Friday, April 17, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में पांच दिवसीय जिला स्तरीय यूथ रेड क्रॉस प्रशिक्षण शिविर की विधिवत शुरुआत

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at November 21, 2022 Tags: , , , ,

प्रशिक्षण शिविर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी हरियाणा स्टेट ब्रांच चंडीगढ़ द्वारा प्रायोजित

16 महाविधालयों के 110 से अधिक एनएसएस कार्यकर्ताओं ने कराया पंजीकरण

युवा अपने सामाजिक कार्यों और दायित्वों में नशामुक्ति प्रकल्प भी शामिल करे: डॉ अशोक वर्मा

दुनिया का सबसे बड़ा स्वैच्छिक मानवतावादी संगठन है रेड क्रॉस: कुलबीर मलिक, सचिव रेड क्रॉस सोसाइटी पानीपत

युवाओं को दिलाई गई नशे से दूर रहने की शपथ

BOL PANIPAT , 21 नवम्बर,

एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में पांच दिवसीय जिला स्तरीय यूथ रेड क्रॉस प्रशिक्षण शिविर की विधिवत शुरुआत हुई जिसमे बतौर मुख्य अतिथि एवं की-नॉट स्पीकर राष्ट्रपति पुलिस मैडल से सम्मानित डॉ अशोक वर्मा सब-इंस्पेक्टर नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो हरियाणा रहे.अति-विशिष्ट मेहमान के तौर पर कुलबीर मलिक सचिव रेड क्रॉस सोसाइटी पानीपत एवं करनाल, विनोद कुमार डिप्टीसुपरइनटेंनडेंट रेड क्रोस एवं शिविर निदेशक, कला भारद्वाज प्रवक्ता रेड क्रॉस नर्सिंग पानीपत और राजपाल रेड क्रॉस सोसाइटी पानीपत ने कार्यक्रम में शिरकत की. 21-25नवम्बरतक चलने वालापांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविरइंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी हरियाणा स्टेट ब्रांच चंडीगढ़ द्वारा प्रायोजित है औरकैंप में पानीपत जिले के 16 महाविद्यालयों के 110 से अधिक एनएसएस कार्यकर्ता और अधिकारी भाग ले रहे है. सभीमेहमानों का स्वागत कॉलेज प्रधान पवन गोयल,प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, कॉलेज में एनएसएस एवं वाईआरसी प्रभारी डॉ राकेश गर्ग और डॉ संतोष कुमारी ने तुलसी-रोपित गमले भेंट कर किया. कैंप का थीम आत्मनिर्भर युवा, आत्मनिर्भर भारत है. प्रात: कालीन सत्र की शुरुआत प्रो अंजली के श्लोकोच्चारण, सौरभ की रेड क्रॉस सोसाइटी पर लिखी गई विस्तृत रिपोर्ट और याशिका द्वारा पढ़ी गई कविता से हुई.तत्पश्चातमाननीय मेहमानों रेड क्रॉस ध्वजारोहण समारोह में हिस्सा लिया.सांयकालीन सत्र में सामाजिक विषयों पर आधारित भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया औरपर्यावरण संरक्षण हेतू पौधारोपण भी किया गया .

विदित रहे की पांच दिवसीय इस प्रशिक्षण कैंप में युवा एनएसएस कार्यकर्ताओं को टीबी, मलेरिया, एचआईवी/एड्स, हिपेटाईटिस बी एवंसी, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, ग्लोबल वार्मिंग, राष्ट्रीय एकता, ड्रग डी-एडिक्शन, भ्रूण हत्या, वरिष्ठ नागरिक और हमारे दायित्व, स्वच्छ पेयजल, आपदा प्रबंधन, अंग दान, फर्स्ट ऐड, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, संतुलित भोजन और बिमारियों से बचाव, एनीमिया आदि जैसे विषयों पर विस्तृत और व्यवहारिक ज्ञान और प्रशिक्षण दिया जाएगा.शिविर में एनएसएस कार्यकर्ताओं और उनके साथ आये अधिकारियों को मानसिक और व्यक्तित्व के विकास हेतू टिप्स एवं प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन सभी एनएसएस कार्यकर्ताओं में एकजुटता के भाव पैदा करने में सहायक होगा.

डॉ अशोक कुमार वर्मा सब-इंस्पेक्टर नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो हरियाणा ने अपने की-नॉट संबोधन में युवा एनएसएस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सदा नशे से दूर रहेंगे और अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भी इससे दूर रखने में मदद करेंगे.कभी शौक के नाम पर तो कभी दोस्ती की आड़ में, कभी दुनियाँ के दुखों का बहाना करके, तो कभी कोई मज़बूरी बताकर,कभी टेंशन तो कभी बोरियत दूर करनेके लिए लोग शराब,सिगरेट,तम्बाकू, ड्रग्स आदि अनेक प्रकार के मादक द्रव्यों को लेना शुरू करते है. लेकिन नशा कब उनकी जिंदगी का हिस्सा बन जाता है उन्हें पता ही नहीं चलता और जब पता चलता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है. मुँह,गले व फेफड़ों का कैंसर, ब्लड प्रैशर,अल्सर,यकृत रोग,अवसाद एवं अन्य अनेक रोगों का मुख्य कारण विभिन्न प्रकार का नशा है. उन्होनें नशा छोड़ने के उपाय एवं उपचारों बारे भी विस्तार से बताया. हरियाणा सरकार की पहल पर अब स्कूलों और कालेजों में भी ‘धाकड़’ योजना की शुरुआत की गई है जिसमे कोई भी युवा छात्र निश्चिन्त होकर किसी भी नशे के कारोबारी और नशे का सेवन करने वाले की जानकारी दे सकता है.सूचनादेने वाले की जानकारी पूर्ण रूप से गुप्त रखी जाती है.हेल्पलाइन नंबर 90508-91508पर कोई भी युवा बिना किसी डर के सूचनादे सकता है. उन्होनें कहा कि युवाओंकोअपने सामाजिक कार्यों औरदायित्वों में नशामुक्ति प्रकल्प भी शामिल करना चाहिए.अंत में उन्होनें युवाओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई.

कुलबीर मलिक सचिव रेड क्रॉस सोसाइटी पानीपत एवं करनालने कहा कि किसी भी देश में कोई न कोई आपदा आती रहती है. जब भी किसी देश में कोई मुसीबत या परेशानी आती है तो उस देश की सरकार के द्वारा बचाव कार्य करके लोगों की जान बचाई जाती है. रेड क्रॉस भी ऐसे ही लोगों की सहायता करती है. रेड क्रॉस संस्था लोगों के खाने-पीने, चिकित्सा और उनके रहने की व्यवस्था करती है. किसी भी देश में मुसीबत के दौरान यह संस्था सामने आकर ज़्यादा से ज़्यादा मानव जीवन की रक्षा करती है. भारत में रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना 1920 में पार्लियामेंट्री एक्ट के दौरान की गई थी और आज भारत में रेड क्रॉस सोसाइटी की 700 से भी ज्यादा शाखाएं है. प्रशिक्षण कैंप में सभी कार्यकर्ता आपस में जीवंत संवाद करेंगे ऐसी उन्हें उम्मीद है. केवल मात्र सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए हमें एनएसएस को नहीं अपनाना चाहिए.

एसडी पीजी कॉलेज प्रधान पवन गोयल ने कहा कि कॉलेज चाहता है की आज के युवा जो कल का भविष्य है हर मायने में तंदुरस्त और सेहतमंद रहे और इसी प्रकार एनएसएस और रेड क्रॉस से जुड़ कर सामाजिक हित के कार्य करते रहे. रेड क्रॉस सोसाइटी और इसके कार्यकर्ता हर जगह और हर समय दृढ़ता और मेहनत से अपना काम करते रहेंगे ऐसी उनकी कामना है.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने रेड क्रॉस के बारे में बताते हुए कहा की मानवता को बचाने वाली सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय संस्था का नाम ही रेड क्रॉस है. रेड क्रॉस एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जिसे युद्ध में घायल होने वाले सैनिकों की सहायता के लिए बनाया गया था परन्तु आज इसका कार्य क्षेत्र और भी व्यापक हो गया है. इसका उद्देश्य मानव जीवन की रक्षा करना है चाहे वो युद्ध हो या अन्य आपदाएं. हेनरी ड्यूनेंट नामक व्यक्ति ने 1867 में इस संगठन की शुरुआत की थी.रेड क्रॉस मानवता की सेवा करने वाली सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय संस्था है उन्होनें सभी युवाओं से अपील की कि वे भी मानवता की सेवा करने का भाव खुद में पैदा करें. रेड क्रॉस से जुड़ा व्यक्ति सदेव अच्छे कार्य करता है जिससे उसे आत्मिक शान्ति प्राप्त होती है.रेड क्रॉस मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता और सार्वभौमिकता जैसे सिद्धांतो पर चलती है.विश्व मानवतावाद का दूसरा नाम रेड क्रॉसहै.

डॉ एसके वर्मा ने अपना व्याख्यान‘ जिला रेड क्रॉस ब्रांच द्वारा की जाने वाली समाज कल्याण की गतिविधियों में यूथ रेड क्रॉस कार्यकर्ताओं की भूमिका’ विषय पर दिया. उन्होनें कहा कि  एनएसएस कार्यकर्ताओं को चाहिए कि वे रेडक्रॉस के युवा क्लब से जुड़कर प्राथमिक उपचार एवं आपदा से निपटने का प्रशिक्षण समय रहते लेताकि समय पड़ने पर वे आम जन मानस का सहयोग कर सकें. कोई भी समाज या देश अकेले सरकार के प्रयासों से अपने लक्ष्यों को पूरी तरह प्राप्त नहीं कर सकता और ऐसे में सामाजिक संस्थाओं को समाज व देश के हित में पूरी शिद्दत से काम करने की जरूरत है. सामाजिक सेवा के प्रति समर्पण के लिए नई पीढ़ी के युवाओं को और प्रेरित करने की आवश्यकता है और यह शिविर उसी उद्देश्य का निर्वाह करेगा.रेडक्रॉस इस दिशा में अपने सामाजिक दायित्वों को सबसे बेहतर ढंग से निभा रहा है.

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