एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार ‘बचत, निवेश और वित्तीय जोखिम’ विषय पर एक दिवसीय सेमीनार का आयोजन
कृषा फाउंडेशन के मार्गदर्शन में ग्लोबल मनी वीक 2023 उत्सव को मनायाजा रहा
अच्छा लाभ हासिल करने के लिए पूंजी,उम्मीद,वक्त और मेहनत करना सबसे जरुरी: डॉ दीपिका अरोड़ा
BOL PANIPAT , 27 मार्च.
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में एमकॉम औरबीकॉमके छात्र-छात्राओं के लिए ‘बचत, निवेश और वित्तीय जोखिम’ विषय पर एक दिवसीय सेमीनार का आयोजन किया गया जिसे उच्चतर शिक्षा विभाग के निर्देशपर और कृषा फाउंडेशन के मार्गदर्शन में बतौर ग्लोबल मनी वीक 2023 के रूप में हरियाणा के कालेजों और विश्वविधालयों में मनाया जा रहा है. एक दिवसीय सेमीनार की मुख्य वक्ता डॉ दीपिका अरोड़ा प्राध्यापक वाणिज्य विभाग रही जिन्होनें विद्यार्थियों को बचत एवंनिवेश और इससे जुड़े वित्तीय जोखिमोंकेबारे मेंविस्तार से समझाया. उनके साथ वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष डॉ नवीन गोयल, डॉ पवन सिंगला और डॉ राकेश गर्ग ने सेमिनार में शिरकत की. सेमीनार में लगभग 200 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया.विदित रहे कि कृषा फाउंडेशन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज इन्वेस्टर प्रोटेक्शन फण्ड (बीएसई आईपीऍफ़) द्वारा अधिकृत एक पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट है जिसका कार्य और उद्देश्य आमजन तक बचत करने की प्रवृति को बढ़ाना और इसके लिए निवेशकों और जनसाधारण को तरीके सुझाना है. इसी कड़ी में 20 से 26 मार्च तक हरियाणा के कालेजों में ‘अपने पैसे के निवेश की योजना बनाए, अपना भविष्य संवारें’ विषयपर ग्लोबल मनी वीक मनाया जा रहा है.
डॉदीपिकाअरोड़ानेकहाकि हमें निवेश हमेशा भविष्य की संभावनाओं का आकलन करके करना चाहिए.आज किया गया निवेश भविष्य में मुसीबत के समयकाम आता है. निवेशक अपनीपूंजी,उम्मीद,वक्त और मेहनत अच्छा रिटर्न हासिल करने के लिए लगाता है.निवेश का मकसद पैसे कमाना और वक्त के साथ-साथ अपनी बचत का मूल्य बढ़ाना है. यह भविष्य में आय बनाने का भीएक तरीका है. निवेश कुछ भी हो सकता हैजैसे शेयर,बांड,म्यूचुअल फंड,कोई जमीन या प्लाट जो भविष्य में आय बनाकर दें. सफल होने के लिए निवेश को लेकर बुद्धिमता पूर्ण निर्णय लेने की जरूरत सर्वप्रथम है और इसके लिए हमें एक ऐसे वित्तीय सलाहकार की मदद लेनी चाहिए जो हमें निवेश का सही रास्ता बता सके. म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए बहुत अधिक ज्ञान, अनुभव और अनुशासन की आवश्यकता होती है. इस सेमिनार को आयोजित का उद्देश्य वित्तीय योजनाओं के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करना और वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए वित्तीय सलाह को प्रदान करना है. उन्होनें कहा कि कम जोखिम वाले निवेश के साधनबैंक, एलआईसी, बांडस, गवर्नमेंट सिक्योरिटी, जमीन एवंरियल एस्टेट, सोना औरचांदी, फिक्स्ड डिपॉजिट औरम्यूच्यूअल फण्डस,पोस्ट ऑफिस मेंजमा राशि,प्रोविडेंट फण्ड इत्यादिहै. अधिकजोखिम वाले निवेश के साधनों मेंकंपनी के शेयर, म्यूच्यूअल फण्डस, क्रिप्टो करेंसी, हेज फण्ड, इनवर्स एंड लिवरेज, प्राइवेट कंपनी में इन्वेस्टमेंट आदि शामिल है.
डॉ नवीन गोयल ने कहा कि अल्पकालिक निवेश से तात्पर्य एक साल या उससे कम समय के लिए किया गया निवेश हैं. इस निवेश से भीकमाई की जा सकती है औरछोटी-छोटी कमाई से बाद में निवेश बड़ा हो जाता है. मध्यमकालिक निवेश का अर्थएक साल से ज्यादा और 5साल से कम समय के लिए किए गए निवेश को कहते हैं. इसी तरह से दीर्घकालिक निवेश5सालों से ज्यादा वक्त के लिए किया जाता है और इस निवेश के विकल्प भी ज्यादा होते हैं.
डॉ राकेश गर्ग ने कहा कि निवेश भविष्य में बचत के लिहाज से किया जाता है और इसीलिए इसमें अनिश्चितता होती है. निवेश में जितना फायदा होता है उतना ही जोखिम भी होता है. इसलिए हमें निवेश सोच समझकर करना चाहिए. निवेश करने से पहले हमें जोखिम अच्छी तरह जान लेने चाहिए औरसाथ ही वित्तीय सलाहकार से भी जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए.

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