पीएम विश्वकर्मा जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन
-कार्यक्रम में पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों को मिली योजनाओं की संपूर्ण जानकारी
-संस्थान द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में उद्यमिता का बढ़ा आत्मविश्वास
BOL PANIPAT , 27 फरवरी। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत एमएसएमई कार्यालय करनाल द्वारा गुरुवार को जीटी रोड़ स्थित महाराजा होटल में पीएम विश्वकर्मा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, बैंकिंग सुविधाओं, डिजिटल मार्केटिंग, उत्पाद पैकेजिंग तथा उद्यम विकास से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत संबोधन के साथ हुआ। संचालन करते हुए सहायक निदेशक मीतू सरोवा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और प्रतिभागियों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही सशक्तिकरण का पहला कदम है और सही जानकारी के माध्यम से कारीगर एवं उद्यमी आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
राज्य सरकार की औद्योगिक एवं प्रोत्साहन योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए जिला एमएसएमई केंद्र, पानीपत के संयुक्त निदेशक विकास जांगड़ा ने हरियाणा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उद्यम स्थापना, सब्सिडी एवं प्रोत्साहन संबंधी प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया।
अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम), पानीपत राजकुमार ने बैंकिंग ऋण, वित्तीय साक्षरता तथा ऋण आवेदन प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने लाभार्थियों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जुडऩे तथा समयबद्ध तरीके से ऋण आवेदन करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया।
डिजिटल युग में विपणन की भूमिका को रेखांकित करते हुए ‘डिजिटल द्रोणाचार्य’ की निदेशक सुश्री गौरी कपूर ने डिजिटल मार्केटिंग एवं उत्पाद पैकेजिंग पर विशेष सत्र लिया। उन्होंने प्रतिभागियों को ब्रांडिंग, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के उपयोग, आकर्षक पैकेजिंग और बाजार विस्तार की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया।
एमएसएमई योजनाओं की विस्तृत जानकारी उप निदेशक के. सी. मीणा ने प्रस्तुत की। उन्होंने मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं वित्तीय सहायता संबंधी प्रावधानों पर प्रकाश डाला और लाभार्थियों को इनका लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं समझाईं।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में कारीगरों और लाभार्थियों ने ऋण आवेदन, बैंकिंग समस्याओं, टूलकिट वितरण, प्रशिक्षण प्रक्रिया तथा अन्य योजनागत विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे। संबंधित अधिकारियों ने सभी जिज्ञासाओं का संतोषजनक समाधान किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कारीगरों एवं उद्यमियों की सहभागिता रही, जिससे क्षेत्र में उद्यमिता को नया उत्साह मिला।

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