स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की.
BOL PANIPAT : देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और ठाकुर रोशन सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर निर्मला देशपांडे संस्थान में शहीद दिवस के रूप में एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनके विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रगीत के साथ हुई। इसके पश्चात सभी उपस्थित जनों ने शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया। संस्थान के पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह दिन केवल इतिहास को याद करने का नहीं, बल्कि शहीदों के सपनों को साकार करने का संकल्प लेने का दिन है।
स्कूल की मुख्याध्यापिका पूजा सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और ठाकुर रोशन सिंह काकोरी कांड के ऐसे नायक थे, जिन्होंने हँसते-हँसते फांसी के फंदे को स्वीकार कर देश की आज़ादी की नींव को मजबूत किया। उन्होंने बताया कि इन तीनों शहीदों का जीवन त्याग, साहस और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है। वक्ताओं ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि अशफाक उल्ला खान और रामप्रसाद बिस्मिल की मित्रता हिंदू–मुस्लिम एकता की मिसाल है, जो आज के समय में भी उतनी ही प्रासंगिक है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों, युवाओं और स्वयंसेवकों द्वारा देशभक्ति गीत, क्रांतिकारी कविताएँ और भाषण प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और पूरा वातावरण देशभक्ति के रंग में रंग गया। कुछ वक्ताओं ने शहीदों की लिखी कविताओं और पत्रों के अंश भी पढ़े, जिससे उनके विचारों की गहराई को समझने का अवसर मिला।
निर्मला देशपांडे संस्थान के प्रतिनिधियों ने कहा कि संस्था हमेशा से राष्ट्रीय एकता, शांति, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सद्भाव के लिए कार्य करती रही है। उन्होंने कहा कि शहीद दिवस जैसे कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा देने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ईमानदारी, सेवा और भाईचारे के साथ कार्य करेंगे तथा देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए सदैव प्रयासरत रहेंगे। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।इस अवसर पर शिक्षाविद मधु यादव ,रोज़ी चावला ,सोनिया गर्ग ,कंचन डावर आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे ।
यह कार्यक्रम न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि था, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान से प्रेरणा लेने का सशक्त संदेश भी दे गया।

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