एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के एन.एस.एस. स्वयंसेवकों ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय की एन.एस.एस टीम का हिस्सा बन दस दिवसीय राज्य स्तरीय एन.एस.एस. एडवेंचर कैंप में लिया हिस्सा
–हरियाणा स्टेट एन.एस.एस. सेल द्वारा प्रायोजित है यह कैंप
–अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान मैक्लोडगंज धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में 15 से 24 नवम्बर तक हो रहा है कैंप का आयोजन
–भारतीय चिन्तन में पर्यावरण संरक्षण की अवधारणा उतनी ही प्राचीन है जितना मानव जाति का इतिहास: दिनेश कुमार स्टेट एन.एस.एस. ऑफिसर हरियाणा
BOL PANIPAT, 15 नवम्बर. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के एन.एस.एस. कार्यकर्ताओं ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय की एन.एस.एस टीम का हिस्सा बन अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान मैक्लोडगंज धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में 15 से 24 नवम्बर तक चलने वाले दस दिवसीय राज्य स्तरीय एन.एस.एस. एडवेंचर कैंप के लिए कॉलेज से कूच किया । कैंप का आयोजन हरियाणा स्टेट एन.एस.एस. सेल द्वारा किया जा रहा है और इसे दिनेश कुमार स्टेट एन.एस.एस. ऑफिसर हरियाणा का दिशा निर्देशन एवं सानिध्य प्राप्त रहेगा । स्वयंसेवकों और एन.एस.एस. अधिकारी डॉ राकेश गर्ग, जो इस कैंप में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय का प्रतिनिधित्व कर रहे है, को कॉलेज प्रांगण से प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । दस दिवसीय राज्य स्तरीय एन.एस.एस. एडवेंचर कैंप में स्वयंसेवक प्रकृति एवं पर्यावरण को नजदीक से महसूस करने के साथ-साथ इसे संरक्षित करने के गुण खुद में विकसित करेंगे । सौरभ और अनिरुध आहूजा कॉलेज एन.एस.एस. का प्रतिनिधित्व करते हुए के.यु.के. की तरफ से इस आवासीय कैंप में हिस्सा लें रहे है । इसके अलावा सीबीएल यूनिवर्सिटी भिवानी से प्रोग्राम ऑफिसर डॉ आशीष, एमडी यूनिवर्सिटी रोहतक से प्रोग्राम ऑफिसर डॉ अभिमन्यु और गुरुग्राम यूनिवर्सिटी से प्रोग्राम ऑफिसर डॉ योगेश सिंह इस कैंप में शिरकत कर रहे है ।
विदित रहे कि इस कैंप में भाग लेने के लिए हरियाणा प्रदेश के 59 एन.एस.एस. कार्यकर्ताओं को चयनित किया गया है जिनका संबंध प्रदेश के विभिन्न कालेजों और विश्वविधालयों से है जिनमे के.आर. मंगलम यूनिवर्सिटी गुरुग्राम, सेंट्रल यूनिवर्सिटी महेंद्रगढ़, चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी भिवानी, एमडी यूनिवर्सिटी रोहतक, गुरुग्राम यूनिवर्सिटी, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, एमएम यूनिवर्सिटी मुलाना अम्बाला प्रमुख है । स्वयंसेवकों को इस आवासीय कैंप के माध्यम से प्रकृति और पर्यावरण को जानने और समझने का अवसर प्रदान किया जाएगा । प्राकृतिक आपदाओं और मन में छुपे डर को बाहर निकालना भी इस एडवेंचर कैंप का एक प्रमुख उद्देश्य है । कैंप में आयोजित विविध प्रकार की गतिविधियों जैसे ट्रेकिंग, जिपलाइनिंग, रॉकक्लाइमिंग, रिवर क्रासिंग, रस्साकशी, कमांडो नेट क्लाइमिंग, मंकी करोलिंग, रेपलिंग आदि में कार्यकर्ता जोश और जूनून के साथ हिस्सा लेंगे । सांयकालीन सत्र में विविध सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा ।
दिनेश कुमार स्टेट एन.एस.एस. ऑफिसर हरियाणा ने अपने सन्देश में कहा कि हमें अपने चारों ओर के वातावरण को संरक्षित करने का तथा हमारे जीवन के अनुकूल बनाए रखने का निरंतर प्रयास करना होगा । पर्यावरण और प्राणी एक दूसरे पर आश्रित हैं और यही कारण है कि भारतीय चिन्तन में पर्यावरण संरक्षण की अवधारणा उतनी ही प्राचीन है जितना यहाँ की मानव जाति का इतिहास है । यह कैंप एन.एस.एस. कार्यकर्ताओं को इसी तथ्य का बोध कराएगा ।
डॉ आनंद कुमार एन.एस.एस. प्रोग्राम समन्वयक के.यू.के. ने अपने सन्देश में कहा कि इस प्रकार के कैंप के आयोजन का उद्देश्य पर्यावरण के संरक्षण और सुरक्षा के प्रति सभी की चेतना को जागृत करना है । अगर हमने पर्यावरण में संतुलन बनाए रखा होता और इसका अर्थहीन दोहन न किया होता तो जो हालात धरती पर आज पैदा हो गए है वह कभी न होते ।
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि प्रकृति हमे बार-बार चेतावनी देती आई है कि हम उससे अनवांछित छेडछाड़ न करे और उसके साथ भी उचित व्यवहार करे । हमें एक ही धरती मिली है और हमें इसका ख्याल रखना ही होगा । एन.एस.एस. कैंप का उद्देश्य पर्यावरण के साथ सदभाव में रहना सिखाना और इसकी सुरक्षा के प्रति सभी की चेतना को जागृत करना है ।
डॉ राकेश गर्ग एन.एस.एस. अधिकारी ने कहा कि इस प्रकार के एडवेंचर कैंप छात्र-छात्राओं में छिपी प्रतिभा को बाहर निकाल कर उनमें साहस और रोमांच की भावना का विकास करते हैं । इससे कार्यकर्ताओं में निर्णय लेने और सीमित संसाधनों में जीवनयापन करने के गुण विकसित होते हैं और विद्यार्थी जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार होते हैं । दस दिवसीय इस कैंप में एन.एस.एस कार्यकर्ताओं को फ्लाइंग फोक्स, मंकी क्रोलिंग, कमांडों क्रासिंग, आरचरी, शूटिंग, लेडर ब्रिज, ब्रह्मा ब्रिज, रोप वाक आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा जो उनके आगे के जीवन में बहुत काम आएगा । इस कैंप में छात्र-छात्राओं को विपत्ति के समय अपना बचाव करने के तरीकों का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा । आग लगने की स्थिति में अपना बचाव, बिना ब्रिज के नदी को पार करना, पहाड़ों की चढ़ाई, शूटिंग का ज्ञान, कमांडो की ट्रेनिंग आदि जैसे प्रशिक्षण जीवन में बहुत काम आने वाले हैं ।

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