आई.बी.स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया
BOL PANIPAT : आई.बी.स्नातकोत्तर महाविद्यालय पानीपत में हिंदी विभाग के अंतर्गत एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया | यह संगोष्ठी सहायक प्रवक्ता डॉ. शर्मिला यादव के संयोजन में की गई |
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज उप – प्राचार्या डॉ. मधु शर्मा के साधुवाद, ज्ञानवर्धन आशीर्वाद संभाषण के साथ किया गया | इस संगोष्ठी के उपलक्ष्य में कॉलेज प्राचार्य डॉ. अजय कुमार गर्ग ने कहा कि साहित्य हमारी संस्कृति का संरक्षण करता है और भारतीय संस्कृति विश्व स्तर पर अपने मानवीय मूल्यों के कारण ही जानी जाती है इसलिए इस तरह के आयोजन सामाजिक जागरूकता पैदा करते हैं |
इस अवसर पर सहयोगी प्रवक्ता डॉ. गुरनाम जी ने बताया कि भारतीय साहित्य विविधता में समता का संगम है क्योंकि किसी भी भाषा के साहित्य का सरोकार मूल्यों का आंकलन करना ही है | स्नातकोतर द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने नारी विमर्श, दलित विमर्श, नवजागरण, भारतीय साहित्य, भारतीय साहित्य के लेखन की समस्या और प्रेमचंद के साहित्य का मूल्यांकन विषय पर सारगर्भित संगोष्ठी में अपने-अपने विचार अभिव्यक्त किए | संस्कृत विभागाध्यक्षा प्रो. सोनिया ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया |
कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. शर्मिला यादव ने बताया कि हिंदी को शीर्ष तक पहुँचाने के लिए हिंदी का भारतीय साहित्य संकल्पकृत है | हिंदी एवं भारत की सभी भाषाओ के साहित्यकारों को वैश्विक एवं राष्ट्रीय पटल पर प्रतिष्ठा दिलाना तथा समाजोपयोगी साहित्य को भिन्न-भिन्न कक्षाओं के पाठ्यक्रम में शामिल करना, साहित्यकारों के माध्यम से मानवता के कल्याण हेतु भारत के आदर्श मानवीय मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना ही इसका मूल उदेश्य है ताकि समाज में बौद्धिक वातावरण को सकारात्मक दिशा मिल सके | इस संगोष्ठी में सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतीकरण दीपक एवं नीलम का रहा |

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