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औद्योगिक नगरी में मधुमक्खी पालन में किसान करते 49 लाख का सालाना उत्पादन

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at August 9, 2022 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT, 9 अगस्त। हरियाणा में किसानों को मधुमक्खी पालन के साथ जोडऩे व राज्य में शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पिछले वर्ष मधुमक्खी पालन कार्य योजना की शुरूआत की थी। सरकार की सोच है की इस योजना से किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ किसान पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बनेगे जो राज्य के लिए बहुत फायदेमंद होगा। वर्तमान समय में पानीपत में 33 मधुमक्खी पालकों द्वारा वर्ष भर में 41.25 मिट्रिक टन शहद का उत्पादन किया जा रहा है।
    ध्यान देने लायक बात यह है की केवल 1650 बक्से में यहां के किसान प्रति वर्ष 49 लाख 68 हजार के शहद का उत्पादन उत्पादन करते हैं। सरकार द्वारा मधुमक्खी पालकों को पहले की तुलना में ज्यादा सब्सिडी प्रदान की जाती है। अब इसे बढ़ा कर 85 प्रतिशत कर दिया गया है।  इसमें मधमक्खी पालक जरूरी उपकरण भी ले सकते हैं। ध्यान रहे की वर्तमान में शहद उत्पादन में हरियाणा का सातवां स्थान है व प्रति वर्ष यहां पर 48 हजार मीट्रिक टन उत्पादन होता है। इस लक्ष्य को बढ़ाकर सरकार इसे 1 लाख मीट्रिक तक करना चाहती है। जिसके लिए इस योजना को शुरू किया गया है।

मधुमक्खी पालकों की बढ़ती रूचि

इस योजना का असर अब मधुमक्खी पालकों पर साफ दिखाई देने लगा है। नये -नये मधुमक्खी पालक इस योजना के साथ जुडऩे लगे हैं। अब इस बात की उ मीद कि जा रही है कि आगामी  8 वर्षों में दूध, घी की तरह शहद का उत्पादन यहां का मधुमक्खी पालक करने लगेगा।
      उपायुक्त सुशील सारवान कने बताया की राज्य सरकार समय -समय पर विभिन्न योजनाएं चलाती रहती है जो विभागों और किसानों को शहद उत्पादन की ओर प्रेरित करती है। उपायुक्त के अनुसार शहद के उत्पादन को निर्यात में इस्तेमाल किया जाता है वहीं यह आम व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए कफी फायदेमंद भी है। जो युवा इसमें रूचि रखते हैं वे मान्यता प्राप्त संस्थान से कम से कम एक सप्ताह का प्रशिक्षण प्राप्त करके सरकार की योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।
    उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया की इस योजना का उद्देश्य मधुमक्खी पालकों को शहद उत्पादन के लिए प्रेरित करना तथा उनकी आय में वृद्धि करना प्रमुख है। उनके अनुसार वे ही पात्र अधिकतम 50 मधुमक्खी के बक्से और 50 मधुमक्खी कॉलोनियों सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं जिन्होंने पिछले पांच वर्षों में 50 मधुमक्खी के छतों और 50 मधुमक्खी कालोनियों पर सब्सिडी ना ली हो।  
    उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया की राज्य सरकार मधुमक्खी कॉलोनियों पर 85 प्रतिशत सब्सिडी यानि 17 सौ रूपये प्रति मधुमक्खी कॉलोनी देती है। उन्होंने बताया की एक बॉक्स की कुल कीमत 2152 रूपये निर्धारित है। जिसमें मधुमक्खी पालक का हिस्सा 642 रूपये और सरकारी अनुदान 1768 रूपये प्रति बाक्स है।
  उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया की इस योजना के तहत शहद उत्पादन में वृद्धि करने को लेकर कार्य किया जा रहा है।  इस योजना के अंतर्गत राज्य में शहद के विभिन्न उत्पादों जैसे बी वैक्स, मधुमक्खी विष, रॉयल जेली, मधुमक्खी पराग एवं प्रोपोलिस की बिक्री को बढ़ावा दिया जाएगा। निश्चित रूप से शहद के इन उत्पादों को बेचने से किसानों की आय में बढ़ोतरी आएगी।
    उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया की एक मधुमक्खी कालोनी की कुल लागत 2000 रूपये है जिसमें मधुमक्खी पालक का हिस्सा 300 रूपये और सरकारी अनुदान 1700 रूपये प्रति मधुमक्खी कॉलोनी है। उन्होंने बताया की सरकार इस योजना के साथ आने वाले समय में छोटे मधुमक्खी पालकों को जोड़ेगी। इसके लिए सरकार किसानों को सहायता भी प्रदान करेगी।

कहां कहां हैं इसके प्रशिक्षण केंद्र

मधुमक्खी पालन के लिए सरकार ने राम नगर कुरूक्षेत्र, ऊझा पानीपत, हैक मुरथल  में हैं जहां किसानों को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण दिया जाता है।

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