अधिकारी अपने विभाग की शिकायतों का तय समय सीमा में करें समाधान: निगम अतिरिक्त आयुक्त विवेक चौधरी
-शिकायतों के त्वरित निपटारे के निर्देश
-वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से समाधान प्रकोष्ठ की समीक्षा बैठक सम्पन्न
पानीपत, 10 अक्टूबर। जिला स्तर पर लंबित जनशिकायतों के समाधान को लेकर सरकार गंभीर दिखाई दे रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को समाधान प्रकोष्ठ की साप्ताहिक समीक्षा बैठक वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता आयुक्त एवं सचिव विजय सिंह दहिया ने की। उन्होंने निर्देश दिए कि बीते 60 दिनों में दर्ज हुई शिकायतों का समाधान अधिकारी विभागीय समन्वय से प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करें। विजय दहिया, जो कि हरियाणा मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग तथा पशुपालन एवं उद्यान विभाग के आयुक्त एवं सचिव भी हैं, ने सभी जिलों के उपायुक्तों से फीडबैक लिया और लंबित शिकायतों के समाधान न होने के कारणों को भी जाना। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि आमजन की शिकायतों का समाधान तय समय सीमा में हो, ताकि प्रशासन के प्रति नागरिकों का विश्वास मजबूत हो।
बैठक के दूसरे चरण में निगम के अतिरिक्त आयुक्त विवेक चौधरी ने सभी विभागों के अध्यक्षों के साथ अलग से बैठक की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि वे लंबित मामलों की गंभीरता को समझें और अच्छे गुणवत्ता वाले उत्तर तैयार कर समय पर पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने विभाग अनुसार पेंडेंसी की जानकारी भी साझा की और निर्देश दिया कि भविष्य में पेंडेंसी न बढ़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। बैठक में समाधान पोर्टल पर दर्ज मामलों की समीक्षा करते हुए यह बात सामने आई कि कई विभागों में शिकायतें अभी भी समाधान की प्रतीक्षा में हैं।
बैठक में एसडीएम मनदीप कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय मलिक, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजेश शर्मा, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक नीतू, डीएसओ धीरेंद्र हुड्डा, डीएसपी सतीश वत्स, जिला रोजगार अधिकारी रितु चहल, डीएफएससी कुमारी नीतू, आर ओ भूपेंद्र चहल, जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता करण बहल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य यह था कि प्रशासनिक मशीनरी जवाबदेह बने और जनता से जुड़ी शिकायतों का समय पर व गुणवत्तापूर्ण निपटारा हो।वीडियो कांफ्रेंस के दौरान यह भी सुनिश्चित किया गया कि आने वाले सप्ताहों में समाधान प्रकोष्ठ की कार्यशैली और अधिक प्रभावशाली हो और प्रत्येक स्तर पर समन्वय स्थापित कर कार्यवाही को अंतिम रूप दिया जाए। गौरतलब है कि मुख्य मंत्री नायब सिंह कह चुके हैं कि अब शिकायतों की अनदेखी नहीं चलेगी और हर अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी तय समय सीमा में पूरी करनी होगी।

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