फैला उजियारा फाउंडेशन की ओर से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली 15 महिलाओं को सम्मानित किया।
BOL PANIPAT , 8 मार्च। प्रदेश की अग्रणी संस्था फैला उजियारा फाउंडेशन की ओर से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लघु सचिवालय परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सीटीएम राजेश कुमार सोनी ने भाग ले विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 15 महिलाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता फाउंडेशन की प्रदेशाध्यक्ष कुमारी रंजीता कौशिक ने की।
सीटीएम राजेश सोनी ने इस मौके पर कहा कि प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति में महिलाओं का सम्मान रहा है। महिलाओं ने अपनी अधिकार के लिए कभी लंबी लड़ाई नहीं लड़ी । हक के लिए लड़ाई लडऩी पड़ती है। महिलाओं को आगे बढऩे के लिए शिक्षित होना पड़ेगा। शिक्षा ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बना सकती है। अपनी शक्ति का सही दिशा में प्रयोग करना चाहिए। महिलाओं का सशक्त होना जितना केवल खुद के लिए ही जरूरी है,उतना ही समाज के लिए भी जरूरी है। महिलाओ का आगे बढऩा और सशक्त होना पूरे समाज को एक नई पहचान दिलाता है। उन्होंने कहा कि ऋग्वेद और उपनिषदों में कई महिला संतों का उल्लेख है भी है, विशेष रूप से गार्गी वाचकनवी और मैत्रेयीवीं के लेख इतिहास में पढ़ने को मिलते हैं।

कुमारी रंजीता कौशिक ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की स्थिति को मजबूत करना,उन्हें सशक्त करना और आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करने में उनकी मदद करना प्रमुख है। उन्होंने कहा कि हमें बेटियों को पढ़ाने और उन्हें आगे बढ़ाने और बचाने के लिए और प्रयास करने की जरूरत है। बेटियों की परवरिश से ही देश में क्रांति के दरवाजे खुलेंगे। बेटियां भगवान का वरदान है। नासमझ है वो लोग जो बेटियों को बेटों से कम तोलते हैं। बेटियों से सारी सृष्टि महकती है। बेटियां धरती का गौरव और गुणों की खान है। बेटियां जिस घर में होती है उस घर की दीवारें भी बोलती है।
उन्होंने कहा कि जरूरी ही नहीं आईआईटी क्षेत्र में काम करने वाली महिलाएं या फिर डॉक्टर या फिर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में काम करने वाली महिलाएं ही सशक्त हो। बल्कि अन्य क्षेत्र में कार्य करने वाली महिलाओं को आगे बढ़ाना उनका आत्मविश्वास बढ़ाना होगा। इसी प्रयास को लेकर राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जो काबिल के तारीफ है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र,सशक्त और मानसिक रूप से सक्षम बनाने के लिए और प्रयास करने की जरूरत है। आर्थिक रूप से स्वतंत्रता महिलाओं के लिए महिला सशक्तिकरण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि संस्था महिलाओं की समानता के लिए हमेशा खड़ी रहती है। हमारी अर्थव्यवस्था जब तक सफल नहीं हो सकती जब तक आधी आबादी का सहयोग नहीं करेंगे। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए उन्हें नहीं रुकेंगे। उन्हें घर में रखकर उनकी काबिलियत को कम आंकने की कोशिश करेंगे। महिलाएं हर वो एक काम करने में सक्षम है जो पुरुष कर सकता है। कई स्थानों पर महिलाओं को आगे नहीं लाया जाता जो दुर्भाग्यपूर्ण है। आज की महिलाएं पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने में सक्षम है। फिर भी वे आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करने में कहीं ना कहीं असमर्थ नजर आती है।
र्थिक रूप से उन्हे कहीं ना कहीं ,घरों में या पतियों पर निर्भर रहना पड़ता है। संस्था प्रारंभ से ही महिलाओं की पूरी क्षमता हासिल करने और अर्थव्यवस्था के निर्माण में सहयोग करने के लिए संस्था कार्य कर रही है। संस्था व्यवहारिक विचारों की एक श्रृंखला के माध्यम से महिलाओं की मदद कर रही है।
भिन्न कार्यों में आगे बढ़ाने के लिए उनका सहयोग करती आ रही है। इस मौके पर सीटीएम ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाली महिलाओं में नायब तहसीलदार सुदेश राणा, एडीए अनुप्रिया, अधीक्षक निर्मला देवी, स्टेनो साधना, सीमा रानी, कानूनगो पूजा, निर्वाचन कार्यालय की प्रोग्रामर कमल, डीएफएसएसी कार्यालय की अधीक्षक निर्मला, एसएसएसए कार्यालय की मीना, सहायक गीता रानी, जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय से निर्मला, सेवादार मूर्ति देवी, एडीसी कार्यालय से सविता रानी को सम्मानित किया।

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