जितना जरूरी पानी का संचय-उतना ही जरूरी पौधारोपण–डॉक्टर गरिमा मित्तल
-जल शक्ति अभियान की नोडल ऑफिसर ने दूसरे दिन जिले के 6 स्थानो का किया निरीक्षण।
-स्वयं सहायता समूह व सामाजिक संस्थाओं ने भी सहयोग करने का लिया संकल्प।
-नोडल अधिकारी ने पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों को इस दिशा में और कार्य करने का दिया निर्देश
BOL PANIPAT , 4 अगस्त। भारत सरकार मे जल शक्ति अभियान की सेंट्रल नोडल ऑफिसर डॉक्टर गरिमा मित्तल (आईएएस) ने अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान रविवार को दूसरे दिन जिले के गांव बराना सहित पांच अन्य गांव में पंचायती राज द्वारा बनाए गए वाटर सप्लाई के तालाबों का दौरा किया व बारिश के ज्यादा से ज्यादा पानी को संचय कर उसका उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल की एक-एक बूंद हमारे लिए महत्व रखती है। चाहे बात खेती की हो या जीवन की हमें ज्यादा से ज्यादा मात्रा में जल का संचय करना चाहिए व जल को व्यर्थ नहीं बहाना चाहिए।
उन्होंने ग्रामीणों, स्वयं सहायता समूह और सामाजिक संस्थाओं को साथ लेकर जल शक्ति अभियान को और गति प्रदान करने के निर्देश दिए। अभियान के इस दौरान उन्होंने पांच स्थानों पर पौधारोपण किया व कहा कि पौधे आज के दौर में बहुत अहमियत रखते हैं। एक-एक व्यक्ति को कम से कम एक-एक पौधा लगाना चाहिए वह एक पौधा मां के नाम के अभियान में अपना हिस्सा जरूर रखना चाहिए। जब तक हर एक व्यक्ति एक पौधारोपण नहीं करेगा पर्यावरण संरक्षण नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि हमें पानी के संचय के साथ-साथ पौधारोपण भी ध्यान देने की आवश्यकता है। पौधों के बगैर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने पब्लिक हेल्थ के द्वारा बनाए गए वाटर वर्क्स का दौरा कर उसकी वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।
नोडल ऑफिसर ने कुराड गांव में रेगुलेटर की कार्य प्रणाली के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि यह रेगुलेटर किसानों के लिए कितना कारगर है इस पर सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता ने उन्हें विस्तार से उसके लाभों के बारे में जानकारी दी।
इस तीन दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने बबैल गांव में मशरूम फार्म का विजिट भी किया पानी की बचत करके कैसे अच्छी मशरूम तैयार कर सकते हैं के बारे में फार्म के संचालक से जानकारी ली। उन्होंने मशरूम की मार्केटिंग के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने मशरूम फार्मिंग को लेकर उनके द्वारा पानी की की जा रही बचत के बारे में लोगों को जागरूक करने का अनुरोध किया।
उन्होंने जुरासी खालसा में मनरेगा द्वारा बनाए गए पॉइंट्स की साइट का भी विजिट किया व किस तरह से लोग इसका लाभ ले रहे हैं के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली।
उन्होंने संत निरंकारी आश्रम में भी पानी संचय को लेकर किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली।
इस कार्यक्रम मे सेंट्रल नोडल ऑफिसर ने इसराना खंड के वजीरपुर टिटाना मे काडा द्वारा संचालित एमआई प्रोजेक्ट के बारे में विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली।
उन्होंने इसराना खंड के गांव पूठर मे बनाए गए पब्लिक हेल्थ के वाटर सिस्टम के फिल्टर बेड का निरीक्षण भी किया व किस तरह से यह कार्य करता है। बारिश के पानी को कैसे स्टोर करता है । इस बारे में अधिकारियों से जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों से जानने का प्रयास किया कि पब्लिक हेल्थ द्वारा दी जारी सप्लाई की कार्य प्रणाली से क्या ग्रामीण खुश है व इस पानी का इस्तेमाल वो पीने के लिए करते हैं या अन्य जरूरत के लिए करते हैं ।इस पर अधिकारियों ने बताया कि पीने के लिए पब्लिक हेल्थ का पानी उत्तम है व लोग इसका इस्तेमाल पीने के लिए करते हैं।
यहां पहुंचने पर ग्रामीणों द्वारा उनका स्वागत किया गया। इस मौके पर उनके साथ जिला परिषद की डिप्टी सीईओ कंचन, पब्लिक, पब्लिक हेल्थ के करण बहल, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेश सैनी, पब्लिक हेल्थ के एसडीओ वीरेंद्र दहिया, जेई राजेश, अटल भूजल से सूचना अधिकारी अमित कौशिक, सामाजिक कार्यकर्ता रंजीता कौशिक,
पब्लिक हेल्थ से जल जीवन मिशन के सलाहकार डॉक्टर सत्येंद्र टाया,अजय छोकर ,सरपंच सुमेर के अलावा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मौजूद रही। सभी स्थानों पर डॉक्टर गरिमा का पहुंचने पर बुके देकर के स्वागत किया गया। कई स्थानों पर उन्होंने महिलाओं से भी बात की वह पानी के संचय को लेकर उन्होंने महिलाओं को इसमें सहयोग करने की की अपील की।

Comments