान सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी कृषि पद्धतियों में सुधार कर सकते हैं और खेती को एक स्थायी एवं मुनाफे का व्यवसाय बना सकते हैं। साथ ही उन्होंने प्राकृतिक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों को पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

    शिविर में मत्स्य पालन विभाग से श्री विनय तथा पशुपालन विभाग से डॉ. शैलेश ने भी अपनी-अपनी विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। मत्स्य पालन विभाग ने जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से बचाव हेतु जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया, वहीं पशुपालन विभाग ने किसानों को पशुपालन से आय बढ़ाने के विभिन्न उपायों और योजनाओं के बारे में अवगत कराया। दोनों विभागों ने किसानों को आय के स्रोतों को विविध बनाने की सलाह दी।

इस दौरान उप मंडल कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुहाड़ ने किसानों से सीधा संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि कृषि विभाग हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है। कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा प्रगतिशील किसानों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया। प्रमाण पत्र देकर उनकी मेहनत और नवाचारों की सराहना की गई, जिससे अन्य किसानों को भी प्रेरणा मिली।

शिविर में किसानों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। उपस्थित किसानों ने विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उन्हें अपने खेतों में लागू करने का संकल्प लिया। यह शिविर किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ, जिसमें उन्हें प्राकृतिक खेती के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का स्पष्ट मार्गदर्शन मिला। इस अवसर पर डॉ. राधे श्याम गुप्ता, डॉ. अरविंद कुमार (विषय विशेषज्ञ), खंड कृषि अधिकारी समालखा डॉ. नवीन लठवाल, गाव पावटी के सरपंच दीपक तथा ब्लॉक समिति के  देवेंद्र सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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