रेडक्रॉस की पहचान सेवा, संवेदना और मानवता से जुड़ी संस्था के रूप में है, इसको और आगे लेकर जाए: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
रेडक्रॉस की गतिविधियों को व्यापक स्तर पर ले जाएं, हर कार्यक्रम का हो प्रभावी प्रचार
ज्यादा से ज्यादा कैंप लगाकर लोगों को करें जागरूक
जरूरतमंद लोगों को योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक लाभ करें प्रदान
BOL PANIPAT , 12 अगस्त। जिला रेडक्रॉस सोसायटी की गतिविधियों, आगामी कार्यक्रमों और विभिन्न सामाजिक एवं स्वास्थ्य परियोजनाओं की समीक्षा को लेकर बुधवार को जिला सचिवालय सभागार में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा संचालित सभी कार्यक्रमों को योजनाबद्ध तरीके से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए। केवल कार्यक्रम आयोजित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका व्यापक प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि जरूरतमंद लोगों को योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।

उपायुक्त ने कहा कि जिला रेडक्रॉस सोसायटी सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। रक्तदान, प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण, नशा मुक्ति जागरूकता, एचआईवी रोकथाम, सडक़ सुरक्षा, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम तथा अन्य जनहित गतिविधियों को और प्रभावी बनाने की जरूरत है। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वर्षभर के कार्यक्रमों का स्पष्ट शेड्यूल तैयार कर उसी के अनुसार कार्य किया जाए, ताकि किसी भी गतिविधि में अनावश्यक देरी न हो और प्रत्येक कार्यक्रम का अपेक्षित परिणाम सामने आए। बैठक के दौरान उपायुक्त ने एचआईवी संक्रमण के संभावित क्षेत्रों को लेकर भी विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने प्रोजेक्ट मैनेजर सुदेश से एचआईवी संबंधी परियोजना के महत्वपूर्ण बिंदुओं, लक्षित समूहों, जागरूकता गतिविधियों और अब तक किए गए कार्यों की अपडेट ली। उपायुक्त ने पूछा कि किन क्षेत्रों में अधिक जागरूकता की आवश्यकता है और वहां तक स्वास्थ्य एवं परामर्श संबंधी सेवाएं किस प्रकार पहुंचाई जा रही हैं। प्रोजेक्ट मैनेजर ने विस्तार से जानकारी दी व एच आई वी के बढ़ते मरीजों पर प्रकाश डाला।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि एचआईवी की रोकथाम के लिए केवल सामान्य जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित न रहते हुए संभावित क्षेत्रों और लक्षित समूहों पर विशेष ध्यान दिया जाए। संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाए तथा उनकी प्रगति की समय-समय पर समीक्षा की जाए। बैठक में नशा मुक्ति और पॉक्सो एक्ट और नशा मुक्ति अभियान को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त डॉ हरीश ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण हथियार है। युवाओं, विद्यार्थियों और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने रेडक्रॉस की टीम को पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पॉक्सो एक्ट से संबंधित जागरूकता को लेकर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षित-असुरक्षित व्यवहार तथा सहायता प्राप्त करने के माध्यमों के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। संबंधित गतिविधियों को भी निर्धारित शेड्यूल के अनुसार आयोजित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में जिला रेडक्रॉस सोसायटी के वर्ष 2026-27 के गतिविधि कैलेंडर की भी समीक्षा की गई। इसमें स्वैच्छिक रक्तदान शिविर, प्रोफेशनल फर्स्ट एड ट्रेनिंग, औद्योगिक संस्थानों में प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, सडक़ सुरक्षा रैलियां, नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम तथा विभिन्न सामाजिक अवसरों पर रक्तदान शिविर आयोजित करने की योजना शामिल है। उपायुक्त डॉ हरीश ने कहा कि रेडक्रॉस के कार्यक्रमों में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए सामाजिक संस्थाओं, औद्योगिक इकाइयों, शिक्षण संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों को भी जोड़ा जाए। प्रत्येक कार्यक्रम का उद्देश्य स्पष्ट हो और उसकी उपलब्धियों का प्रभावी प्रचार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग प्रेरित होकर इन जनहित गतिविधियों से जुड़ सकें।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि रेडक्रॉस की पहचान सेवा, संवेदना और मानवता से जुड़ी संस्था के रूप में है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि सोसायटी द्वारा किए जा रहे प्रत्येक कार्य का लाभ वास्तविक जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता, नियमितता और प्रभावी प्रचार-प्रसार पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। एचआईवी रोकथाम, नशा मुक्ति, बच्चों की सुरक्षा, रक्तदान और प्राथमिक चिकित्सा जैसे विषय सीधे तौर पर समाज के हित से जुड़े हैं। इसलिए इन क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से निरंतर कार्य करने की आवश्यकता है।
सोसायटी के सचिव गौरव रामकरण ने उपायुक्त को आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार आगामी गतिविधियों को और व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोसायटी का प्रयास रहेगा कि प्रत्येक कार्यक्रम निर्धारित शेड्यूल के अनुसार आयोजित हो और उसकी जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। रक्तदान, फ़र्स्ट एड ट्रेनिंग, एचआईवी जागरूकता, नशा मुक्ति और बच्चों की सुरक्षा जैसे विषयों पर जनभागीदारी बढ़ाकर बेहतर परिणाम हासिल किए जाएंगे। बैठक में सीईओ डॉ. किरण, सचिव गौरव रामकरण, प्रोजेक्ट मैनेजर सुदेश, प्रशिक्षण अधिकारी हरमेश, डीटीओ डॉ नीरज जिंदल, सहायक गुरजीत कौर, डॉक्टर पूजा सहित जिला रेडक्रॉस सोसायटी के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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