शिविर केवल औपचारिकता न बनें अधिकारी इसका विशेष ध्यान रखें: आयुक्त एवं सचिव आसिमा बराड़
लंबित व री-ओपन शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता से करने के दिए निर्देश
अधिकारी समस्याओं के निस्तारण में और लाए तेजी: विवेक चौधरी
समाधान शिविरों में आने वाली शिकायतों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक
BOL PANIPAT , 12 सितंबर। सहकारिता विभाग की आयुक्त एवं सचिव तथा हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम की प्रबंध निदेशक आशिमा बराड़ ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा प्रदेशभर में आयोजित समाधान शिविरों में आने वाली शिकायतों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुक्रवार को समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने सभी जिलों और उप मंडलों में आयोजित शिविरों में दर्ज शिकायतों की वर्तमान स्थिति जानी और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आयुक्त-सचिव ने उपायुक्तों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंच रहा है या नहीं, यह गंभीरता से परखा जाए। उन्होंने जोर दिया कि समाधान शिविरों का मूल उद्देश्य केवल शिकायतें दर्ज करना नहीं बल्कि उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यदि किसी शिकायत का समाधान अपेक्षित समय में नहीं हो पा रहा है तो संबंधित विभाग प्रमुख स्वयं जिम्मेदारी लें और स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त विवेक चौधरी ने बैठक में आश्वस्त किया कि जिले में प्राप्त शिकायतों पर विभाग सक्रियता से कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ शिकायतें ऐसी हैं जिन पर और अधिक गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है, लेकिन समग्र रूप से जिला शिकायतों के निस्तारण की स्थिति में बेहतर है। उन्होंने कहा कि भविष्य में और मजबूती के साथ इस दिशा में प्रयास किए जाएंगे ताकि जनता को शीघ्र और पारदर्शी समाधान मिल सके।
बैठक के उपरांत विवेक चौधरी ने जिले के सभी विभागीय अधिकारियों की बैठक भी ली। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि मार्च माह तक लंबित सभी शिकायतों का निपटारा आगामी शुक्रवार से पहले कर दिया जाए। इसके बाद अन्य महीनों की शिकायतों पर कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि पेंडिंग और री-ओपन दोनों कैटेगरी की शिकायतों की विभागवार समीक्षा होनी चाहिए और किसी भी समस्या को हल्के में नहीं लिया जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतों की निगरानी और समाधान की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा। हर शिकायत की स्थिति समय-समय पर अपडेट की जाएगी ताकि आमजन यह देख सकें कि उनकी समस्या पर क्या प्रगति हो रही है।
आयुक्त-सचिव आशिमा बराड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविर केवल औपचारिकता न बनें, बल्कि जनता को यह महसूस होना चाहिए कि उनकी आवाज सीधे सरकार तक पहुच रही है और उसका असर भी दिख रहा है। उन्होंने कहा कि विभागों को जनता से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में और सजग रहना होगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन विभागों में शिकायतें अपेक्षाकृत अधिक आ रही हैं, वहां विशेष समीक्षा की जाएगी। साथ ही उन विभागों के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। लगभग एक घंटे से ’यादा समय तक चली वर्चुअल समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने विभागवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और समाधान शिविरों में दर्ज शिकायतों की विस्तृत जानकारी साझा की।
इस अवसर पर एसडीएम मनदीप कुमार, जिला परिषद सीईओ डॉ. किरण, निगम संयुक्त आयुक्त डॉ संजय, नगराधीश टीनू पोसवाल, डीएसपी सतीश वत्स, सीएमओ डॉ. विजय मलिक, डीडीपीओ राजेश शर्मा, डीएचओ शार्दुल शंकर, पशुपालन विभाग के एसडीओ श्री भगवान सहित अन्य कई विभागों से अधिकारी मौजूद रहे।

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