“भारत में राजनीतिक परिदृश्य”विषय पर ऑनलाइन राष्ट्रीय स्तर की कविता लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
BOL PANIPAT : आई.बी.पीजी कॉलेज , पानीपत के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा “भारत में राजनीतिक परिदृश्य” विषय पर ऑनलाइन राष्ट्रीय स्तर की कविता लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह आयोजन विद्यार्थियों को हमारे देश के राजनीतिक परिदृश्य पर विचार व्यक्त करने का एक अद्भुत मंच प्रदान करता है, जिसमें उन्होंने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से समकालीन राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपने दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया गया।
इस प्रतियोगिता का आयोजन राजनीति विज्ञान की विभागाध्यक्षा डॉ. किरण मदान और सहायक प्राध्यापिका खुशबू (सह-संचालिका) द्वारा किया गया | इस प्रतियोगिता में लगभग 30 विद्यार्थियों ने भाग लिया और अपनी रचनाए भेजी | कॉलेज की प्राचार्या डॉ. शशि प्रभा मलिक ने अपने विचार प्रकट करते हुए बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में राजनीतिक चेतना, विचारशीलता और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करते है | उन्होंने इस आयोजन को विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बताया और कहा कि कविता लेखन के माध्यम से हम समाज में बदलाव की दिशा में सोचने और कार्य करने के लिए प्रेरित होते है |
डॉ. किरण मदान ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “कविता एक सशक्त माध्यम है, जिसके द्वारा हम समाज के जटिल और महत्वपूर्ण मुद्दों को सरल और प्रभावी तरीके से व्यक्त कर सकते है | इस प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने विचारों को कविता के रूप में व्यक्त कर समाज में जागरूकता उत्पन्न करने का प्रयास किया है |”
खुशबू ने प्रतियोगिता की सराहना करते हुए कहा, यह आयोजन विद्यार्थियों को न केवल अपनी रचनात्मकता को व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है , बल्कि यह उन्हें सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर गहरे सोचने और उन्हें शब्दों के माध्यम से प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने की प्रेरणा भी देता है |
प्रतियोगिता के परिणामस्वरूप, कोमोनिका (कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया | प्रिया (गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज, गुरुग्राम ) ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया और निष्ठा (गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज, गुरुग्राम) और अलीशा (सनातन धर्म कॉलेज, अम्बाला कैंट) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया |
इस आयोजन की सफलता में राहुल, विकास, मोहित और पूजा की महत्वपूर्ण भूमिका रही | इस प्रतियोगिता के माध्यम से छात्रों में न केवल अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया, बल्कि देश के राजनीतिक परिदृश्य पर गंभीर विचार –विमर्श भी किया | इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि साहित्य और कला का संगम सामाजिक विषयों में जागरूकता और गहरी समझ को बढ़ाने में सहायक हो सकता है |

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