हमारा लक्ष्य केवल आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता को संतुष्टि देना प्रमुख है: उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया
जिले में 94 प्रतिशत शिकायतों का समाधान, प्रशासन की बड़ी उपलब्धि
जनता के बीच सरकार: समाधान शिविर बना भरोसे का नया मॉडल
शिकायतकर्ताओं ने रखी मुख्यमंत्री नायब सिंह के समक्ष अपनी शिकायते, कार्रवाई करने के निर्देश
समाधान शिविर में वर्चुअल रूप से दूसरी बार जुड़े मुख्यमंत्री नायब सिंह
BOL PANIPAT , 9 अप्रैल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह ने गुरुवार को प्रदेश भर में आयोजित किए जा रहे समाधान शिविरों की प्रगति जानने के लिए विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों से जुड़े शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सीधे सुनीं और अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान शिविर केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि यह सरकार की जवाबदेही और जनता के प्रति संवेदनशीलता का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। समाधान शिविर के दौरान मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से संवाद करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने हर व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुना और उसका समाधान तय समय सीमा में करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। सरकार का लक्ष्य केवल समस्याएं सुनना नहीं, बल्कि उनका स्थायी समाधान करना है।
उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया ने मुख्य मंत्री से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत करते हुए कहा कि इन शिविरों में सबसे अधिक समस्याएं फैमिली आईडी में आय संशोधन, राशन कार्ड बनवाने, बिजली और पेंशन से संबंधित सामने आती हैं। प्रशासन इन सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कर रहा है। डॉ विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि जिले में समाधान शिविरों के माध्यम से अब तक 94 प्रतिशत शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है, जो प्रशासन की प्रतिबद्धता और कार्यक्षमता का प्रमाण है। हमारा लक्ष्य केवल आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि हर शिकायतकर्ता को संतुष्टि देना है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप पूरा प्रशासन लगातार सक्रिय है और हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि शेष सभी समस्याओं का भी शीघ्र समाधान हो। ‘जीरो पेंडेंसी’ की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने समाधान शिविरों में पुलिस विभाग की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कानून व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। समाधान शिविरों के माध्यम से पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत किया जा रहा है। हर शिकायत की निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। हमारा उद्देश्य है कि जिले में कानून व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रहे और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण मिले। पुलिस विभाग हर नागरिक की समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
एडीसी अंकित चौकसे ने समाधान शिविरों की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बना रही है। समाधान शिविर प्रशासन और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का काम कर रहे हैं। हर शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर लिया जा रहा है और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी कार्यशैली का प्रमुख आधार है।
सीईओ डॉ किरण और डीडीपीओ राजेश शर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में समाधान शिविरों का व्यापक प्रभाव देखने को मिल रहा है। पंचायत स्तर पर समस्याओं का तेजी से समाधान किया जा रहा है, जिससे लोगों का प्रशासन पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को समाधान शिविर में पहुंचे शिकायतकर्ताओं ने अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। प्रार्थी सकीला ने राशन कार्ड बनवाने की समस्या रखी, वहीं आबिदा ने फैमिली आईडी में आय कम करवाने के लिए प्रशासन से अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने इन दोनों मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सामाजिक कार्यकर्ता रंजीता कौशिक ने बलाना गांव की 42 महिलाओं को 100-100 गज के प्लॉट दिलवाने के लिए अनुरोध किया, जिस पर प्रशासन ने तुरंत सर्वे करवाने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, मांडी गांव की एक महिला के 25 हजार रुपये के बिजली बिल को ठीक करवाने की मांग उन्होंने रखी, जिस पर भी त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
प्रार्थी यशपाल मलिक ने असंध पुल की मरम्मत के लिए प्रशासन से अनुरोध किया और पुल की जर्जर स्थिति के कारण होने वाले हादसों का उल्लेख किया। वहीं, कुराड निवासी राममेहर ने ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ योजना के तहत अपनी फसल का विवरण अपडेट करवाने का अनुरोध किया। समाधान शिविर में लगभग 14 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें फैमिली आईडी में संशोधन, अवैध कब्जे, बिजली बिल कम करवाने, पेंशन बनवाने और पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतें प्रमुख रहीं। प्रशासन द्वारा अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए।

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